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गंगा की कटान की आशंका से सहमे
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 15 Aug 2016 01:19 AM IST
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गंगा की कटान की आशंका से सहमे
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कई दिनों तक उफनाने के बाद गंगा का जलस्तर रविवार को घटने लगा। धीमी रफ्तार से घटाव होने के कारण जहां लोगों ने राहत की सांस ली है वहीं पानी घटने पर कटान का खतरा बढ़ गया है। प्रभावित क्षेत्र के लोगों की परेशानी इस बात को लेकर बढ़ गई है कि पानी घटने से कटान तय है। इससे लोगों में डर का माहौल है। रविवार को गंगा खतरा के निशान से नीचे उतर गई। एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर में घटाव हो रहा है।
पानी घटने की रफ्तार धीमी होने से अभी भी जहां ग्रामीण क्षेत्रों के कई इलाके पानी से घिरे हैं, वहीं सड़कों पर गंगा का बहाव होने से आवागमन ठप है। तटवर्ती इलाकों के लोग इस बात से चिंतित हैं कि अगर फिर से बढ़ोत्तरी का क्रम शुरू हुआ तो गंगा भारी तबाही मचाएंगी। रविवार को जलस्तर 62.810 मीटर दर्ज किया गया।पिछले एक सप्ताह से गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही थी। इसी क्रम में शुक्रवार को गंगा खतरे के निशान को पार करते हुए तटवर्ती इलाकों में घुस गई।
कई गांव जहां बाढ़ के पानी से घिर गए, वहीं खेत पानी में डूब गए। पानी भरने से कई मार्गों पर आवागमन ठप हो गया। शनिवार को गंगा के जलस्तर में कमी शुरु होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। केंद्रीय जल आयोग के हरिनाथ ने बताया कि रविवार को गंगा खतरा के निशान से नीचे आ गई। एक सेंटी मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर में कमी जारी रहा।सुहवल संवाददाता के अनुसार गंगा में भले ही घटाव शुरू हो गया है, लेकिन अभी भी कासिमपुर, डुहियां, बहलोलपुर, सरैया, गरूआ मकसूदपुर, देवा बैरनपुर, युवराजपुर, बवाड़ा, कालूपुर, पटकनियां, घाटमपुर, गणहा छानबे, रामपुर, मेदिनीपुर, कल्यानपुर आदि तटवर्ती आबादी वाले इलाकों में अभी भी गंगा का पानी तेजी से फैल रहा है।
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बहलोलपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-24 के किनारे महुआ बाबा का मंदिर, डुहियां गंगा नदी के किनारे स्थित मजार, गरूआ मकसूदपुर गंगा तट किनारे अंत्येष्टि स्थल सहित अन्य मंदिर एवं मठ पानी से घिरे हुए हैं। रेवतीपुर से होकर नगदीलपुर-कामाख्या-गहमर मुख्य मार्ग, हसनपुरा-रेवतीपुर मार्ग , हसनपुरा-वीरपुर मार्ग, नसीरपुर-रेवतीपुर मार्ग, रेवतीपुर-रामपुर मार्ग, पकड़ी-डेढगावां रेवतीपुर बाईपास मार्ग, रेवतीपुर-टौंगा संपर्क मार्ग सहित अन्य कई मार्गों पर बाढ़ के पानी के चलते आवागमन अभी भी बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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पानी घटने की रफ्तार धीमी होने से अभी भी जहां ग्रामीण क्षेत्रों के कई इलाके पानी से घिरे हैं, वहीं सड़कों पर गंगा का बहाव होने से आवागमन ठप है। तटवर्ती इलाकों के लोग इस बात से चिंतित हैं कि अगर फिर से बढ़ोत्तरी का क्रम शुरू हुआ तो गंगा भारी तबाही मचाएंगी। रविवार को जलस्तर 62.810 मीटर दर्ज किया गया।पिछले एक सप्ताह से गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही थी। इसी क्रम में शुक्रवार को गंगा खतरे के निशान को पार करते हुए तटवर्ती इलाकों में घुस गई।
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कई गांव जहां बाढ़ के पानी से घिर गए, वहीं खेत पानी में डूब गए। पानी भरने से कई मार्गों पर आवागमन ठप हो गया। शनिवार को गंगा के जलस्तर में कमी शुरु होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। केंद्रीय जल आयोग के हरिनाथ ने बताया कि रविवार को गंगा खतरा के निशान से नीचे आ गई। एक सेंटी मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर में कमी जारी रहा।सुहवल संवाददाता के अनुसार गंगा में भले ही घटाव शुरू हो गया है, लेकिन अभी भी कासिमपुर, डुहियां, बहलोलपुर, सरैया, गरूआ मकसूदपुर, देवा बैरनपुर, युवराजपुर, बवाड़ा, कालूपुर, पटकनियां, घाटमपुर, गणहा छानबे, रामपुर, मेदिनीपुर, कल्यानपुर आदि तटवर्ती आबादी वाले इलाकों में अभी भी गंगा का पानी तेजी से फैल रहा है।
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बहलोलपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-24 के किनारे महुआ बाबा का मंदिर, डुहियां गंगा नदी के किनारे स्थित मजार, गरूआ मकसूदपुर गंगा तट किनारे अंत्येष्टि स्थल सहित अन्य मंदिर एवं मठ पानी से घिरे हुए हैं। रेवतीपुर से होकर नगदीलपुर-कामाख्या-गहमर मुख्य मार्ग, हसनपुरा-रेवतीपुर मार्ग , हसनपुरा-वीरपुर मार्ग, नसीरपुर-रेवतीपुर मार्ग, रेवतीपुर-रामपुर मार्ग, पकड़ी-डेढगावां रेवतीपुर बाईपास मार्ग, रेवतीपुर-टौंगा संपर्क मार्ग सहित अन्य कई मार्गों पर बाढ़ के पानी के चलते आवागमन अभी भी बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।