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सुविधाएं नहीं, ग्रामीण अस्पताल ने टाला...जिला अस्पताल ने संभाला
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उमस, गर्मी और बारिश के मौसम में लोग तेजी से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जबकि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। हालांकि जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। डायरिया और मियादी बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। स्थिति यह है कि दोनों बीमारियों को मिलाकर 50 से 60 मरीज उपचार के लिए ओपीडी पहुंच रहे हैं।
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से रोजना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में इन दिनों पेट संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ी है। खाने-पीने में लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है और उन्हें डायरिया जैसी बीमारी के चपेट में आना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन 20 से 30 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं पांच से दस मरीजों को रोजाना वार्डों में भर्ती करके उपचार कराया जा रहा है। इसके अलावा मियादी बुखार (टाइफाइड) के प्रतिदिन 30 से 40 मरीज उपचार के लिए ओपीडी सभागार में पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल प्रशासन मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए जीवन रक्षक दवाईयों के साथ-साथ डिहाइड्रेशन की शिकायत वाले मरीजों को तत्काल उपचार मुहैया करा रहा है। हालांकि ग्रामीण इलाकों में स्थापित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। समय से अस्पताल खुलना तो दूर बुखार एवं खांसी के अलावा अन्य बीमारियों की दवा मरीजों को उपलब्ध नहीं कराई जाती है, ऐसे में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जिम्मेदार बेहतर उपचार प्रदान करने का दावा करने से पीछे नहीं हटते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस संबंध में सीएमएस डा. राजेश सिंह ने बताया कि इन दिनों डायरिया और मियादी बुखार के मरीजों में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है कि उपचार के लिए आने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधाएं प्रदान की जाए।
आरएल सहित सभी दवाइयां हैं मौजूद
गाजीपुर। सीएमएस डा. राजेश सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में आरएल, एनएस, आइसोलाइड और डेस्ट्रोज सहित अन्य दवाएं उपलब्ध हैं। मरीजों के आपात स्थिति में पहुंचने के बाद तत्काल उपचार मुहैया कराई जाती है। इसके अलावा करीब 20 से 25 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौजूद है। आपातकक्ष में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती कर मरीजों को तत्काल उपचार मुहैया कराने का काम किया जाता है।
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डॉक्टरों का सुझाव
0 घर से निकलने से पूर्व पर्याप्त पीएं पानी। 0 घर से निकलने से पूर्व पूरी आस्तीन का कपड़ा पहने। 0 धूप में निकलने से बचें। 0 बाहर की तली- भूनी चीजों का प्रयोग नहीं करें। 0 फल धोकर खाएं, घर पर बना भोजन ही करें। 0 बीमार पड़ने पर तत्काल डॉक्टर की सलाह लें।
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नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से रोजना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में इन दिनों पेट संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ी है। खाने-पीने में लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है और उन्हें डायरिया जैसी बीमारी के चपेट में आना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन 20 से 30 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं पांच से दस मरीजों को रोजाना वार्डों में भर्ती करके उपचार कराया जा रहा है। इसके अलावा मियादी बुखार (टाइफाइड) के प्रतिदिन 30 से 40 मरीज उपचार के लिए ओपीडी सभागार में पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल प्रशासन मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए जीवन रक्षक दवाईयों के साथ-साथ डिहाइड्रेशन की शिकायत वाले मरीजों को तत्काल उपचार मुहैया करा रहा है। हालांकि ग्रामीण इलाकों में स्थापित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। समय से अस्पताल खुलना तो दूर बुखार एवं खांसी के अलावा अन्य बीमारियों की दवा मरीजों को उपलब्ध नहीं कराई जाती है, ऐसे में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जिम्मेदार बेहतर उपचार प्रदान करने का दावा करने से पीछे नहीं हटते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस संबंध में सीएमएस डा. राजेश सिंह ने बताया कि इन दिनों डायरिया और मियादी बुखार के मरीजों में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है कि उपचार के लिए आने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधाएं प्रदान की जाए।
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आरएल सहित सभी दवाइयां हैं मौजूद
गाजीपुर। सीएमएस डा. राजेश सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में आरएल, एनएस, आइसोलाइड और डेस्ट्रोज सहित अन्य दवाएं उपलब्ध हैं। मरीजों के आपात स्थिति में पहुंचने के बाद तत्काल उपचार मुहैया कराई जाती है। इसके अलावा करीब 20 से 25 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौजूद है। आपातकक्ष में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती कर मरीजों को तत्काल उपचार मुहैया कराने का काम किया जाता है।
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डॉक्टरों का सुझाव
0 घर से निकलने से पूर्व पर्याप्त पीएं पानी। 0 घर से निकलने से पूर्व पूरी आस्तीन का कपड़ा पहने। 0 धूप में निकलने से बचें। 0 बाहर की तली- भूनी चीजों का प्रयोग नहीं करें। 0 फल धोकर खाएं, घर पर बना भोजन ही करें। 0 बीमार पड़ने पर तत्काल डॉक्टर की सलाह लें।