{"_id":"5e78d8168ebc3e6fa2574f22","slug":"passengers-at-railway-stations-and-bus-bases-ghazipur-news-vns517366525","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर पसरा रहा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर पसरा रहा सन्नाटा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। कोरोना वायरस से सतर्कता बरतने के मद्देनजर 31 मार्च तक ट्रेन और 25 मार्च तक रोडवेज और प्राइवेट बसों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान, यहां पहुंचने वाले यात्री निराश रहे। वह, इधर-उधर साधन की तलाश करते रहे।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए शासन की ओर से 22 मार्च जनता कर्फ्यू के दिन से ही 31 मार्च तक ट्रेन और 25 मार्च तक रोडवेज और प्राइवेट बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई। जनता कर्फ्यू के दिन रविवार को बांद्रा और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस ट्रेन से दर्जनों यात्री सिटी रेलवे स्टेशन पर उतरे थे। यहां से गंतव्य तक जाने के लिए साधन न मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई थी। कई लोगों ने परिवार वालों को बाइक लेकर स्टेशन पर बुलाया था। उनके आने पर घर के लिए रवाना हुए थे। जबकि दूसरे जिले के यात्रियों के लिए ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था। यात्रियों के परेशान होने की जानकारी जब पुलिस को हुई थी तो उसने इससे जिलाधिकारी को अवगत कराया था। डीएम के आदेश पर एआरएम ने चार रोडवेज बसों का संचालन कराया था। दूसरे दिन सोमवार को रेलवे स्टेशन के साथ ही रोडवेज और लंका बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। कई यात्री यहां पर पहुंचे, लेकिन जब उन्हें यह पता चला कि बस का संचालन नहीं हो रहा है तो निराशा के साथ इधर-उधर तलाश के लिए भटकते रहे।
ऑटो और ई-रिक्शा में नहीं दिखे यात्री
गाजीपुर। ट्रेन और बसों का संचालन बंद होने से लोगों का एक जिले के दूसरे जिले को आना-जाना भी पूरी तरह से बंद है। खासकर लंका बस स्टैंड से हर 15 मिनट पर वाराणसी के लिए बस रवाना होती हैं और इतने ही समय में वाराणसी से आती हैं। इसके साथ ही, रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों से बड़ी संख्या में यात्री उतरते हैं। इससे रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के पास सुबह से लेकर शाम तक दर्जनों ऑटो और ई-रिक्शा चालक सवारी के इंतजार में खड़े रहते हैं, लेकिन ट्रेन और बसों का संचालन बंद रहने से ऑटो और ई-रिक्शा चालक निराश दिखे। इन वाहनों की संख्या में सोमवार को कमी दिखाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना वायरस से बचाव के लिए शासन की ओर से 22 मार्च जनता कर्फ्यू के दिन से ही 31 मार्च तक ट्रेन और 25 मार्च तक रोडवेज और प्राइवेट बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई। जनता कर्फ्यू के दिन रविवार को बांद्रा और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस ट्रेन से दर्जनों यात्री सिटी रेलवे स्टेशन पर उतरे थे। यहां से गंतव्य तक जाने के लिए साधन न मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई थी। कई लोगों ने परिवार वालों को बाइक लेकर स्टेशन पर बुलाया था। उनके आने पर घर के लिए रवाना हुए थे। जबकि दूसरे जिले के यात्रियों के लिए ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था। यात्रियों के परेशान होने की जानकारी जब पुलिस को हुई थी तो उसने इससे जिलाधिकारी को अवगत कराया था। डीएम के आदेश पर एआरएम ने चार रोडवेज बसों का संचालन कराया था। दूसरे दिन सोमवार को रेलवे स्टेशन के साथ ही रोडवेज और लंका बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। कई यात्री यहां पर पहुंचे, लेकिन जब उन्हें यह पता चला कि बस का संचालन नहीं हो रहा है तो निराशा के साथ इधर-उधर तलाश के लिए भटकते रहे।
विज्ञापन
ऑटो और ई-रिक्शा में नहीं दिखे यात्री
गाजीपुर। ट्रेन और बसों का संचालन बंद होने से लोगों का एक जिले के दूसरे जिले को आना-जाना भी पूरी तरह से बंद है। खासकर लंका बस स्टैंड से हर 15 मिनट पर वाराणसी के लिए बस रवाना होती हैं और इतने ही समय में वाराणसी से आती हैं। इसके साथ ही, रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों से बड़ी संख्या में यात्री उतरते हैं। इससे रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के पास सुबह से लेकर शाम तक दर्जनों ऑटो और ई-रिक्शा चालक सवारी के इंतजार में खड़े रहते हैं, लेकिन ट्रेन और बसों का संचालन बंद रहने से ऑटो और ई-रिक्शा चालक निराश दिखे। इन वाहनों की संख्या में सोमवार को कमी दिखाई दी।
विज्ञापन