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बंदियों से पूछीं समस्याएं, बताए अधिकार
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मंगलवार को ‘हक हमारा भी तो है’ अभियान के दौरान जेल का निरीक्षण किया गया। प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव कामायनी दूबे ने बंदियों से नि:शुल्क अधिवक्ता, जेल लोक अदालत तथा उनकी जेल अपील से संबंधित अन्य समस्याएं पूछीं। साथ ही बंदियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
जेल अधीक्षक हरि ओम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में जेल में कुल 1137 बंदी निरुद्ध है। इसमें 1017 पुरुष, 51 महिला, महिला बंदियों के साथ कुल तीन बच्चे और 69 अल्पवयस्क है। इन लोगों को सुबह के नाश्ते में -चना, चाय, दोपहर का भोजन-रोटी, चावल, अरहर की दाल, सब्जी शाम का भोजन-रोटी, चावल, चना व उर्द की दाल, सब्जी दी जाती है।
पूर्णकालिक सचिव की ओर से पुरुष एवं महिला बैरक का भी निरीक्षण किया गया तथा जेल के कई बंदियों से बात कर उनकी समस्याएं जानीं और उनके निस्तारण का निर्देश दिया। पूर्णकालिक सचिव ने कारापाल को जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लीनिक पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिया ताकि बंदियों को समय से व समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके।
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बैरक एवं कारागार परिसर में साफ-सफाई, मच्छरों के बचाव के लिए छिड़काव के लिए निर्देशित किया गया। इस अवसर पर कारापाल रविन्द्र सिंह यादव व उप कारापाल कलमचंद उपस्थित रहे।
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जेल अधीक्षक हरि ओम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में जेल में कुल 1137 बंदी निरुद्ध है। इसमें 1017 पुरुष, 51 महिला, महिला बंदियों के साथ कुल तीन बच्चे और 69 अल्पवयस्क है। इन लोगों को सुबह के नाश्ते में -चना, चाय, दोपहर का भोजन-रोटी, चावल, अरहर की दाल, सब्जी शाम का भोजन-रोटी, चावल, चना व उर्द की दाल, सब्जी दी जाती है।
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पूर्णकालिक सचिव की ओर से पुरुष एवं महिला बैरक का भी निरीक्षण किया गया तथा जेल के कई बंदियों से बात कर उनकी समस्याएं जानीं और उनके निस्तारण का निर्देश दिया। पूर्णकालिक सचिव ने कारापाल को जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लीनिक पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिया ताकि बंदियों को समय से व समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके।
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बैरक एवं कारागार परिसर में साफ-सफाई, मच्छरों के बचाव के लिए छिड़काव के लिए निर्देशित किया गया। इस अवसर पर कारापाल रविन्द्र सिंह यादव व उप कारापाल कलमचंद उपस्थित रहे।