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सर्वदलीय सभा में गरजे लोग
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 01 Jul 2015 12:41 AM IST
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तहसील बचाओ गांव बचाओ अभियान के बैनर तले मंगलवार को आयोजित सर्वदलीय सभा में मुहम्मदाबाद तहसील के नजदीक के गांव को कासिमाबाद तहसील में शामिल करने के विरोध में पीड़ित गांव के लोग मंगलवार को सड़क पर उतर
आए। इस दौरान शहीद पार्क में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह फिर सड़क पर उतरकर चक्काजाम और तहसील में तालाबंदी करेंगे।
सभा में विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। फिर भी इन गांवों को अभी तक कासिमाबाद से बाहर नहीं किया गया। इस लड़ाई को वह अंतिम दम तक लड़ते रहेंगे। पूर्व
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विधायक एवं किसान सभा के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र यादव ने प्रशासन को एक पखवारे का समय देते हुए चेतावनी दी कि अगर ग्रामीणों की मांगें पूरी नहीं की जाती है तो वह समयसीमा की समाप्ति के बाद ग्रामवासियों को लेकर शहीद पार्क में
अनिश्चितकालीन धरना देंगे। भासपा के जिलाध्यक्ष रामजी राजभर ने आंदोलन को समर्थन देते हुए प्रशासन की इस अदूरदर्शितापूर्ण कार्रवाई की निंदा की। तहसील निर्माण ने कुछ गांव की जनता की परेशानियों को बढ़ा दिया है। भाजपा
प्रभारी विरेंद्र राय ने कहा कि जो गांव कासिमाबाद में तहसील में शामिल हुए है, उसमें सत्तारुढ़ दल के लोगों के समर्थकों के गांव भी है, लेकिन वे आंदोलन में शामिल होने से कतरा रहे हैं। उन्हें भी इन गांवों को बचाने के लिए अपने प्रभाव का
इस्तेमाल करना चाहिए। आंदोलन की संयोजक पूर्व प्रमुख चंदा यादव ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि इन गांवों की वापसी की लड़ाई को वह अंतिम दम तक लड़ती रहेंगी। सभा में भाकपा के जिला सचिव अमेरिका यादव, रामजी गिरी,
फूलमती यादव, संतोष राजभर, फेंकू यादव, अजय यादव, बलिराम पटेल, शिवबली राजभर, कृपाशंकर सिंह, अजय सिंह, संजय यादव, रविंद्र यादव, रामपरीखा यादव, अमित राय, अमरनाथ यादव, ललिता, सुगंती कुशवाहा ने विचार व्यक्त किया।
संचालन प्रेमनाथ गुप्त ने किया। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र सीआरओ को देकर 55 गांवों को मुहम्मदाबाद में रखने की मांग की गई।
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आए। इस दौरान शहीद पार्क में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह फिर सड़क पर उतरकर चक्काजाम और तहसील में तालाबंदी करेंगे।
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सभा में विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। फिर भी इन गांवों को अभी तक कासिमाबाद से बाहर नहीं किया गया। इस लड़ाई को वह अंतिम दम तक लड़ते रहेंगे। पूर्व
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विधायक एवं किसान सभा के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र यादव ने प्रशासन को एक पखवारे का समय देते हुए चेतावनी दी कि अगर ग्रामीणों की मांगें पूरी नहीं की जाती है तो वह समयसीमा की समाप्ति के बाद ग्रामवासियों को लेकर शहीद पार्क में
अनिश्चितकालीन धरना देंगे। भासपा के जिलाध्यक्ष रामजी राजभर ने आंदोलन को समर्थन देते हुए प्रशासन की इस अदूरदर्शितापूर्ण कार्रवाई की निंदा की। तहसील निर्माण ने कुछ गांव की जनता की परेशानियों को बढ़ा दिया है। भाजपा
प्रभारी विरेंद्र राय ने कहा कि जो गांव कासिमाबाद में तहसील में शामिल हुए है, उसमें सत्तारुढ़ दल के लोगों के समर्थकों के गांव भी है, लेकिन वे आंदोलन में शामिल होने से कतरा रहे हैं। उन्हें भी इन गांवों को बचाने के लिए अपने प्रभाव का
इस्तेमाल करना चाहिए। आंदोलन की संयोजक पूर्व प्रमुख चंदा यादव ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि इन गांवों की वापसी की लड़ाई को वह अंतिम दम तक लड़ती रहेंगी। सभा में भाकपा के जिला सचिव अमेरिका यादव, रामजी गिरी,
फूलमती यादव, संतोष राजभर, फेंकू यादव, अजय यादव, बलिराम पटेल, शिवबली राजभर, कृपाशंकर सिंह, अजय सिंह, संजय यादव, रविंद्र यादव, रामपरीखा यादव, अमित राय, अमरनाथ यादव, ललिता, सुगंती कुशवाहा ने विचार व्यक्त किया।
संचालन प्रेमनाथ गुप्त ने किया। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र सीआरओ को देकर 55 गांवों को मुहम्मदाबाद में रखने की मांग की गई।