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Ghazipur News: उद्योग-व्यापार से िमलेगी विकास की राह
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विश्वकर्मा समाज का जनपदीय वार्षिक सम्मेलन लंका मैदान स्थित हाल में रविवार को हुआ। इसमें समाज के मान सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि डा. राम अवतार विश्वकर्मा ने कहा कि संघर्ष में वह शक्ति है, जो मनुष्य को सफलता के उच्च शिखर पर पहुंचने में मदद करती है।
उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा समाज को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक सभी क्षेत्रों में अपनी पहचान बनानी चाहिए और देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। विशिष्ट अतिथि नरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि समाज जब शिक्षित होगा, तभी हम सामाजिक बुराइयों से लड़ पाएंगे। यह जिम्मेदारी समाज के उन लोगों की और बढ़ जाती है, जो समाज में उच्च भागीदारी का सक्रियता से निर्वहन करते हैं। जिलाध्यक्ष जनार्दन शर्मा ने अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि समाज को जागृत करने में आप लोगों का बहुत योगदान है।
विशिष्ट अतिथि रामशिरोमणि विश्वकर्मा ने कहा कि सरकारी नौकरी बहुत घट गई है। विश्वकर्मा जनों को उद्योग और व्यापार में लगना चाहिए। इसमें विकास की बहुत संभावनाएं हैं। सम्मेलन में सर्व प्रथम भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद समाज की वार्षिक पत्रिका विश्वकर्मा प्रकाश का विमोचन किया गया। हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण स्वजातीय छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पीजीआई के एसोसिएट प्रोफेसर डा. पवन कुमार विश्वकर्मा, शशिकांत शर्मा, विनीत शर्मा, गंगासागर शर्मा, प्रवीण विश्वकर्मा, आलोक शर्मा, रविशेखर शर्मा मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा समाज को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक सभी क्षेत्रों में अपनी पहचान बनानी चाहिए और देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। विशिष्ट अतिथि नरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि समाज जब शिक्षित होगा, तभी हम सामाजिक बुराइयों से लड़ पाएंगे। यह जिम्मेदारी समाज के उन लोगों की और बढ़ जाती है, जो समाज में उच्च भागीदारी का सक्रियता से निर्वहन करते हैं। जिलाध्यक्ष जनार्दन शर्मा ने अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि समाज को जागृत करने में आप लोगों का बहुत योगदान है।
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विशिष्ट अतिथि रामशिरोमणि विश्वकर्मा ने कहा कि सरकारी नौकरी बहुत घट गई है। विश्वकर्मा जनों को उद्योग और व्यापार में लगना चाहिए। इसमें विकास की बहुत संभावनाएं हैं। सम्मेलन में सर्व प्रथम भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद समाज की वार्षिक पत्रिका विश्वकर्मा प्रकाश का विमोचन किया गया। हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण स्वजातीय छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पीजीआई के एसोसिएट प्रोफेसर डा. पवन कुमार विश्वकर्मा, शशिकांत शर्मा, विनीत शर्मा, गंगासागर शर्मा, प्रवीण विश्वकर्मा, आलोक शर्मा, रविशेखर शर्मा मौजूद रहे।
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