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Ghazipur News: परिवार नियोजन में पुरुष पीछे, नसबंदी का बोझ महिलाओं पर
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गाजीपुर। परिवार नियोजन में पति-पत्नी की साझा जिम्मेदारी की बात होती है, लेकिन पूर्वांचल के दस जिलों के आंकड़े स्थायी गर्भनिरोध के मामले में महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी के बीच बड़ा अंतर है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5 और एनएफएचएस-6) के आंकड़ों के अनुसार, इन जिलों में महिला नसबंदी की दर 18.3 से 38.8 फीसदी तक है, जबकि पुरुष नसबंदी की दर शून्य से 0.4 फीसदी के बीच है। चंदौली में पुरुष नसबंदी की दर सर्वाधिक 0.4 फीसदी दर्ज की गई, जबकि जौनपुर और मऊ में दोनों सर्वेक्षणों के दौरान यह आंकड़ा शून्य रहा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से बीते अगस्त में जारी एनएफएचएस-6 के जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, गाजीपुर में महिला नसबंदी की दर 20.9 से बढ़कर 29.4 फीसदी हो गई। यानी 8.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। इसके विपरीत, पुरुष नसबंदी की दर शून्य से बढ़कर महज 0.2 फीसदी तक पहुंची। दस जिलों में नौ में महिला नसबंदी की दर बढ़ी, जबकि आजमगढ़ में 1.9 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई। पुरुष नसबंदी के आंकड़ों के अनुसार, एनएफएचएस-5 की तुलना में आठ जिलों में इसमें बढ़ोतरी हुई, जबकि जौनपुर और मऊ में कोई बदलाव नहीं हुआ।
गाजीपुर में सबसे अधिक बढ़ोतरी, आजमगढ़ में आई गिरावट
जिलेवार आंकड़ों में महिला नसबंदी की दर में सबसे बड़ी बढ़ोतरी गाजीपुर में दर्ज हुई। यहां यह दर एनएफएचएस-5 के 20.9 फीसदी से बढ़कर एनएफएचएस-6 में 29.4 फीसदी हो गई। बलिया में यह 15.5 से बढ़कर 22.1 फीसदी, मऊ में 11.8 से बढ़कर 18.3 फीसदी और वाराणसी में 23.9 से बढ़कर 29.1 फीसदी हो गई।
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मिर्जापुर में महिला नसबंदी की दर 32.4 से बढ़कर 38.8 फीसदी पहुंच गई, जो दस जिलों में सर्वाधिक है। वहीं, आजमगढ़ में यह दर 23.3 से घटकर 21.4 फीसदी रह गई। यहां 1.9 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई।
पुरुष नसबंदी में चंदौली आगे, जौनपुर और मऊ में बदलाव नहीं
पुरुष नसबंदी की दर चंदौली में 0.2 से बढ़कर 0.4 फीसदी हो गई। वाराणसी में यह 0.1 से बढ़कर 0.3 फीसदी पहुंची। गाजीपुर, भदोही, बलिया और मिर्जापुर में पुरुष नसबंदी की दर शून्य से बढ़कर 0.2 फीसदी दर्ज हुई। सोनभद्र में यह 0.1 से बढ़कर 0.2 फीसदी और आजमगढ़ में शून्य से बढ़कर 0.1 फीसदी हो गई। जौनपुर और मऊ में दोनों सर्वेक्षणों के दौरान पुरुष नसबंदी की दर शून्य रही। इन दस जिलों में किसी भी जिले में पुरुष नसबंदी की दर 0.4 फीसदी से अधिक नहीं पहुंची।
आधुनिक गर्भनिरोधक तरीकों का इस्तेमाल घटा
