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मोंथा का कहर : सड़कों से लेकर खेतों तक भरा पानी

Sat, 01 Nov 2025 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 01:09 AM IST
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Montha's havoc: Water filled from roads to fields
बरेसर गांव के खेत में लगे बारिश के पानी में डूबी धान की फसल। संवाद
गाजीपुर। जनपद में बृहस्पतिवार की रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक झमाझम बारिश हुई। लगातार बारिश होने के कारण शहर समेत ग्रामीण अंचलों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे आवागमन में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में बिजली कटी रही। बारिश के कारण 40 प्रतिशत फसलें बर्बाद हो गईं। पूरी रात बारिश होने के कारण मौसम में नमी आ गई। नगर में 30 अक्तूबर की रात करीब आठ बजे से लेकर 31 अक्तूबर की सुबह साढ़े नौ बजे तक झमाझम बारिश होती रही। बारिश थमने पर नगर के अधिकांश जगहों पर जलभराव हो गया।शहर के लंका, पीरनगर, श्मशान घाट, मिर बाजार, महुआबाग, नखास, नवाब साहब का फाटक, रुई मंडी, सांसद तिराहा, स्टेशन से फूलनपुर व बिराईच मार्ग, सहकारी आमघाट कालोनी,रजदेपुर मार्ग, रौजा, जमानियां मोड आदि मार्ग आदि जर्जर सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया। इससे आवागमन में लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। सड़कों की पटरियों पर कीचड़ होने से फिसलन की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे राहगीर गिरते, संभलते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि जिले में बीते 14 घंटों के दौरान कुल 42.57 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। सबसे अधिक बारिश सदर तहसील क्षेत्र में हुई। वर्षा के कारण जनपद में 1.63 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। इनमें से करीब 65हजार हेक्टेयर यानी 40 प्रतिशत भूभाग में खड़ी धान की फसल को नुकसान हुआ है। साथ ही आलू की बोआई व सब्जियों के फसल पर भी प्रभाव पड़ा है। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि अभी दो दिनों तक हल्की व मध्यम बारिश के आसार हैं।
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डीएम ने नुकसान के आकलन के लिए बनाई टीम-जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जनपद में मोंथा से फसलों को हुई क्षति के आकलन के लिए तहसीलों में प्रारंभिक सर्वे कराए जाने के निर्देश सभी उपजिलाधिकारियों को दिया गया है, ताकि प्रभावित किसानों को आपदा राहत की धनराशि प्रदान की जा सकें। डीएम ने कहा कि जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, वे यदि चाहें तो अपने संबंधित तहसील कार्यालय में भी इस संबंध में जानकारी दे सकते हैं। इससे वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सके। साथ ही, जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी फसल का बीमा कराया है, वे फसल क्षति की सूचना 72 घंटे के भीतर अवश्य टोल फ्री नंबर 14447 पर दें। इससे क्षति का सही मूल्यांकन कर उन्हें योजना का लाभ प्रदान किया जा सकें।
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खंभा लटका, चरमराई बिजली आपूर्ति व्यवस्था-गाजीपुर। बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर मौसम का प्रभाव देखने को मिला। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। लगातार बारिश से स्टीमरघाट में बिजली का खंभा लटक गया। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। वहीं प्रकाश नगर बिजली उपकेंद्र के परिसर में जलभराव हो गया। इससे पुलिस लाइन, लालदरवाजा, बड़ीबाग, सकलेनाबाद, टाउनहाल, उर्दूबाजार आदि मुहल्लों में 5 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। उपकेंद्र के परिसर से जेनरेटर के सहारे पानी बाहर निकाला गया। अधिशासी अभियंता नगर गोपाल सिंह ने बताया कि पोल व तार को दुरुस्त करा कर जल्द ही बिजली आपूर्ति आरंभ की जाएगी।
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तहसीलवार हुई बारिश का विवरण -

तहसील बारिश
सदर 11.42

सैदपुर 04.28
जमानिया 04.28

जखनिया 03.28
मुहम्मदाबाद 08.28
जखनिया 03.28

सेवराई 07.71
नोट : बारिश के आंकड़े एमएम में
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