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Ghazipur News: चकबंदी विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन, नारेबाजी
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मरदह। रायपुर बाघपुर गांव के किसानों ने रविवार को ग्राम पंचायत कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गांव में चकबंदी चल रही है। इसमें विभाग की ओर से चकबंदी अधिनियम-नियमावली को नजर अंदाज करके छोटे किसानों का पांच-पांच, छह-छह चक बनाया गया है। एक ही सेक्टर में दो से तीन चक बनाए गए हैं।
कास्तकारों ने बताया कि जनहित के विपरीत व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने की नीयत से गांव में आवश्यकतानुसार चकरोड़, सिंचाई के लिए नाली, होलिका दहन, कुम्हारों के लिए मिट्टी के लिए जमीन, हाॅस्पिटल, स्टेडियम, विवाह घर एवं पशु शवदाह के लिए जमीन आरक्षित नहीं की गई है। गांव के अधिकांश भागों में चकरोड, खड़ंजा, नाली, नाला की आवश्यकता है। कहा कि इसकी जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई के लिए चकबंदी विभाग के अधिकारियों को बार-बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया लेकिन इसके बाद भी कोई सुधि लेने वाला नहीं है। समाजसेवी सीताराम पांडेय ने बताया कि गांव में चकबंदी चल रही है जिसमें 40 प्रतिशत गांव का कब्जा परिवर्तन चकों का नहीं किया गया है। बिना कब्जा परिवर्तन कराए बंदोबस्त जमा करना न्यायहित में नहीं है। इसका शिकायती पत्र तहसील दिवस में कासिमाबाद में दिया गया है। जल्द ही जिलाधिकारी, प्रदेश के मुख्य सचिव, चकबंदी आयुक्त, चकबंदी निदेशक एवं मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपकर एसआईटी जांच की मांग की जाएगी। इस मौके पर दिनेश, रामजन्म, सुरेंद्र, विजयी, रमाशंकर, शंकर, घनश्याम आदि मौजूद थे। चकबंदी लेखपाल संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले को संज्ञान में लेकर जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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कास्तकारों ने बताया कि जनहित के विपरीत व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने की नीयत से गांव में आवश्यकतानुसार चकरोड़, सिंचाई के लिए नाली, होलिका दहन, कुम्हारों के लिए मिट्टी के लिए जमीन, हाॅस्पिटल, स्टेडियम, विवाह घर एवं पशु शवदाह के लिए जमीन आरक्षित नहीं की गई है। गांव के अधिकांश भागों में चकरोड, खड़ंजा, नाली, नाला की आवश्यकता है। कहा कि इसकी जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई के लिए चकबंदी विभाग के अधिकारियों को बार-बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया लेकिन इसके बाद भी कोई सुधि लेने वाला नहीं है। समाजसेवी सीताराम पांडेय ने बताया कि गांव में चकबंदी चल रही है जिसमें 40 प्रतिशत गांव का कब्जा परिवर्तन चकों का नहीं किया गया है। बिना कब्जा परिवर्तन कराए बंदोबस्त जमा करना न्यायहित में नहीं है। इसका शिकायती पत्र तहसील दिवस में कासिमाबाद में दिया गया है। जल्द ही जिलाधिकारी, प्रदेश के मुख्य सचिव, चकबंदी आयुक्त, चकबंदी निदेशक एवं मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपकर एसआईटी जांच की मांग की जाएगी। इस मौके पर दिनेश, रामजन्म, सुरेंद्र, विजयी, रमाशंकर, शंकर, घनश्याम आदि मौजूद थे। चकबंदी लेखपाल संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले को संज्ञान में लेकर जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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