गाजीपुर में परिवार नियोजन के किसी भी आधुनिक तरीके के इस्तेमाल की दर 51.2 से घटकर 37.3 फीसदी रह गई। वहीं, पारंपरिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 11.7 से बढ़कर 24.8 फीसदी हो गई। यानी महिला नसबंदी की दर में बढ़ोतरी के बावजूद आधुनिक गर्भनिरोधक तरीकों के समग्र इस्तेमाल में गिरावट दर्ज हुई। भदोही में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 40.2 से घटकर 39.0 फीसदी रह गई, जबकि पारंपरिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 13.6 से बढ़कर 22.0 फीसदी हो गई। यहां परिवार नियोजन का कोई भी तरीका अपनाने वाली विवाहित महिलाओं का प्रतिशत 53.8 से बढ़कर 61.0 हो गया। आजमगढ़ में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 28.8 से घटकर 28.1 फीसदी रह गई, जबकि परिवार नियोजन का कोई भी तरीका अपनाने वाली विवाहित महिलाओं का प्रतिशत 52.7 से बढ़कर 61.6 हो गया। मऊ में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 39.0 से घटकर 27.9 फीसदी हो गई, लेकिन परिवार नियोजन का कोई भी तरीका अपनाने वाली विवाहित महिलाओं का प्रतिशत 54.2 से बढ़कर 67.9 हो गया। जौनपुर में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 55.2 से घटकर 32.8 फीसदी रह गई, जबकि पारंपरिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 6.8 से बढ़कर 29.3 फीसदी दर्ज की गई।
महिला नसबंदी में बदलाव प्रतिशत में
जिला
एनएफएचएस-5 एनएफएचएस-6 बदलाव (प्रतिशत)
गाजीपुर
20.9
29.4
+8.5
भदोही 30.9
31.7
+0.8
चंदौली 34.9
37.9
+3.0
वाराणसी
23.9
29.1
+5.2
जौनपुर
23.5
26.3
+2.8
आजमगढ़
23.3
21.4
-1.9
मऊ
11.8
18.3
+6.5
मिर्जापुर
32.4
38.8
+6.4
बलिया 15.5
22.1
+6.6
सोनभद्र
33.7
37.5
+3.8
जागरूकता की कमी के कारण पुरुष नसबंदी को लेकर लोग हिचकिचाते हैं। हालांकि, पहले की तुलना में जिले में पुरुष नसबंदी के आंकड़ों में सुधार हुआ है। पुरुष नसबंदी के लिए ब्लॉकवार टीमें लगाई गई हैं, जो लोगों को जागरूक कर रही हैं। इसके बावजूद पुरुष नसबंदी के लिए लोग जल्दी आगे नहीं आ रहे हैं। - डॉ. एसके पांडेय, सीएमओ, गाजीपुर
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से बीते अगस्त में जारी एनएफएचएस-6 के जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, गाजीपुर में महिला नसबंदी की दर 20.9 से बढ़कर 29.4 फीसदी हो गई। यानी 8.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। इसके विपरीत, पुरुष नसबंदी की दर शून्य से बढ़कर महज 0.2 फीसदी तक पहुंची। दस जिलों में नौ में महिला नसबंदी की दर बढ़ी, जबकि आजमगढ़ में 1.9 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई। पुरुष नसबंदी के आंकड़ों के अनुसार, एनएफएचएस-5 की तुलना में आठ जिलों में इसमें बढ़ोतरी हुई, जबकि जौनपुर और मऊ में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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गाजीपुर में सबसे अधिक बढ़ोतरी, आजमगढ़ में आई गिरावट
जिलेवार आंकड़ों में महिला नसबंदी की दर में सबसे बड़ी बढ़ोतरी गाजीपुर में दर्ज हुई। यहां यह दर एनएफएचएस-5 के 20.9 फीसदी से बढ़कर एनएफएचएस-6 में 29.4 फीसदी हो गई। बलिया में यह 15.5 से बढ़कर 22.1 फीसदी, मऊ में 11.8 से बढ़कर 18.3 फीसदी और वाराणसी में 23.9 से बढ़कर 29.1 फीसदी हो गई।
