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अधर्म और अन्याय का विरोध ही क्षत्रियों का धर्म
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sun, 21 Dec 2014 11:01 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय क्षत्रीय राजपूत संघ का10वां राष्ट्रीय अधिवेशन स्थानीय प्राथमिक पाठशाला परिसर में रविवार को हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि दसनाम जूना अखाड़ा दुधेश्वर धाम गाजियाबाद के महंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि समाज के कमजोर लोगों की रक्षा करने के साथ ही अन्याय के खिलाफ लड़ना क्षत्रियों का धर्म है।
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उन्होंने कहा कि क्षत्रियों को 36 कुल देवियोें की पूजा करनी चाहिए। उन्हें एक नेतृत्व का चयन करना चाहिए। अमर सिंह भदौरिया ने कहा कि क्षत्रियों को शस्त्र की पूजा करनी चाहिए। क्षत्रीय जाति नहीं धर्म है। हमें अपने धर्म के साथ जुड़ना होगा। गाजीपुर की भूमि तपोभूमि है। यहां आयोजित 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन जरूर सफल होगा।
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उन्होंने कहा कि युवा अपने पथ से भटक रहे हैं। उन्हें उनके कर्तव्य और दायित्व का बोध कराना होगा। इस मौके पर मनोज सिंह, मारकंडेय सिंह, राजेंद्र सिंह विसेन, रामपूजन सिंह, रामजी सिंह, श्रीकांत सिंह, गोपाल सिंह सिसौदिया, राजनारायण सिंह, हरिहर सिंह, मुन्ना सिंह, भरत सिंह, सचिदानंद सिंह, जयराम सिंह, राजकुमार सिंह गहरवार, आदम सिंह राठौर और अखंडप्रताप सिंह आदि थे। संचालन रामअलम सिंह तथा आभार रामप्रवेश सिंह ने व्यक्त किया।
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