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गरीब कल्याण रोजगार प्रवासियों के लिए बनी नई सुबह
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गाजीपुर । कोरोना काल के दौरान अपार दिक्कतों को सहन कर घर पहुंचे तो जरूर, लेकिन परिवार का खर्च चलाने का दर्द रह-रहकर उन्हें बैचेन करती रही। ऐसे में गरीब कल्याण रोजगार अभियान प्रवासियों के लिए नई सुबह बनकर आई। जनपद के 23 हजार से अधिक प्रवासियों एवं कामकाजी को रोजगार मुहैया कराया गया। इस योजना के तहत विभिन्न विभागों ने इन्हें रोजगार देकर बेरोजगारी के दंश के छुटकारा दिलाने का काम किया है।
कोरोना संक्रमण काल शुरू होते ही बीते 25 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा होते ही बड़े पैमाने पर दिल्ली, मुंबई, गुजरात, सूरत, अहमदाबाद समेत विभिन्न गैर प्रांतों में रहकर काम करने वाले प्रवासियों ने जनपद के तरफ रूख कर लिया। कभी सड़क तो कभी गांव की पगड्डियों के सहारे दिन-रात पैदल चलकर परिवार के साथ किसी तरह घर तो पहुंचे, लेकिन कुछ दिन बाद उनके सामने बेरोजगार होने की समस्या पहाड़ बनकर खड़ी हो गई। ऐसे में शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कमान संभाली और विभिन्न प्रांतों से आए प्रवासियों के साथ-साथ कामकाजी लोगों को रोजगार मुहैया कराने का अभियान शुरू कर दिया। बीते 20 जून से 20 अक्टूबर का लक्ष्य निर्धारित किया गया और फिर अभियान चलाकर 23 हजार से ऊपर प्रवासियों का जॉबकार्ड बनाकर रोजगार मुहैया कराने का काम शुरू कराया। इसके अलावा विभिन्न विभागों जैसे रेलवे, कृषि, ग्राम पंचायत, जिला खनन विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और राष्ट्रीय राजमार्ग में प्रवासियों को रोजगार दिलाकर उनकी बेरोजगारी की दंशता से उन्हें छुटकारा दिलाने का काम किया है। इस संबंध में डीसी मनरेगा दिलीप सोनकर ने बताया कि 44 लाख मानव दिवस के तहत श्रमिकों ने काम किया है। अभी भी कई विभागों द्वारा कार्य चल रहा है। इसमें प्रवासियों द्वारा काम किया जा रहा है।
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कोरोना संक्रमण काल शुरू होते ही बीते 25 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा होते ही बड़े पैमाने पर दिल्ली, मुंबई, गुजरात, सूरत, अहमदाबाद समेत विभिन्न गैर प्रांतों में रहकर काम करने वाले प्रवासियों ने जनपद के तरफ रूख कर लिया। कभी सड़क तो कभी गांव की पगड्डियों के सहारे दिन-रात पैदल चलकर परिवार के साथ किसी तरह घर तो पहुंचे, लेकिन कुछ दिन बाद उनके सामने बेरोजगार होने की समस्या पहाड़ बनकर खड़ी हो गई। ऐसे में शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कमान संभाली और विभिन्न प्रांतों से आए प्रवासियों के साथ-साथ कामकाजी लोगों को रोजगार मुहैया कराने का अभियान शुरू कर दिया। बीते 20 जून से 20 अक्टूबर का लक्ष्य निर्धारित किया गया और फिर अभियान चलाकर 23 हजार से ऊपर प्रवासियों का जॉबकार्ड बनाकर रोजगार मुहैया कराने का काम शुरू कराया। इसके अलावा विभिन्न विभागों जैसे रेलवे, कृषि, ग्राम पंचायत, जिला खनन विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और राष्ट्रीय राजमार्ग में प्रवासियों को रोजगार दिलाकर उनकी बेरोजगारी की दंशता से उन्हें छुटकारा दिलाने का काम किया है। इस संबंध में डीसी मनरेगा दिलीप सोनकर ने बताया कि 44 लाख मानव दिवस के तहत श्रमिकों ने काम किया है। अभी भी कई विभागों द्वारा कार्य चल रहा है। इसमें प्रवासियों द्वारा काम किया जा रहा है।
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