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मिर्जापुर में महिला नसबंदी की दर 32.4 से बढ़कर 38.8 फीसदी पहुंच गई, जो दस जिलों में सर्वाधिक है। वहीं, आजमगढ़ में यह दर 23.3 से घटकर 21.4 फीसदी रह गई। यहां 1.9 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई।
पुरुष नसबंदी में चंदौली आगे, जौनपुर और मऊ में बदलाव नहीं
पुरुष नसबंदी की दर चंदौली में 0.2 से बढ़कर 0.4 फीसदी हो गई। वाराणसी में यह 0.1 से बढ़कर 0.3 फीसदी पहुंची। गाजीपुर, भदोही, बलिया और मिर्जापुर में पुरुष नसबंदी की दर शून्य से बढ़कर 0.2 फीसदी दर्ज हुई। सोनभद्र में यह 0.1 से बढ़कर 0.2 फीसदी और आजमगढ़ में शून्य से बढ़कर 0.1 फीसदी हो गई। जौनपुर और मऊ में दोनों सर्वेक्षणों के दौरान पुरुष नसबंदी की दर शून्य रही। इन दस जिलों में किसी भी जिले में पुरुष नसबंदी की दर 0.4 फीसदी से अधिक नहीं पहुंची।
आधुनिक गर्भनिरोधक तरीकों का इस्तेमाल घटा
गाजीपुर में परिवार नियोजन के किसी भी आधुनिक तरीके के इस्तेमाल की दर 51.2 से घटकर 37.3 फीसदी रह गई। वहीं, पारंपरिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 11.7 से बढ़कर 24.8 फीसदी हो गई। यानी महिला नसबंदी की दर में बढ़ोतरी के बावजूद आधुनिक गर्भनिरोधक तरीकों के समग्र इस्तेमाल में गिरावट दर्ज हुई। भदोही में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 40.2 से घटकर 39.0 फीसदी रह गई, जबकि पारंपरिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 13.6 से बढ़कर 22.0 फीसदी हो गई। यहां परिवार नियोजन का कोई भी तरीका अपनाने वाली विवाहित महिलाओं का प्रतिशत 53.8 से बढ़कर 61.0 हो गया। आजमगढ़ में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 28.8 से घटकर 28.1 फीसदी रह गई, जबकि परिवार नियोजन का कोई भी तरीका अपनाने वाली विवाहित महिलाओं का प्रतिशत 52.7 से बढ़कर 61.6 हो गया। मऊ में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 39.0 से घटकर 27.9 फीसदी हो गई, लेकिन परिवार नियोजन का कोई भी तरीका अपनाने वाली विवाहित महिलाओं का प्रतिशत 54.2 से बढ़कर 67.9 हो गया। जौनपुर में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 55.2 से घटकर 32.8 फीसदी रह गई, जबकि पारंपरिक तरीकों के इस्तेमाल की दर 6.8 से बढ़कर 29.3 फीसदी दर्ज की गई।
महिला नसबंदी में बदलाव प्रतिशत में
जिला
एनएफएचएस-5 एनएफएचएस-6 बदलाव (प्रतिशत)
गाजीपुर
20.9
29.4
+8.5
भदोही 30.9
31.7
+0.8
चंदौली 34.9
37.9
+3.0
वाराणसी
23.9
29.1
+5.2
जौनपुर
23.5
26.3
+2.8
आजमगढ़
23.3
21.4
-1.9
मऊ
11.8
18.3
+6.5
मिर्जापुर
32.4
38.8
+6.4
बलिया 15.5
22.1
+6.6
सोनभद्र
33.7
37.5
+3.8
जागरूकता की कमी के कारण पुरुष नसबंदी को लेकर लोग हिचकिचाते हैं। हालांकि, पहले की तुलना में जिले में पुरुष नसबंदी के आंकड़ों में सुधार हुआ है। पुरुष नसबंदी के लिए ब्लॉकवार टीमें लगाई गई हैं, जो लोगों को जागरूक कर रही हैं। इसके बावजूद पुरुष नसबंदी के लिए लोग जल्दी आगे नहीं आ रहे हैं। - डॉ. एसके पांडेय, सीएमओ, गाजीपुर