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राज्य और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ी
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गाजीपुर। प्रदेश के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कालेजों में कार्यरत शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर सरकार की ओर से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और प्रदेश स्तर पर राज्य अध्यापक पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई है। अब प्रदेश सरकार ने इन दोनों पुरस्कारों के अलावा अशासकीय वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों लिए मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है। यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को ही दिया जाएगा। प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर चार अगस्त कर दी गई है।
इस संबंध में विशेष सचिव का निर्देश माध्यमिक शिक्षा निदेशक के माध्यम से सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को प्राप्त हो चुका है। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय का दिशा-निर्देश सभी प्रधानाचार्यो को प्राप्त हो चुका है। राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि चार अगस्त तक निर्धारित की गई है। आनलाइन आवेेेदन कम प्राप्त होने के कारण इसकी अंतिम तिथि को बढ़ाया गया है। अभी तक राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए 30 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए 18 आवेदन ही प्रदेश स्तर पर प्राप्त हुए हैं। सरकार ने पांच से 13 अगस्त तक जिला समिति से आवेदन मंडलीय समिति को उपलब्ध कराने की तिथि निर्धारित की है, जबकि मंडलीय समिति इसे राज्य समिति को 14 से 20 अगस्त तक उपलब्ध कराएगी। जबकि मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए 17 अगस्त तक मंडलीय समिति और 20 तक राज्य समिति को उपलब्ध कराना है। आनलाइन की हार्ड कापी जिला कार्यालय पर जमा करनी होगी। प्रतिभा संपन्न शिक्षकों की ओर से अपने सेवाकाल में शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र हित में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें सम्मानित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और राज्य अध्यापक पुरस्कार दिया जाता है। ठीक उसी आधार पर वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार देने की भी व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार एसोसिएशन के वाराणसी मंडल के अध्यक्ष एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्य रामअवतार यादव ने राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने का स्वागत किया है। कहा कि सरकार द्वारा वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार दिए जाने की घोषणा से ऐसे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शैक्षिक कार्य में उनका मन लगेगा। भारत सरकार ने वर्ष 1958 में राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और प्रदेश स्तर पर राज्य सरकार ने वर्ष 1964 में राज्य अध्यापक पुरस्कार देने की शुरुआत की थी। तब से यह पुरस्कार प्रति वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले के 36 शिक्षकों को अब तक यह दोनों पुरस्कार मिल चुका है। इसमें 21 शिक्षकों ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और 15 शिक्षकों ने राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त किया है। इनमें से तीन शिक्षक राजकीय माध्यमिक विद्यालयों, एक डायट और 32 शिक्षक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शामिल हैं।
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इस संबंध में विशेष सचिव का निर्देश माध्यमिक शिक्षा निदेशक के माध्यम से सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को प्राप्त हो चुका है। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय का दिशा-निर्देश सभी प्रधानाचार्यो को प्राप्त हो चुका है। राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि चार अगस्त तक निर्धारित की गई है। आनलाइन आवेेेदन कम प्राप्त होने के कारण इसकी अंतिम तिथि को बढ़ाया गया है। अभी तक राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए 30 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए 18 आवेदन ही प्रदेश स्तर पर प्राप्त हुए हैं। सरकार ने पांच से 13 अगस्त तक जिला समिति से आवेदन मंडलीय समिति को उपलब्ध कराने की तिथि निर्धारित की है, जबकि मंडलीय समिति इसे राज्य समिति को 14 से 20 अगस्त तक उपलब्ध कराएगी। जबकि मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए 17 अगस्त तक मंडलीय समिति और 20 तक राज्य समिति को उपलब्ध कराना है। आनलाइन की हार्ड कापी जिला कार्यालय पर जमा करनी होगी। प्रतिभा संपन्न शिक्षकों की ओर से अपने सेवाकाल में शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र हित में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें सम्मानित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और राज्य अध्यापक पुरस्कार दिया जाता है। ठीक उसी आधार पर वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार देने की भी व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार एसोसिएशन के वाराणसी मंडल के अध्यक्ष एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्य रामअवतार यादव ने राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने का स्वागत किया है। कहा कि सरकार द्वारा वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार दिए जाने की घोषणा से ऐसे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शैक्षिक कार्य में उनका मन लगेगा। भारत सरकार ने वर्ष 1958 में राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और प्रदेश स्तर पर राज्य सरकार ने वर्ष 1964 में राज्य अध्यापक पुरस्कार देने की शुरुआत की थी। तब से यह पुरस्कार प्रति वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले के 36 शिक्षकों को अब तक यह दोनों पुरस्कार मिल चुका है। इसमें 21 शिक्षकों ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और 15 शिक्षकों ने राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त किया है। इनमें से तीन शिक्षक राजकीय माध्यमिक विद्यालयों, एक डायट और 32 शिक्षक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शामिल हैं।
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