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ठंड के चलते घरों में कैद रहे लोग
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Mon, 22 Dec 2014 11:22 PM IST
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सोमवार को शीतलहर और कोहरे के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग अपने घराें में ही दुबके रहे। कड़ाके की पड़ रही सर्दी के चलते जिंदगी की रफ्तार थम सी गई।
सड़काें पर वाहन रेंगते नजर आए और बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। सर्दी के चलते सड़कों व प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। घने कोहरे के कारण सड़कों पर छोटे-बड़े वाहन रेंगते दिखाई दिए, वहीं रोडवेज की बसें और अन्य वाहन भी कम नजर आए। गांव-गिरांव में लोग ठंडक से बचने के लिए पुआल एवं अलाव जला कर तापते रहे।
बता दें रविवार की रात कोहरे की चादर तनने की वजह से सोमवार की सुबह 11 बजे तक धुंध छायी रही। दिन में करीब 12 बजे धूप जरूर निकली, लेकिन कड़ाके की ठंड को कम करने के लिए यह बेअसर रही। हर जगह धुंध की चादर फैली रही। शहर के जिन स्थानों पर अलाव जल रहा था, वहां लोगों की भीड़ लगी रही। राहगीरों की जैसी ही अलाव पर पड़ रही थी, वह वहां रुककर इसका सहारा लेने शुरू कर दे रहे थे। जैसे-जैसे दिन ढलता गया, वैसे-वैसे ठंड का प्रभाव भी बढ़ता गया।
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सड़काें पर वाहन रेंगते नजर आए और बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। सर्दी के चलते सड़कों व प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। घने कोहरे के कारण सड़कों पर छोटे-बड़े वाहन रेंगते दिखाई दिए, वहीं रोडवेज की बसें और अन्य वाहन भी कम नजर आए। गांव-गिरांव में लोग ठंडक से बचने के लिए पुआल एवं अलाव जला कर तापते रहे।
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बता दें रविवार की रात कोहरे की चादर तनने की वजह से सोमवार की सुबह 11 बजे तक धुंध छायी रही। दिन में करीब 12 बजे धूप जरूर निकली, लेकिन कड़ाके की ठंड को कम करने के लिए यह बेअसर रही। हर जगह धुंध की चादर फैली रही। शहर के जिन स्थानों पर अलाव जल रहा था, वहां लोगों की भीड़ लगी रही। राहगीरों की जैसी ही अलाव पर पड़ रही थी, वह वहां रुककर इसका सहारा लेने शुरू कर दे रहे थे। जैसे-जैसे दिन ढलता गया, वैसे-वैसे ठंड का प्रभाव भी बढ़ता गया।
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