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जले हुए हैं कई ट्रांसफार्मरों के केबिल, खतरा
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गाजीपुर। नगर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के लिए लगाए गए कई ट्रांसफार्मर के केबिल के खोल जले हुए हैं, जिससे अंदर का तार दिखाई दे रहा है। ट्रांसफार्मरों के पास उगी हरियाली को चरने के लिए मवेशी भी काफी करीब तक जाते हैं, जिससे करेंट प्रवाहित तार की वजह से उनके जान पर खतरा मंडरा रहा है। ट्रांसफार्मर के पास पड़े कूड़ा-कचरा के ढेर से सामान बिनने वालों के सिर पर खतरे की तलवार लटक रही है।
विद्युत विभाग की तरफ से बिजली आपूर्ति के लिए नगर के प्राय: सभी मुहल्लों में खंभों के साथ ही जगह-जगह प्लेटफार्म बनवाकर उस पर ट्रांसफार्मर लगवाया गया है। इन ट्रांसफार्मरों में मोटे केबिल के द्वारा 11 हजार की लाइन जोड़ी गई है। वर्तमान समय में कई ट्रांसफार्मरों में जोड़े गए केबिल जल गए हैं, जिससे तार पर चढ़ी प्लास्टिक की परत उखड़ गई है। ऐसे में खतरे की घंटी बज रही है। कहीं-कहीं केबिल ट्रांसफार्मर से नीचे जमीन की तरफ लटक रहे हैं। ट्रांसफार्मरों के आसपास उगी हरियाली को चरने के लिए मवेशी काफी नजदीक तक चले जाते हैं, जिससे करेंट प्रवाहित खुले तार की जद में आने से उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। यही नहीं कई ट्रांसफार्मरों के पास लोगों द्वारा कूड़ा-कचरा भी फेंका जाता है। कबाड़ बिनने वाले बड़ों के साथ ही छोटे-छोटे बच्चे कूड़ा-कचरा से प्लास्टिक की बोतल, लोहे के सामान सहित अन्य कूड़ा-कचरा बेचने के लिए निकालते हैं। ऊपर वाला न करे कि वह खुले तार की जद में आएं, वरना किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में नगर एसडीओ शिवम राय ने बताया कि यह बात मेरे संज्ञान में है कि कई ट्रांसफार्मर में लगी केबिलों की परत गर्म होने से जल गई है। जल्द ही ऐसी केबिलों को बदलवा दिया जाएगा।
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विद्युत विभाग की तरफ से बिजली आपूर्ति के लिए नगर के प्राय: सभी मुहल्लों में खंभों के साथ ही जगह-जगह प्लेटफार्म बनवाकर उस पर ट्रांसफार्मर लगवाया गया है। इन ट्रांसफार्मरों में मोटे केबिल के द्वारा 11 हजार की लाइन जोड़ी गई है। वर्तमान समय में कई ट्रांसफार्मरों में जोड़े गए केबिल जल गए हैं, जिससे तार पर चढ़ी प्लास्टिक की परत उखड़ गई है। ऐसे में खतरे की घंटी बज रही है। कहीं-कहीं केबिल ट्रांसफार्मर से नीचे जमीन की तरफ लटक रहे हैं। ट्रांसफार्मरों के आसपास उगी हरियाली को चरने के लिए मवेशी काफी नजदीक तक चले जाते हैं, जिससे करेंट प्रवाहित खुले तार की जद में आने से उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। यही नहीं कई ट्रांसफार्मरों के पास लोगों द्वारा कूड़ा-कचरा भी फेंका जाता है। कबाड़ बिनने वाले बड़ों के साथ ही छोटे-छोटे बच्चे कूड़ा-कचरा से प्लास्टिक की बोतल, लोहे के सामान सहित अन्य कूड़ा-कचरा बेचने के लिए निकालते हैं। ऊपर वाला न करे कि वह खुले तार की जद में आएं, वरना किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में नगर एसडीओ शिवम राय ने बताया कि यह बात मेरे संज्ञान में है कि कई ट्रांसफार्मर में लगी केबिलों की परत गर्म होने से जल गई है। जल्द ही ऐसी केबिलों को बदलवा दिया जाएगा।
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