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रेल रोको कार्यक्रम में मोदी-योगी के खिलाफ जमकर गरजे प्रदर्शनकारी
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गाजीपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मंहगाई, रसोई गैस सिलिंडर, सरसों तेल, डीजल-पेट्रोल की कीमतों और लखीमपुर में किसानों की हत्या के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी सहित अन्य मांगों को लेकर गाजीपुर सिटी स्टेशन और दिलदारनगर जंक्शन पर रेल रोको कार्यक्रम के तहत मार्च किया।
सिटी स्टेशन के पास कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि योगी-मोदी सरकार अंग्रेजी हुकूमत के जमाने के बने काले कानूनों के जरिए लोकतांत्रिक जनांदोलनों का दमन कर रही है। संविधान ने हमें शांतिपूर्ण आंदोलन का जो अधिकार दिया है, सरकार उन अधिकारों का गला घोटने पर उतारू है। शिक्षा स्वास्थ्य से लेकर सरकारी क्षेत्रों को मोदी सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों के हाथों बेच रही है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास... के नारे के साथ आई सरकार मजदूरों की रोजी-रोटी छीनकर, बेरोजगार युवाओं की फौज खड़ी कर रही है। साथ ही सरकारी पदों को समाप्त कर अडानी, अंबानी समेत कारपोरेट घरानों के फायदे के लिए काम कर रही है। अब 130 करोड़ लोगों का अन्न उपजाकर पेट भरने वाले किसानों की खेती हड़पने के तीन काले कृषि कानूनों को ला रही है और एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने से बच रही है।
कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष जनार्दन राम, प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक राजेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह, सीपीआई जिला सचिव अमेरिका यादव, भाकपा (माले) जिला सचिव रामप्यारे राम, योगेंद्र भारती, मुहम्मद नसीरुद्दीन, रामदरश और योगेंद्र यादव आदि ने संबोधित किया।
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इधर, दिलदारनगर जंक्शन पर पुलिस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई। हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया। प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेता और किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान कार्यकर्ता दिलदारनगर बाजार में मार्च करते हुए फाटक पहुंचे और पुलिस से धक्कामुक्की करते हुए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ने की कोशिश की। वहां पहले से तैनात जीआरपी, आरपीएफ सहित स्थानीय पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और वाहनों में भरकर थाने ले गए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि अजय मिश्र के मंत्री रहते लखीमपुर के किसानों को न्याय नहीं मिल सकता। उनको केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जाए। अगर तत्काल नहीं हटाया गया तो आगे और बड़ा निर्णायक आंदोलन होगा। बताया कि आंदोलन की अगली कड़ी में 26 अक्तूबर को लखनऊ में किसान पंचायत होगी। यहां आंदोलन में विजय नरायन, राम प्रवेश कुशवाहा, मुराली बनवासी, लालजी बनवासी, सदानंद कुशवाहा, रोहित बिंद, गोरख राजभर, बच्चेलाल राम और श्याम प्यारी आदि उपस्थित रहे।
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सिटी स्टेशन के पास कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि योगी-मोदी सरकार अंग्रेजी हुकूमत के जमाने के बने काले कानूनों के जरिए लोकतांत्रिक जनांदोलनों का दमन कर रही है। संविधान ने हमें शांतिपूर्ण आंदोलन का जो अधिकार दिया है, सरकार उन अधिकारों का गला घोटने पर उतारू है। शिक्षा स्वास्थ्य से लेकर सरकारी क्षेत्रों को मोदी सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों के हाथों बेच रही है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास... के नारे के साथ आई सरकार मजदूरों की रोजी-रोटी छीनकर, बेरोजगार युवाओं की फौज खड़ी कर रही है। साथ ही सरकारी पदों को समाप्त कर अडानी, अंबानी समेत कारपोरेट घरानों के फायदे के लिए काम कर रही है। अब 130 करोड़ लोगों का अन्न उपजाकर पेट भरने वाले किसानों की खेती हड़पने के तीन काले कृषि कानूनों को ला रही है और एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने से बच रही है।
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कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष जनार्दन राम, प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक राजेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह, सीपीआई जिला सचिव अमेरिका यादव, भाकपा (माले) जिला सचिव रामप्यारे राम, योगेंद्र भारती, मुहम्मद नसीरुद्दीन, रामदरश और योगेंद्र यादव आदि ने संबोधित किया।
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इधर, दिलदारनगर जंक्शन पर पुलिस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई। हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया। प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेता और किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान कार्यकर्ता दिलदारनगर बाजार में मार्च करते हुए फाटक पहुंचे और पुलिस से धक्कामुक्की करते हुए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ने की कोशिश की। वहां पहले से तैनात जीआरपी, आरपीएफ सहित स्थानीय पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और वाहनों में भरकर थाने ले गए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि अजय मिश्र के मंत्री रहते लखीमपुर के किसानों को न्याय नहीं मिल सकता। उनको केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जाए। अगर तत्काल नहीं हटाया गया तो आगे और बड़ा निर्णायक आंदोलन होगा। बताया कि आंदोलन की अगली कड़ी में 26 अक्तूबर को लखनऊ में किसान पंचायत होगी। यहां आंदोलन में विजय नरायन, राम प्रवेश कुशवाहा, मुराली बनवासी, लालजी बनवासी, सदानंद कुशवाहा, रोहित बिंद, गोरख राजभर, बच्चेलाल राम और श्याम प्यारी आदि उपस्थित रहे।