{"_id":"63d952dea185192ad7427ca2","slug":"pedestrians-do-not-see-the-road-officials-have-pits-made-in-it-ghazipur-news-vns6964184185-2023-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: राहगीरों को सड़क नहीं दिखती अधिकारियों को उसमें बने गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: राहगीरों को सड़क नहीं दिखती अधिकारियों को उसमें बने गड्ढे
विज्ञापन
सुहवल। युवराजपुर गांव निवासी एवं सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट रहे शहीद विश्वम्भर सिंह के गांव को जाने वाला करीब तीन किमी लंबा कालूपुर युवराजपुर मार्ग लोक निर्माण विभाग की उदासीनता के चलते लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों और ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। कई बार संबंधित महकमें में शिकायत की गई, लेकिन मरम्मत के नाम पर केवल आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग में जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त पुलिया मार्ग से गुजरने वाले पैदल और वाहन सवारों के लिए कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। यह महत्वपूर्ण मार्ग करीब एक दर्जन गांवों को जोड़ता है। प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों के अलावा क्षेत्रीय लोगों का दिन-रात आना जाना लगा रहता है। इस जर्जर मार्ग से आए दिन अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का भी बराबर आवागमन रहता है। बावजूद किसी की नजर जर्जर हो चुके इस मार्ग की ओर नहीं जाती।
पिछले दिनों मार्ग के मरम्मत के नाम पर विभाग ने लाखों खर्च किए, बावजूद मार्ग गड्ढे में तब्दील हो चुका है। वाहनों के गुजरते समय उड़ने वाली धूल के चलते राहगीरों, बाइक सवारों एवं अन्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद पर तैनात विश्वंम्भर सिंह 22 फरवरी 1991 को उग्रवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
उनके इस शौर्य और पराक्रम को देखते हुए सरकार ने उन्हें मरणोपरांत राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम के एक्सईएन पताजंली श्रीवास्तव ने बताया कि शासन को करीब पांच करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूर होते ही मार्ग का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग में जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त पुलिया मार्ग से गुजरने वाले पैदल और वाहन सवारों के लिए कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। यह महत्वपूर्ण मार्ग करीब एक दर्जन गांवों को जोड़ता है। प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों के अलावा क्षेत्रीय लोगों का दिन-रात आना जाना लगा रहता है। इस जर्जर मार्ग से आए दिन अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का भी बराबर आवागमन रहता है। बावजूद किसी की नजर जर्जर हो चुके इस मार्ग की ओर नहीं जाती।
विज्ञापन
पिछले दिनों मार्ग के मरम्मत के नाम पर विभाग ने लाखों खर्च किए, बावजूद मार्ग गड्ढे में तब्दील हो चुका है। वाहनों के गुजरते समय उड़ने वाली धूल के चलते राहगीरों, बाइक सवारों एवं अन्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद पर तैनात विश्वंम्भर सिंह 22 फरवरी 1991 को उग्रवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
उनके इस शौर्य और पराक्रम को देखते हुए सरकार ने उन्हें मरणोपरांत राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम के एक्सईएन पताजंली श्रीवास्तव ने बताया कि शासन को करीब पांच करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूर होते ही मार्ग का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।