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पिता-पुत्र सहित तीन को आजीवन कारावास
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक रामसुध सिंह की अदालत ने आठ वर्ष पुराने भांवरकोल थाना क्षेत्र के खैराबारी में हुए हत्या के मामले में पिता-पुत्र सहित तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 20- 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार भांवरकोल थाना क्षेत्र के खैराबारी निवासी संजय सिंह यादव ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया कि बीते 6 सितंबर 2010 को उसके भाई रंजय यादव की हत्या हुई थी। इसमें ओम प्रकाश पांडेय, पवन कुमार राय, नवीन कुमार राय और पंकज राय को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और अपील उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले की पैरवी पिता रामराज यादव के द्वारा की जाती रही थी। इस कारण अभियुक्तगण के परिवार के कृष्णानंद पांडेय,गोपाल पांडेय, लक्ष्मण राय नाराज रहते थे। इन लोगों ने साजिश करके 25 नवंबर 2014 की रात मेरे पिता की हत्या कर दी थी। कृष्णा नंद पांडेय, लक्ष्मण राय, गोपाल पांडेय और दिवाकर राय के विरुद्ध हत्या का मुकदमा थाना भांवरकोल में पंजीकृत हुआ। विवेचना के दौरान पंकज राय और ओम प्रकाश पांडेय, पवन राय एवं नवीन राय का नाम साजिशकर्ता के रूप में बढ़ाया गया। न्यायालय में विचारण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने छह गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की तरफ से बहस को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी पवन राय, पंकज राय, नवीन राय, ओम प्रकाश पांडेय और दिवाकर राय को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं अदालत ने कृष्णानंद पांडेय, उनके पिता गोपाल पांडेय और लक्ष्मण राय को हत्या का दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई है।
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अभियोजन के अनुसार भांवरकोल थाना क्षेत्र के खैराबारी निवासी संजय सिंह यादव ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया कि बीते 6 सितंबर 2010 को उसके भाई रंजय यादव की हत्या हुई थी। इसमें ओम प्रकाश पांडेय, पवन कुमार राय, नवीन कुमार राय और पंकज राय को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और अपील उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले की पैरवी पिता रामराज यादव के द्वारा की जाती रही थी। इस कारण अभियुक्तगण के परिवार के कृष्णानंद पांडेय,गोपाल पांडेय, लक्ष्मण राय नाराज रहते थे। इन लोगों ने साजिश करके 25 नवंबर 2014 की रात मेरे पिता की हत्या कर दी थी। कृष्णा नंद पांडेय, लक्ष्मण राय, गोपाल पांडेय और दिवाकर राय के विरुद्ध हत्या का मुकदमा थाना भांवरकोल में पंजीकृत हुआ। विवेचना के दौरान पंकज राय और ओम प्रकाश पांडेय, पवन राय एवं नवीन राय का नाम साजिशकर्ता के रूप में बढ़ाया गया। न्यायालय में विचारण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने छह गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की तरफ से बहस को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी पवन राय, पंकज राय, नवीन राय, ओम प्रकाश पांडेय और दिवाकर राय को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं अदालत ने कृष्णानंद पांडेय, उनके पिता गोपाल पांडेय और लक्ष्मण राय को हत्या का दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई है।
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