सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क सुरक्षा के 12 बिदुओं पर समीक्षा की गई। एआरटीओ व पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई लक्ष्य निर्धारण करते हुए एआरटीओ श्रीराम सिंह ने बताया कि इस वर्ष 19 प्रतिशत तक सड़क दुर्घनाएं कम हुई हैं। जिलाधिकारी ने दुर्घटनाओं में कमी लाए जाने संबंधी कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया। सड़क दुर्घटना कम करने के लिए अभियांत्रिक प्रयास, जन जागरुकता एवं यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन कराने को कहा। ब्लैक स्पाट (ऐसे स्थल जहां एक वर्ष के अंदर दुर्घटना में पांच से अधिक जान गई हो) के संबंध में एआरटीओ द्वारा बताया गया कि जनपद में पांच ब्लैक स्पाट चिन्हित किए गए हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने ऐसे स्थलों पर सड़क सुरक्षा संबंधित बोर्ड, रबलिंग, स्ट्रिप, रिफ्लेक्टिंग कलर लगवाने का निर्देश दिया। साथ ही जहां-जहां सड़क पर छुट्टा पशुओं का आवागमन ज्यादा है, उस स्थल को चिन्हित करते हुए एनएचआई को सूचित करने को कहा। जिलाधिकारी ने वाहनों के चेंकिग की योजना बनाकर कम से कम चेंकिग का प्रभाव अधिक से अधिक लोगों पर पड़े। इसके अतिरिक्त बैठक में माल वाहनों में ओवरलोडिंग, निर्धारित क्षमता से अधिक व्यक्तियों को बैठाकर उनका संचालन करने, नशे में वाहनों को चलाने, वाहन चलाते समय मोबाईल का उपयोग करने, हेलमेट व सीट बेल्ट न लगाने, हिट एंड रन दुर्घटना मामले में उन पर की गयी कार्रवाई की जानकारी ली। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय, बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. डीपी सिन्हा, विद्यालय प्रबंध एवं वाहन स्वामी उपस्थित थे।