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सम्मान निधि : पात्रों और अपात्रों की होगी जांच, चस्पा होगी सूची
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्रों और अपात्रों की जांच होगी। इसके लिए ग्राम पंचायतवार लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और कृषि विभाग के एक कर्मी को शामिल कर टीम गठित की गई है। इनके द्वारा सोशल ऑडिट कर गांव के सार्वजनिक स्थानों पर जहां सूची चस्पा की जाएगी, वहीं इसे पढ़कर ग्रामीणों को सुनाया भी जाएगा, जिससे पात्रों और अपात्रों की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा सके।
जिले में करीब चार लाख 16 हजार किसान हैं, जो करीब दो लाख से अधिक हेक्टेयर खेती योग्य भूमि पर अनाज और सब्जियों का उत्पादन करते हैं। इसमें से करीब चार लाख आठ हजार किसान योजना के पात्र बनाए गए थे। लेकिन इसमें कई किसान ऐसे मिले जो आयकरदाता, पेंशनभोगी, डॉक्टर अथवा जिनकी दो हेक्टेयर से अधिक भूमि हैं। वहीं ऐसे किसान जिनके परिवार में दो लोगों को योजना का लाभ मिल रहा है। ऐसे किसानों को चिन्हित कर अपात्र घोषित करने के लिए शासन की ओर विभिन्न ब्लाकों के विभिन्न ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया था। इसको लेकर कृषि विभाग की ओर से लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और विभाग के एक कर्मचारी को शामिल कर टीम गठित की गई है। इनके द्वारा गांव में पहुंचकर सार्वजनिक स्थानों पर योजना के पात्रों की सूची चस्पा की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को पढ़कर सुनाया भी जाएगा, जिससे ग्रामीणों द्वारा पात्रों और अपात्रों की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद टीम द्वारा रिपोर्ट तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे शासन के पास भेजा जाएगा। इसके बाद अपात्रों को योजना से हटाने का काम होगा। वहीं वंचित पात्रों को योजना से जोड़ने का भी काम होगा।
प्रारूप एक पर भरा जाएगा विवरण
गाजीपुर। ऐसे पात्रों का विवरण प्रारूप एक पर भरा जाएगा। इसमें उन्हीं लोगों का विवरण भरा जाएगा, जिनके पिता की मृत्यु हो चुकी है और वारिस है और वे योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसके बाद सहज जनसेवा केंद्र से इसे ऑनलाइन किया जाएगा। साथ ही ऐसे पात्रों की भी तलाश की जाएगी, जिनकी आधार और खाता संख्या गलत दर्ज हो गया है।
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जिले मे सोशल ऑडिट से पीएम किसान के पात्रों और अपात्रों की जांच होगी। इसको लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। टीम द्वारा गांव के सार्वजनिक स्थानों पर सूची चस्पा करने के साथ ग्रामीणों को पढ़कर सुनाया भी जाएगा, जिससे पात्रों और अपात्रों का पता लग सके। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।- मृत्युंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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जिले में करीब चार लाख 16 हजार किसान हैं, जो करीब दो लाख से अधिक हेक्टेयर खेती योग्य भूमि पर अनाज और सब्जियों का उत्पादन करते हैं। इसमें से करीब चार लाख आठ हजार किसान योजना के पात्र बनाए गए थे। लेकिन इसमें कई किसान ऐसे मिले जो आयकरदाता, पेंशनभोगी, डॉक्टर अथवा जिनकी दो हेक्टेयर से अधिक भूमि हैं। वहीं ऐसे किसान जिनके परिवार में दो लोगों को योजना का लाभ मिल रहा है। ऐसे किसानों को चिन्हित कर अपात्र घोषित करने के लिए शासन की ओर विभिन्न ब्लाकों के विभिन्न ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया था। इसको लेकर कृषि विभाग की ओर से लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और विभाग के एक कर्मचारी को शामिल कर टीम गठित की गई है। इनके द्वारा गांव में पहुंचकर सार्वजनिक स्थानों पर योजना के पात्रों की सूची चस्पा की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को पढ़कर सुनाया भी जाएगा, जिससे ग्रामीणों द्वारा पात्रों और अपात्रों की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद टीम द्वारा रिपोर्ट तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे शासन के पास भेजा जाएगा। इसके बाद अपात्रों को योजना से हटाने का काम होगा। वहीं वंचित पात्रों को योजना से जोड़ने का भी काम होगा।
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प्रारूप एक पर भरा जाएगा विवरण
गाजीपुर। ऐसे पात्रों का विवरण प्रारूप एक पर भरा जाएगा। इसमें उन्हीं लोगों का विवरण भरा जाएगा, जिनके पिता की मृत्यु हो चुकी है और वारिस है और वे योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसके बाद सहज जनसेवा केंद्र से इसे ऑनलाइन किया जाएगा। साथ ही ऐसे पात्रों की भी तलाश की जाएगी, जिनकी आधार और खाता संख्या गलत दर्ज हो गया है।
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जिले मे सोशल ऑडिट से पीएम किसान के पात्रों और अपात्रों की जांच होगी। इसको लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। टीम द्वारा गांव के सार्वजनिक स्थानों पर सूची चस्पा करने के साथ ग्रामीणों को पढ़कर सुनाया भी जाएगा, जिससे पात्रों और अपात्रों का पता लग सके। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।- मृत्युंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी।