UP: मरदह-भदौरा के अनुपस्थित 16 स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोका, CMO साक्ष्य के साथ मांगा स्पष्टीकरण
गाजीपुर में सीएम की यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने नदारद रहने वाले कर्मचारियों से जवाब भी मांगा है। सीएम ने कहा कि काम में लापरवाही अक्षम्य होगी।
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सीएमओ डाॅ. एसके पांडेय ने मरदह और भदौरा के अनुपस्थित करीब 16 कर्मियों का एक दिन का वेतन रोक दिया। नदारद रहने वाले संबंधित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा।
साथ ही साक्ष्य के साथ जवाब देने का निर्देश दिया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने ऐसे कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया।
जिले के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में स्थापित सीएचसी-पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के नदारद रहने पर मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। ऐसे में अमर उजाला ने जिले के अधिकतर सीएचसी व पीएचसी का लाइव किया गया, जिसमें 10:30 बजे तक डॉक्टर व कर्मी नहीं पहुंचे थे। उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी गए थे।
कार्रवाई से हड़कंप
इसमें भदौरा और मरदह सीएचसी पर यह स्थिति सामने आई थी। अमर उजाला ने बीते 22 अप्रैल को पेज दो पर ‘10:30 बजे तक नहीं पहुंचे डॉक्टर व कर्मचारी, उपस्थिति रजिस्टर में हो गए हस्ताक्षर’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
23 अप्रैल को पेज तीन पर ‘सीएचसी में 10:30 बजे तक नहीं पहुंचे डॉक्टर व कर्मी’ और 24 अप्रैल को पेज चार पर ‘10 बजे पहुंचे डॉक्टर, दवा वितरण केंद्र पर लटका रहा ताला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। 28 अप्रैल को पेज पांच पर ‘जन आरोग्य मेले में हो रही सिर्फ खानपूर्ति, एक बजे के बाद लटक रहा ताला’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी।
सीएमओ डॉ. एसके पांडेय ने बताया कि नदारद रहने वाले और समय से अस्पताल न पहुंचने वाले डॉक्टरों एवं कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। साक्ष्य के साथ जवाब न देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।