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अब तक 36 काश्तकारों से कराई गई रजिस्ट्री
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सिंचाई विभाग की ओर से गंगा नदी के किनारे कराए जा रहे कटान निरोधक कार्य अब लगभग पूरा होने के कगार पर है। विभाग द्वारा अब काश्तकारों से उनकी भूमि अधिग्रहित कर रजिस्ट्री का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। अधिशासी अभियंता विभाग द्वारा अधिकृत जिलेदार सर्वे सिंचाई निर्माण खंड वाराणसी महेश चंद्र त्रिपाठी द्वारा अब तक करीब 36 रजिस्ट्री प्रदेश के राज्यपाल के नाम पर कराई जा चुकी है।
जिलाधिकारी द्वारा नामित कमेटी द्वारा प्रत्येक जमीन का दर तय किया है। इसके मुताबिक हीखरीद हो रही है। सहायक अभियंता फूलचंद ने बताया कि गंगा तट के किनारे क्षेत्र में हो रहे कटान को रोकने के लिए एक किलोमीटर से अधिक बोल्डर का कार्य किया गया। इसमें सिंचाई विभाग द्वारा किए गए कार्य में काश्तकारों की भूमि ली गई है। इसके सापेक्ष रजिस्ट्री का कार्य शुरू हो गया है और काश्तकारों को धनराशि भी उनके खाते में भेजी जा रही है। बताया कि विभाग द्वारा अधिकृत जिलेदार के माध्यम से जमीन प्रदेश के राज्यपाल के नाम रजिस्ट्री हो रही है। अब तक 36 काश्तकारों से जमीन रजिस्ट्री कराई गई है। प्रभारी उपनिबंधक जमानिया अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा नामित कमेटी द्वारा निर्धारित दर के अनुसार भूमि अधिग्रहण कर पंजीयन किया जा रहा है। अब तक 36 काश्तकारों पंजीयन हो चुका है। इस पंजीयन में स्टांप डियूटी नहीं लगती है। सिर्फ एक प्रतिशत पंजीयन शुल्क लग रहा है। इससे काश्तकारों में हर्ष व्याप्त है।
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जिलाधिकारी द्वारा नामित कमेटी द्वारा प्रत्येक जमीन का दर तय किया है। इसके मुताबिक हीखरीद हो रही है। सहायक अभियंता फूलचंद ने बताया कि गंगा तट के किनारे क्षेत्र में हो रहे कटान को रोकने के लिए एक किलोमीटर से अधिक बोल्डर का कार्य किया गया। इसमें सिंचाई विभाग द्वारा किए गए कार्य में काश्तकारों की भूमि ली गई है। इसके सापेक्ष रजिस्ट्री का कार्य शुरू हो गया है और काश्तकारों को धनराशि भी उनके खाते में भेजी जा रही है। बताया कि विभाग द्वारा अधिकृत जिलेदार के माध्यम से जमीन प्रदेश के राज्यपाल के नाम रजिस्ट्री हो रही है। अब तक 36 काश्तकारों से जमीन रजिस्ट्री कराई गई है। प्रभारी उपनिबंधक जमानिया अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा नामित कमेटी द्वारा निर्धारित दर के अनुसार भूमि अधिग्रहण कर पंजीयन किया जा रहा है। अब तक 36 काश्तकारों पंजीयन हो चुका है। इस पंजीयन में स्टांप डियूटी नहीं लगती है। सिर्फ एक प्रतिशत पंजीयन शुल्क लग रहा है। इससे काश्तकारों में हर्ष व्याप्त है।
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