{"_id":"6a4418f7cd28c9bda70e336e","slug":"no-seating-arrangements-for-litigants-at-the-sdm-court-complex-inconvenience-caused-ghazipur-news-c-313-1-svns1020-155179-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: एसडीएम न्यायालय परिसर में वादकारियों के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं, परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: एसडीएम न्यायालय परिसर में वादकारियों के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं, परेशानी
विज्ञापन
जखनिया एसडीएम न्यायालय परिसर। संवाद
जमानिया। एसडीएम न्यायालय परिसर में वादकारियों के बैठने की व्यवस्था न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वादकारी इधर-उधर टहलने को विवश रहते हैं। यही नहीं उन्हें अधिवक्ताओं के पास टेबल और बेंच या पेड़ के नीचे चबूतरे पर बैठना पड़ता है। ऐसे में वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अधिवक्ता बृजेश कुशवाहा ने बताया कि प्रतिदिन यहां 150 से अधिक वादकारी किसी न किसी मामले में आते हैं। जहां सीमेंट का बेंच बना हुआ है, वहां बरामदे में पंखा की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उमस भरी गर्मी में वादकारियों को इधर-उधर टहलना पड़ता है। कम से कम परिसर में वादकारियों के बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए।
अधिवक्ता अशोक यादव और पंकज तिवारी ने बताया कि जो भी बेंच लगी हैं वह न्यायालय कक्ष के बाहर बरामदे में हैं। वादकारियों के लिए कम से कम परिसर में तीन चार बेंच की व्यवस्था जिम्मेदारों द्वारा करनी चाहिए, इससे दूर-दराज इलाकों से आने वाले वादकारियों को राहत मिल सके।
विज्ञापन
खासकर उमस भरी गर्मी में तो वह इधर-उधर टहलते ही परेशान हो जाते हैं। तहसीलदार रामनारायन वर्मा ने बताया कि बरामदे में सीमेंट की बेंच लगी हुई है। जहां वादकारी बैठकर अपनी सुनवाई के लिए प्रतीक्षा कर सकते हैं। संवाद
विज्ञापन
अधिवक्ता बृजेश कुशवाहा ने बताया कि प्रतिदिन यहां 150 से अधिक वादकारी किसी न किसी मामले में आते हैं। जहां सीमेंट का बेंच बना हुआ है, वहां बरामदे में पंखा की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उमस भरी गर्मी में वादकारियों को इधर-उधर टहलना पड़ता है। कम से कम परिसर में वादकारियों के बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए।
विज्ञापन
अधिवक्ता अशोक यादव और पंकज तिवारी ने बताया कि जो भी बेंच लगी हैं वह न्यायालय कक्ष के बाहर बरामदे में हैं। वादकारियों के लिए कम से कम परिसर में तीन चार बेंच की व्यवस्था जिम्मेदारों द्वारा करनी चाहिए, इससे दूर-दराज इलाकों से आने वाले वादकारियों को राहत मिल सके।
विज्ञापन
खासकर उमस भरी गर्मी में तो वह इधर-उधर टहलते ही परेशान हो जाते हैं। तहसीलदार रामनारायन वर्मा ने बताया कि बरामदे में सीमेंट की बेंच लगी हुई है। जहां वादकारी बैठकर अपनी सुनवाई के लिए प्रतीक्षा कर सकते हैं। संवाद