गाजीपुर। शारदीय नवरात्र की शुरुआत शनिवार से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस व्रत पर्व पर शक्ति की आराधना के लिए पूजन-अर्चन की तैयारी श्रद्धालुओं की ओर से शुरु कर दी गई है। नवरात्र के पहले दिन गहमर स्थित मां कामाख्या धाम, करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी देवी, दिलदारनगर स्थित सायर माई, रेवतीपुर स्थित मां भगवती देवी, बहादुरगंज स्थित मां चंडी धाम, सैदपुर स्थित काली मंदिर, मुहम्मदाबाद स्थित मनोकामना देवी सहित जिले के अन्य प्रसिद्ध देवी मंदिरों में भक्त दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। सेवराई: मां कामाख्या धाम में नवरात्र को देखते हुए लगभग सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। पूरे मंदिर परिसर की साफ-सफाई एवं रंग-रोगन किया जा रहा है। धाम स्थित पोखरे में साफ पानी भरवाया गया। पूरे मंदिर परिसर को रंगीन झालर, बत्तियों से सजाया गया है। मंदिर परिसर स्थित प्रसाद, नारियल, चुनरी एवं चाय, नाश्ते की दुकानें भी सज गई हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिग का पालन कराया जाएगा तथा बिना मास्क के मंदिर परिसर में किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं के पीने एवं हाथ धोने के लिए जगह-जगह शुद्ध पानी की व्यवस्था की गई है। मंदिर समिति के मंत्री जनरल सिंह ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से मंदिर समिति द्वारा सोलह सीसी टीवी कैमरों द्वारा पूरे मंदिर परिसर की निगरानी की जाएगी। एक कतार में पुरुष तथा दूसरी में महिला दर्शनार्थी होंगी। इस संबंध में गहमर के प्रभारी निरीक्षक दिलीप सिंह ने बताया की मंदिर तथा परिसर में सुरक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। थाने के अलावा बाहर से भी पुरुष एवं महिला कांस्टेबल के अलावा कई एसआई की ड्यूटी लगा दी गई है। औड़िहार संवाददाता के अनुसार सैदपुर स्थित मां काली मंदिर, बैजूनगर का शीतला माता मंदिर, रामघाट का वैष्णों माता मंदिर नए रंग रोगन के साथ चमका दिया गया है। कोरोना संक्रमण के बाद इस शारदीय नवरात्र में दर्शन के लिए मंदिर खुला रहेगा जबकि वासंतिक नवरात्र में मंदिर खोले जाने का निर्देश नहीं रहा। सैदपुर काली मंदिर के पुजारी सूर्यकांत मिश्र ने बताया कि मंदिर में दर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन कराया जाएगा। लोगों को मास्क लगाकर आने के लिए भी कहा जाएगा।