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साधन के लिए परेशान रहे प्रवासी
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गाजीपुर। सूरत, हरियाणा आदि जनपदों से शनिवार को दिन में जिले के करीब 50 प्रवासी वाराणसी से बस द्वारा सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंचे। इसके बाद थर्मल स्क्रीनिंग कराने और गंतव्य तक जाने के लिए साधन को लेकर परेशान रहे। लोग ऑटो आदि साधनों से अधिक पैसा खर्च कर गंतव्य के लिए रवाना हुए।
मालूम हो कि पिछले कई दिनों से मुंबई, सूरत, गुजरात आदि जनपदों से प्रवासी मजदूर ट्रेन के माध्यम से सिटी रेलवे स्टेशन पर आ रहे थे। इसके बाद संबंधित अधिकारी रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ी रोडवेज बसों में उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग और बाद में गंतव्यों तक भेजवा रहे थे। स्थानीय स्टेशन पर शनिवार को कोई ट्रेन नहीं आई। दिन में करीब 12 बजे वाराणसी से बस द्वारा करीब 50 प्रवासी सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंचे। इनमें जमानिया, कासिमाबाद, शहबाजकुली, मरदह, बिरनो आदि स्थानों के लोग थे। इनके साथ छोटे-छोटे बच्चे भी थे। वाराणसी से इन्हें लेकर आया चालक उतारने के बाद बस लेकर चला गया। इससे प्रवासियों की परेशानी बढ़ गई। वहां मौजूद जीआरपी के पुलिसकर्मियों से प्रवासी यह पूछते रहे कि उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कहां होगी और वे घर कैसे पहुंचेंगे। इधर-उधर भटकने बाद जब शासन की तरफ से साधन की कोई सुविधा नहीं थी तो वह ऑटो, ईरिक्शा चालकों को अधिक पैसा देकर थर्मल स्क्रीनिंग कराने के लिए जिला अस्पताल और बाद घर को रवाना हुए।
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मालूम हो कि पिछले कई दिनों से मुंबई, सूरत, गुजरात आदि जनपदों से प्रवासी मजदूर ट्रेन के माध्यम से सिटी रेलवे स्टेशन पर आ रहे थे। इसके बाद संबंधित अधिकारी रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ी रोडवेज बसों में उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग और बाद में गंतव्यों तक भेजवा रहे थे। स्थानीय स्टेशन पर शनिवार को कोई ट्रेन नहीं आई। दिन में करीब 12 बजे वाराणसी से बस द्वारा करीब 50 प्रवासी सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंचे। इनमें जमानिया, कासिमाबाद, शहबाजकुली, मरदह, बिरनो आदि स्थानों के लोग थे। इनके साथ छोटे-छोटे बच्चे भी थे। वाराणसी से इन्हें लेकर आया चालक उतारने के बाद बस लेकर चला गया। इससे प्रवासियों की परेशानी बढ़ गई। वहां मौजूद जीआरपी के पुलिसकर्मियों से प्रवासी यह पूछते रहे कि उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कहां होगी और वे घर कैसे पहुंचेंगे। इधर-उधर भटकने बाद जब शासन की तरफ से साधन की कोई सुविधा नहीं थी तो वह ऑटो, ईरिक्शा चालकों को अधिक पैसा देकर थर्मल स्क्रीनिंग कराने के लिए जिला अस्पताल और बाद घर को रवाना हुए।
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