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बीते पांच वर्ष, 154 हेल्थ वेलनेस सेंटर ही संचालित
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गाजीपुर। जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को जांच एवं उपचार की बेहतर सुविधा प्रदान का उद्धेश्य पूर्ण होता नहीं दिख रहा है। वजह पांच वर्ष बीतने के बावजूद अब तक मात्र 154 हेल्थ वेलनेस सेंटर ही संचालित हो सके हैं। स्थिति यह है कि 306 में 238 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 68 सेंटर अभी भी निर्माणाधीन हैं। ऐसे में चिकित्सकीय सुविधा का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को निजी जांच केंद्रों और झोला छाप चिकित्सकों का जहां सहारा लेना पड़ रहा है, वहीं आर्थिक दंश भी झेलना पड़ रहा है।
मधुमेह, रक्तचाप, हृदय रोग संबंधित मरीजों को नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जनपद में स्थापित स्वास्थ्य उपकेंद्र को हेल्थ वेलनेस सेंटर में परिवर्तित करने की प्रक्रिया सरकार द्वारा शुरू की गई। इसके लिए विभिन्न गांव के 254 उपकेंद्रों को चयनित किया गया, लेकिन पांच वर्ष में मात्र 198 ही परिवर्तित हो सके। वहीं 56 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर कार्य चल रहा है। करीब 52 न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 39 ही पूर्ण हो सके, अभी भी 13 अपूर्ण बने हुए हैं। विभाग कभी कोरोना संक्रमण काल की दोहाई देकर कार्य की रफ्तार धीमी बताता है, तो कभी जल्द पूर्ण करने का दावा करता है। जबकि स्थिति जस की तस बनी हुई है। यहीं नहीं पूर्ण इन हेल्थ सेंटरों में भी मात्र 154 का ही संचालन हो रहा है। इसके संचालन नहीं होने के पीछे भी अधिकारियों द्वारा सीएचओ के तैनाती न होने का तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते बेहतर चिकित्सकीय सुविधा से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को वंचित होना पड़ रहा है।
जिले में 306 हेल्थ वेलनेस सेंटर में 238 पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान समय में 154 सेंटर संचालित हैं। सीएचओ की तैनाती न होने से पूर्ण हो चुके शेष सेंटर संचालित नहीं हो पा रहे हैं। जल्द ही तैनाती के बाद संचालन होगा। साथ ही अपूर्ण सेंटर जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे।- डा. केके वर्मा, एसीएमओ
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मधुमेह, रक्तचाप, हृदय रोग संबंधित मरीजों को नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जनपद में स्थापित स्वास्थ्य उपकेंद्र को हेल्थ वेलनेस सेंटर में परिवर्तित करने की प्रक्रिया सरकार द्वारा शुरू की गई। इसके लिए विभिन्न गांव के 254 उपकेंद्रों को चयनित किया गया, लेकिन पांच वर्ष में मात्र 198 ही परिवर्तित हो सके। वहीं 56 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर कार्य चल रहा है। करीब 52 न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 39 ही पूर्ण हो सके, अभी भी 13 अपूर्ण बने हुए हैं। विभाग कभी कोरोना संक्रमण काल की दोहाई देकर कार्य की रफ्तार धीमी बताता है, तो कभी जल्द पूर्ण करने का दावा करता है। जबकि स्थिति जस की तस बनी हुई है। यहीं नहीं पूर्ण इन हेल्थ सेंटरों में भी मात्र 154 का ही संचालन हो रहा है। इसके संचालन नहीं होने के पीछे भी अधिकारियों द्वारा सीएचओ के तैनाती न होने का तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते बेहतर चिकित्सकीय सुविधा से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को वंचित होना पड़ रहा है।
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जिले में 306 हेल्थ वेलनेस सेंटर में 238 पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान समय में 154 सेंटर संचालित हैं। सीएचओ की तैनाती न होने से पूर्ण हो चुके शेष सेंटर संचालित नहीं हो पा रहे हैं। जल्द ही तैनाती के बाद संचालन होगा। साथ ही अपूर्ण सेंटर जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे।- डा. केके वर्मा, एसीएमओ
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