{"_id":"6351924a2ab20660e7733e03","slug":"opportunity-to-shop-for-two-days-on-dhanteras-ghazipur-news-vns6800898164","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस पर दो दिनों तक खरीदारी का मौका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस पर दो दिनों तक खरीदारी का मौका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीपावली का उत्साह बढ़ता जा रहा है। त्योहार के दौरान खरीदारी और पूजा आदि को लेकर लोग शुभ मुहुर्त का इंतजार कर रहे हैं। इस साल 22 अक्तूबर को धनतेरस से दीपोत्सव पर्व की शुरूआत होगी। इसके दो दिन बाद यानी 24 अक्तूबर को शाम में प्रदोष काल में दीपावली मनेगी। 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा और 27 अक्तूबर को भाई दूज मनेगा।
25 अक्तूबर को लगने वाले सूर्यग्रहण का सूतक भोर में 4:22 से लग जाएगा। फिलहाल अमावस्या तिथि 24 अक्तूबर की शाम 4:34 बजे प्रारंभ हो जाएगी। इसलिए दीपावली 24 अक्तूबर को ही मनाई जाएगी। जबकि 25 अक्तूबर को तड़के 4:22 से शुरू होने वाला सूर्यग्रहण शाम 6:25 तक चलेगा। इसका मध्यकाल शाम 5:28 पर माना गया है।
पंडित वरूण त्रिपाठी ने बताया कि 25 अक्टूबर को लगने वाला वर्ष का यह आखिरी सूर्यग्रहण है। इसके पहले 30 अप्रैल को सूर्यग्रहण था। जो भारत में नहीं दिखा था। किंतु इस बार का सूर्यग्रहण भारत में दिखेेगा। इस कारण इसका सूतक मान्य होगा। सूतक का प्रभाव आम जनमानस और वातावरण पर भी पड़ेगा। इसलिए सूतक काल और सूर्यग्रहण के दौरान कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।
विज्ञापन
इस अवधि में मंदिरों और घरों के पूजा स्थल बंद रहेंगे। प्रतिमाओं को स्पर्श करने से बचे खान-पान में परहेज रखना होगा। वृद्ध, बालक और रोगियों को ग्रहण से एक प्रहर पहले ही भोजन कर लेना चाहिए। ग्रहण अवधि में मंत्र, जाप और कीर्तन, ध्यान आदि करें। ग्रहण की समाप्ति पर पूरे घर को गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें।
धनतेरस दो दिन
धनतेरस को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि 22 व 23 अक्तूबर दोनों ही दिन प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी तिथि है। 22 को द्वादशी तिथि शाम 4:19 तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। जो अगले दिन 23 को शाम 4:50 तक रहेगी। यानी 22 अक्तूबर शाम को 4:19 के बाद से शुरू होने वाली त्रयोदशी तिथि 23 अक्तूबर की शाम 4:50 तक रहेगी।
पंडित वरूण त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रीय व्यवस्था यह है कि दोनों ही दिन प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी पड़ रही है। इसलिए इसे दूसरे दिन मनाना ही श्रेष्ठ होगा। लेकिन खरीदारी दोनों दिनों की शुभ मानी जाएगी। उधर, गोवर्धन पूजा को दीपावली के दूसरे दिन मनाने की परंपरा है। लेकिन इस बार दीपावली के दूसरे दिन 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण रहेगा। इसलिए अन्नकूट और गोवर्धन पूजा 25 के बजाय 26 अक्तूबर को संपन्न होगी। गोवर्धन पूजा को प्रतिपदा में करने का विधान है। 26 अक्तूबर को प्रतिपदा तिथि भी रहेगी। इसके अलावा भइया दूज और यम द्वितीया 27 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
15 दिनों के बाद चंद्रग्रहण भी
इस वर्ष कार्तिक महीने के एक ही पखवाड़े में सूर्य ग्रहण तथा चंद्र ग्रहण दोनों ही पड़ रहे हैं। दीपावली के 15 दिन बाद ही यानी 8 नवंबर को चंद्र ग्रहण पड़ेगा। यह भारतीय समय के अनुसार इस दिन मंगलवार को दोपहर बाद 1:32 से शाम 7:27 बजे तक रहेगा।
विज्ञापन
25 अक्तूबर को लगने वाले सूर्यग्रहण का सूतक भोर में 4:22 से लग जाएगा। फिलहाल अमावस्या तिथि 24 अक्तूबर की शाम 4:34 बजे प्रारंभ हो जाएगी। इसलिए दीपावली 24 अक्तूबर को ही मनाई जाएगी। जबकि 25 अक्तूबर को तड़के 4:22 से शुरू होने वाला सूर्यग्रहण शाम 6:25 तक चलेगा। इसका मध्यकाल शाम 5:28 पर माना गया है।
विज्ञापन
पंडित वरूण त्रिपाठी ने बताया कि 25 अक्टूबर को लगने वाला वर्ष का यह आखिरी सूर्यग्रहण है। इसके पहले 30 अप्रैल को सूर्यग्रहण था। जो भारत में नहीं दिखा था। किंतु इस बार का सूर्यग्रहण भारत में दिखेेगा। इस कारण इसका सूतक मान्य होगा। सूतक का प्रभाव आम जनमानस और वातावरण पर भी पड़ेगा। इसलिए सूतक काल और सूर्यग्रहण के दौरान कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।
विज्ञापन
इस अवधि में मंदिरों और घरों के पूजा स्थल बंद रहेंगे। प्रतिमाओं को स्पर्श करने से बचे खान-पान में परहेज रखना होगा। वृद्ध, बालक और रोगियों को ग्रहण से एक प्रहर पहले ही भोजन कर लेना चाहिए। ग्रहण अवधि में मंत्र, जाप और कीर्तन, ध्यान आदि करें। ग्रहण की समाप्ति पर पूरे घर को गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें।
धनतेरस दो दिन
धनतेरस को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि 22 व 23 अक्तूबर दोनों ही दिन प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी तिथि है। 22 को द्वादशी तिथि शाम 4:19 तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। जो अगले दिन 23 को शाम 4:50 तक रहेगी। यानी 22 अक्तूबर शाम को 4:19 के बाद से शुरू होने वाली त्रयोदशी तिथि 23 अक्तूबर की शाम 4:50 तक रहेगी।
पंडित वरूण त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रीय व्यवस्था यह है कि दोनों ही दिन प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी पड़ रही है। इसलिए इसे दूसरे दिन मनाना ही श्रेष्ठ होगा। लेकिन खरीदारी दोनों दिनों की शुभ मानी जाएगी। उधर, गोवर्धन पूजा को दीपावली के दूसरे दिन मनाने की परंपरा है। लेकिन इस बार दीपावली के दूसरे दिन 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण रहेगा। इसलिए अन्नकूट और गोवर्धन पूजा 25 के बजाय 26 अक्तूबर को संपन्न होगी। गोवर्धन पूजा को प्रतिपदा में करने का विधान है। 26 अक्तूबर को प्रतिपदा तिथि भी रहेगी। इसके अलावा भइया दूज और यम द्वितीया 27 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
15 दिनों के बाद चंद्रग्रहण भी
इस वर्ष कार्तिक महीने के एक ही पखवाड़े में सूर्य ग्रहण तथा चंद्र ग्रहण दोनों ही पड़ रहे हैं। दीपावली के 15 दिन बाद ही यानी 8 नवंबर को चंद्र ग्रहण पड़ेगा। यह भारतीय समय के अनुसार इस दिन मंगलवार को दोपहर बाद 1:32 से शाम 7:27 बजे तक रहेगा।