{"_id":"822bc3431cbc9106f7814ca075b0d9b6","slug":"people-were-pleased-to-sunny-weather-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूर्यदेव की कृपा से बाग-बाग हुए लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूर्यदेव की कृपा से बाग-बाग हुए लोग
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 21 Jan 2015 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में बुधवार की सुबह दस बजे तक कोहरे की चादर तनी रही लेकिन इसके बाद
विज्ञापन
चटख धूप खिलने से सर्दी से बेहाल लोग बाग-बाग हो गए। सूर्य की तेज किरणों
के आगे ठंड का तेवर काफी हद तक कम रहा।
कार्यालयों के परिसरों, दूकानों के बाहर, मकान की छत पर और बाहर तथा गंगा घाटों पर पूरे दिन लोगों का धूप का आनंद उठाया। हालांकि सूर्यअस्त होने के बाद पुन: गलन और ठंड में वृद्धि हो गई।
लगातार दूसरे दिन भी भगवान भाष्कर की मेहरबानी होने से लोग यह कयास लगाते रहे कि लगता है कि अब मौसम पटरी पर आ जाएगा। पिछले कई सप्ताह से कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। ठंड के कहर के जिले में एक माह में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी है।
जिन लोगों के घरों में वृद्ध थे, वे इस बात से परेशान थे कि उनके अपने कहीं ठंड का शिकार न हो जाए। कई दिनों से धूप का दर्शन नहीं हो रहा था। सोमवार को मौसम का मिजाज का आलम यह था कि बदली के बीच पूरे बर्फीली हवा चलने से आम और खास कांप गए।
सभी के होश मौसम के मिजाज को देख उड़ गए। इसी क्रम में मंगलावर की सुबह साड़े 10 बजे धूप निकलते ही लोगों को चेहरे खुशी से खिल गए। सभी ने धूप की शरण में जाकर कड़ाके की ठंड से राहत पाते हुए लोग इस बात की चर्चा करने लगे कि लगता है कि अब मौसम सुधर जाएगा, लेकिन बुधवार की सुबह घना कोहरा देख एक बार फिर लोग इस बात से परेशान हो गए कि लगता है कि लगता है कि आज धूप नहीं निकलेगी।
इसी बीच दिन में 10 बजे सूर्यदेव ने आंखे खोली। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे भगवान भाष्कर की चमक भी बढ़ने लगी। आलम यह हो गया कि सूर्यदेव की छत्रछाया में थोड़ी देर खड़े रहने पर पूरा शरीर गर्म हो जा रहा था।
सरकारी कार्यालयों के परिसर, दूकानों के बाहर, मकानों की छतों और गंगा घाटों पर लोग धूप के आनंद लेते नजर आए। अच्छी धूप की वजह से कई लोगों ने शरीर पर से कपड़ों का बोझ कुछ कम किया। सूर्यअस्त तक धूप की चमक बनी रही। इससे हर कोई इस बात का कयास लगाता रहा कि लगता है कि अब मौसम पटरी पर आ जाएगा।
ठंड से दो की मौत
शहर क्षेत्र के गोड़ा देहाती जमालुुद्दीन (62 वर्ष) की बुधवार को ठंड लगने से अचानक तबियत बिगड़ गई। उसके पेट में तेज दर्द होने लगा। परिवार के लोग आनन-फानन में अस्पताल के ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं बिरनो थाना क्षेत्र के लीलापुर भड़सर गांव में ठंड लगने से शिवचरन राम 55 वर्ष की मौत हो गयी। वह मंगलवार की रात खाना खाकर सो रहा था। सुबह परिवार के लोग उसे जगाने गये तो वह जगा नही। वह चारपाई पर मृत पड़ा था। परिवारीजनों का कहना है ठंड से ही उनकी मौत हुई है।
कार्यालयों के परिसरों, दूकानों के बाहर, मकान की छत पर और बाहर तथा गंगा घाटों पर पूरे दिन लोगों का धूप का आनंद उठाया। हालांकि सूर्यअस्त होने के बाद पुन: गलन और ठंड में वृद्धि हो गई।
लगातार दूसरे दिन भी भगवान भाष्कर की मेहरबानी होने से लोग यह कयास लगाते रहे कि लगता है कि अब मौसम पटरी पर आ जाएगा। पिछले कई सप्ताह से कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। ठंड के कहर के जिले में एक माह में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी है।
जिन लोगों के घरों में वृद्ध थे, वे इस बात से परेशान थे कि उनके अपने कहीं ठंड का शिकार न हो जाए। कई दिनों से धूप का दर्शन नहीं हो रहा था। सोमवार को मौसम का मिजाज का आलम यह था कि बदली के बीच पूरे बर्फीली हवा चलने से आम और खास कांप गए।
सभी के होश मौसम के मिजाज को देख उड़ गए। इसी क्रम में मंगलावर की सुबह साड़े 10 बजे धूप निकलते ही लोगों को चेहरे खुशी से खिल गए। सभी ने धूप की शरण में जाकर कड़ाके की ठंड से राहत पाते हुए लोग इस बात की चर्चा करने लगे कि लगता है कि अब मौसम सुधर जाएगा, लेकिन बुधवार की सुबह घना कोहरा देख एक बार फिर लोग इस बात से परेशान हो गए कि लगता है कि लगता है कि आज धूप नहीं निकलेगी।
इसी बीच दिन में 10 बजे सूर्यदेव ने आंखे खोली। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे भगवान भाष्कर की चमक भी बढ़ने लगी। आलम यह हो गया कि सूर्यदेव की छत्रछाया में थोड़ी देर खड़े रहने पर पूरा शरीर गर्म हो जा रहा था।
सरकारी कार्यालयों के परिसर, दूकानों के बाहर, मकानों की छतों और गंगा घाटों पर लोग धूप के आनंद लेते नजर आए। अच्छी धूप की वजह से कई लोगों ने शरीर पर से कपड़ों का बोझ कुछ कम किया। सूर्यअस्त तक धूप की चमक बनी रही। इससे हर कोई इस बात का कयास लगाता रहा कि लगता है कि अब मौसम पटरी पर आ जाएगा।
ठंड से दो की मौत
शहर क्षेत्र के गोड़ा देहाती जमालुुद्दीन (62 वर्ष) की बुधवार को ठंड लगने से अचानक तबियत बिगड़ गई। उसके पेट में तेज दर्द होने लगा। परिवार के लोग आनन-फानन में अस्पताल के ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं बिरनो थाना क्षेत्र के लीलापुर भड़सर गांव में ठंड लगने से शिवचरन राम 55 वर्ष की मौत हो गयी। वह मंगलवार की रात खाना खाकर सो रहा था। सुबह परिवार के लोग उसे जगाने गये तो वह जगा नही। वह चारपाई पर मृत पड़ा था। परिवारीजनों का कहना है ठंड से ही उनकी मौत हुई है।
विज्ञापन