संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। सरसों तेल के दाम में एक महीने से उछाल जारी है। रिफाइंड के दाम में कमी तो आई है, लेकिन पैकेट में मात्रा कम हो गई। आटा के पांच किलो के पैकेट में पांच रुपये की बढ़ोतरी हुई। अन्य खाद्य सामग्रियों में भी उतार-चढ़ाव जारी है, जो सीधे आमजनों की रसोई और उनके खानपान को प्रभावित कर रही है। किराना दुकानदार शुभम अग्रवाल ने बताया कि सरसों तेल की जरूरत हर किसी को है। ऐसे में एक माह में सरसों तेल के दाम में 30 से 40 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पैकेट व बोतल में बंद सरसों तेल वर्तमान समय में 185 रुपये लीटर के भाव से ही मिल रहे हैं, जबकि उसकी मात्रा 910 ग्राम ही होती है। वहीं अगर सरसों तेल खुले में बिक्री करने पर इसका अलग भाव है, यह 190 रुपये का एक लीटर मिल रहा है। वजह खुला में तेल की बिक्री तौल करके की जाती है। जबकि जो पैकेट और बोतल में बंद तेल आ रहे हैं, वह कंपनियों द्वारा ही पैक और वजन करके भेजा जाता है। इससे दुकानदार और ग्राहक दोनों को घाटा होता है। किराना दुकानदार बंगाली बाबू ने बताया कि रिफाइंड के दाम में कमी आई है, लेकिन पैकेट में मात्रा घट गई है। पूर्व में 150 रुपये 910 ग्राम मिलता था। अब 135 रुपये का मिल रहा है, लेकिन पैकेट में रिफाइंड की मात्रा 750 ग्राम ही हो चुकी है।वहीं आटा के पांच किलो पैकेट पूर्व में जहां 170 रुपये का मिलता था, अब 175 रुपये का मिल रहा है। स्थिति यह है कि खाद्य सामग्री के दामों में उतार- चढ़ाव का क्रम जारी है, जो सीधे आमलोगों की जेब पर असर डालता है।