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Ghazipur News: पीएम श्री विद्यालयों में बच्चों की सीखने की गतिविधियां होंगी रोचक
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गाजीपुर। जिले के 25 पीएम-श्री विद्यालयों में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिका में बच्चों की सीखने की गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए ब्लू टूथ इनेबल्ड स्पीकर खरीदा जाएगा। जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सर्वजीत यादव ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय को पांच हजार रुपये की दर से शासन की ओर से कुल एक लाख 25 हजार रुपये की धनराशि जारी की गई है। स्पीकर के माध्यम से तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कहानी, कविता, गीत और पहेली आदि सुनाई जाएगी।
प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों की भाषा, सुनने की क्षमता और अभिव्यक्ति विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को कहानी, कविता, गीत और पहेलियों के माध्यम से अधिक मनोरंजक एवं गतिविधि-आधारित बनाना है ताकि बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति, सुनने और सीखने की प्रवृत्ति को गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया जा सके। इसके अलावा बच्चों को समूह में विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर उनकी सीखने की क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। शासन का मानना है कि श्रव्य सामग्री के माध्यम से बालवाटिका के बच्चों के सीखने के माहौल को अधिक रुचिकर बनाया जा सकता है।
जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सर्वजीत यादव ने बताया कि विद्यालयों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्पीकर खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लूटूथ स्पीकर की गुणवत्ता और उसके नियमित उपयोग की निगरानी के भी निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में स्पीकर की उपलब्धता और उसके उपयोग की समय-समय पर समीक्षा भी होगी।
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प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों की भाषा, सुनने की क्षमता और अभिव्यक्ति विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को कहानी, कविता, गीत और पहेलियों के माध्यम से अधिक मनोरंजक एवं गतिविधि-आधारित बनाना है ताकि बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति, सुनने और सीखने की प्रवृत्ति को गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया जा सके। इसके अलावा बच्चों को समूह में विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर उनकी सीखने की क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। शासन का मानना है कि श्रव्य सामग्री के माध्यम से बालवाटिका के बच्चों के सीखने के माहौल को अधिक रुचिकर बनाया जा सकता है।
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जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सर्वजीत यादव ने बताया कि विद्यालयों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्पीकर खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लूटूथ स्पीकर की गुणवत्ता और उसके नियमित उपयोग की निगरानी के भी निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में स्पीकर की उपलब्धता और उसके उपयोग की समय-समय पर समीक्षा भी होगी।
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