गाजीपुर। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तीसरे दिन रविवार को भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की। सुहवल : क्षेत्र के मलसा के एक शैक्षणिक संस्थान में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि यात्रा का मूल उद्देश्य गो माता की रक्षा, संरक्षण और सनातन संस्कृति के प्रति समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गो माता को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। जो मीट-मांस की प्रथा है, वह विदेशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों द्वारा लाई गई है। इस मौके पर राकेश कुमार सिंह, सत्यप्रकाश सिंह यादव, भरत सिंह यादव, हनुमान सिंह, गोलू राय आदि मौजूद रहे। मुहम्मदाबाद : बैजलपुर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मुहम्मदाबाद को पवित्र स्थली बताया, जहां गो, गंगा, गीता और गायत्री चारों मौजूद हैं।शंकराचार्य ने अपनी यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय की रक्षा बताया और कहा कि गो माता केवल पशु नहीं, सनातन संस्कृत की आत्मा हैं। हमारे पूर्वजों ने जिसे मां कहा, अंग्रेजों ने उसे पशु की श्रेणी में डाल दिया।
आजादी के 78 साल बाद भी गो माता को पशु ही माना जा रहा है। इस मौके पर अभिषेक तिवारी, शंभू सिंह अकेला, नपा चेयरमैन रईश अहमद, शशिकांत शर्मा, मुनेंद्रनाथ मिश्रा आदि मौजूद रहे। जमानिया : क्षेत्र के असैचंदपुर में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गो माता केवल हमारी आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि वह भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मूल आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी शक्ति जनता के वोट में ही निहित है। अगर लोग जागरूक होकर सही दिशा में मतदान करें, तो समाज और संस्कृति विरोधी ताकतों पर स्वतः ही अंकुश लग सकता है। आज जनता के वोट का गलत इस्तेमाल कर कुछ लोग समाज की मूल आस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।