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जिले के सात निराश्रितों के अभिभावक बने प्रधानमंत्री, करेंगे देखभाल

Tue, 19 Apr 2022 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2022 11:18 PM IST
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Prime Minister becomes guardian of seven destitute of the district, will take care
कोरोना महामारी ने जिले के सात बच्चों से माता-पिता का साया उठ गया। ऐसे में उनकी देखभाल और उनके जीवन को नया दिशा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने हाथ बढ़ाया है। निराश्रितों के जहां प्रधानमंत्री खुद अभिभावक बने, वहीं उनका भविष्य संवारने के लिए उनके खाते में पीएम केयर फंड चिल्ड्रेन से दस-दस लाख रुपये भी जमा करेंगे। इस मदद से उनके सपने को पंख लग सकेगा। वहीं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड 19) के तहत सात निराश्रितों एवं चिन्हित 178 बच्चों को प्रतिमाह चार हजार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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कोरोना संक्रमण की लहर ने कई परिवारों से उनके उनके अभिभावक को छीन लिया। वहीं कई परिवारों में माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई। उस परिवार के बच्चों के सामने भरण-पोषण से लेकर शैक्षिक सुदृढ़ता जैसी तमाम दिक्कतें सामने आकर खड़ी हो गईं। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार आगे आईं और इन बच्चों के सिर पर अपना हाथ रखकर उनके जीवन को नई दिशा प्रदान की। कोरोना संक्रमण काल के दौरान जनपद के सात ऐसे परिवारों को चिह्नित किया गया, जिनके माता-पिता दोनों की महामारी में मृत्यु हो गई और बच्चों के सिर से उनका साया उठ गया।
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वहीं 178 ऐसे बच्चों को चिन्हित किया गया। जिनके माता- पिता में से एक की मृत्यु हो चुकी है, इन्हें एकल श्रेणी में रखा गया। निराश्रित एवं एकल श्रेणी को मिलाकर चिन्हित 185 बच्चों के खाते में प्रतिमाह चार-चार हजार रुपये मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड 19) के तहत भुगतान किया जाने लगा। अब तक 40 लाख 48 हजार रुपये का भुगतान हो चुका है। इधर, सात निराश्रितों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार आगे आई और प्रधानमंत्री इनके अभिभावक बने। पीएम केयर फंड फॉर चिल्ड्रेन के तहत इन बच्चों के खाते में प्रदान किए जाने वाले दस-दस लाख रुपये के लिए डाकघर में ज्वाइंट खाता खोलवाया गया, जिसमें जिलाधिकारी संरक्षक हैं। बच्चों के प्रौढ़ होने के बाद ही इसका भुगतान हो सकेगा।
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मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से 182 लाभांवित
गाजीपुर। कोरोना संक्रमण काल के दौरान कई परिवार में ऐसी भी मृत्यु हुई, जो कोविड-19 से प्रभावित तो थे, लेकिन उनकी घर पर ही मौत हो गई अथवा उन्हें कोरोना सार्टिफिकेट नहीं मिल पाया। ऐसे में इन परिवार के बच्चों को भी नई दिशा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने ठोस कदम उठाया। ऐसे परिवार का चयन इस योजना के तहत किया गया जिनकी सालाना आय तीन लाख से अधिक नहीं है। उस परिवार के दो बच्चों को प्रतिमाह सरकार 2500-2500 रुपये का भुगतान 23 वर्ष तक करेगी। इसके तहत जनपद में 182 बच्चों को चिह्नित किया गया है। पात्रों को नौ लाख 25 हजार का भुगतान हो चुका है।

18 वर्ष तक ही मिलेगा लाभ
गाजीपुर। कोविड संक्रमण से जिस परिवार में माता-पिता अथवा माता- पिता में एक की मौत हो गई है। उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) के तहत चार-चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। उन्हें 18 वर्ष तक ही इसका लाभ मिलेगा। सबसे अच्छी बात तो यह है कि माता- पिता अथवा माता-पिता में से एक की मृत्यु के दो वर्ष तक इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
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