{"_id":"618c0a15042764085d248cc1","slug":"internet-system-failed-by-removing-generator-and-installing-solar-ghazipur-news-vns6218941107","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनरेटर हटाकर सोलर लगाने से इंटरनेट व्यवस्था फेल...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनरेटर हटाकर सोलर लगाने से इंटरनेट व्यवस्था फेल...
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र में इंटरनेट की गति काफी धीमा होने से लोगों को बैंक के कामकाज से लेकर आय, जाति, निवास, ईडब्लूएस बनवाने में बेहद दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत विभिन्न निजी और सरकारी आपरेटरों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे में इंटरनेट की गति धीमी होने से ग्रामीणों को बैंकों में घंटों लंबी लाइन लगानी पड़ रही है। जिससे काफी भीड़ होने से कोविड-19 के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ रही हैं। ऐसे ही घरों पर इंटरनेट नहीं चल पाने के कारण बच्चों के प्रोजेक्ट कराने और आनलाइन क्लास करना परेशानी भरा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राइवेट आपरेटर जिओ, एयरटेल व वोडाफोन इत्यादि ने अपने अधिकतर टावरों पर सोलर लगा दिया है। वहां से जनरेटर हटा लिया गया है या डीजल सप्लाई बंद है। इधर ठंडी के मौसम में सोलर काम नहीं पाने से जब बिजली नहीं रहती है तो टावर का नेटवर्क गायब हो जाता है।
विज्ञापन
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली सप्लाई देने के निर्देश के बावजूद अधिकतम 15 घंटे बिजली रहती है। जिससे इंटरनेट और नेटवर्क का नहीं रहना बड़ी समस्या बनी रहती है। इस संबंध में बीएसएनएल के उप मंडल अधिकारी व मंडल अधिकारी से बात किया तो वह कुछ भी स्पष्ट जवाब देने से बचते रहे। जब बीएसएनएल के जिला दूरसंचार अधिकारी मनीष सोनकर से बात हुई तो उन्होंने बताया कि काफी दिनों से जिले को बैटरभ उपलब्ध नहीं हो रही है। जब तक बैटरी उपलब्ध नहीं होगी और बैटरी बैकअप अच्छा नहीं होगा। जो समस्या खड़ी कर सकता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने ठगा महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन
ऐसे में इंटरनेट की गति धीमी होने से ग्रामीणों को बैंकों में घंटों लंबी लाइन लगानी पड़ रही है। जिससे काफी भीड़ होने से कोविड-19 के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ रही हैं। ऐसे ही घरों पर इंटरनेट नहीं चल पाने के कारण बच्चों के प्रोजेक्ट कराने और आनलाइन क्लास करना परेशानी भरा हो गया है।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राइवेट आपरेटर जिओ, एयरटेल व वोडाफोन इत्यादि ने अपने अधिकतर टावरों पर सोलर लगा दिया है। वहां से जनरेटर हटा लिया गया है या डीजल सप्लाई बंद है। इधर ठंडी के मौसम में सोलर काम नहीं पाने से जब बिजली नहीं रहती है तो टावर का नेटवर्क गायब हो जाता है।
विज्ञापन
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली सप्लाई देने के निर्देश के बावजूद अधिकतम 15 घंटे बिजली रहती है। जिससे इंटरनेट और नेटवर्क का नहीं रहना बड़ी समस्या बनी रहती है। इस संबंध में बीएसएनएल के उप मंडल अधिकारी व मंडल अधिकारी से बात किया तो वह कुछ भी स्पष्ट जवाब देने से बचते रहे। जब बीएसएनएल के जिला दूरसंचार अधिकारी मनीष सोनकर से बात हुई तो उन्होंने बताया कि काफी दिनों से जिले को बैटरभ उपलब्ध नहीं हो रही है। जब तक बैटरी उपलब्ध नहीं होगी और बैटरी बैकअप अच्छा नहीं होगा। जो समस्या खड़ी कर सकता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने ठगा महसूस कर रहे हैं।