{"_id":"698a3417338ea547ab0fedd3","slug":"in-some-places-the-toilets-are-locked-while-in-others-both-male-and-female-students-use-the-same-toilet-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-146919-2026-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: कहीं शौचालयों पर ताला तो कहीं एक में ही जाते हैं छात्र-छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: कहीं शौचालयों पर ताला तो कहीं एक में ही जाते हैं छात्र-छात्राएं
विज्ञापन
खुदाबक्शपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के शौचालय के गेट पर लगा ताला। संवाद
गाजीपुर। सरकार का प्राथमिक शिक्षा पर जोर है। लेकिन, शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण सब पढ़े-सब बढ़े का नारा केवल कागजी साबित हो रहा है। प्राथमिक विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति बदहाल है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मूलभूत सुविधाएं ही दुरुस्त नहीं हैं, तो फिर अभिभावक क्यों अपने बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने के लिए भेजें। प्राथमिक विद्यालयों के शौचालयों में ताला लटक रहा है। कुछ जगहों पर साफ-सफाई ही नहीं होती है। कहीं-कहीं एक ही शौचालय का इस्तेमाल छात्र व छात्रा दोनों करते हैं।
शौचालय की सुविधा बुनियादी सुविधाओं में शुमार है। लेकिन, इसके प्रति भी विभाग लापरवाह बना हुआ है। इसका खामियाजा समाज के भावी कर्णधारों को भुगतना पड़ रहा है। शौचालय की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग के अधिकारी समय-समय पर प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन उन्हें बदहाली का मंजर दिखाई नहीं देता है। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है। ऊपर से चकाचक नजर आने वाले प्राथमिक विद्यालय अंदर बुनियादी सुविधाओं का टोटा झेल रहे हैं।
केस नंबर एक - जखनिया तहसील क्षेत्र के खुदाबक्शपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के शौचालय में ताला लटका मिला। हालांकि जिम्मेदार इसको लेकर दलील देते हुए नजर आए। शिक्षकों का कहना था कि जब बच्चों को शौचालय का इस्तेमाल करना होता है, तो ताला खोलवा दिया जाता है।
विज्ञापन
केस नंबर दो - नियमानुसार प्राथमिक विद्यालयों में छात्र व छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय होने चाहिए। लेकिन, हनौता स्थित प्राथमिक विद्यालय में केवल एक ही शौचालय है। छात्र व छात्रा दोनों एक ही शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
केस नंबर तीन - मेदनीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में गंदगी का अंबार है। शौचालय की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि बहुत दिनों से इसकी साफ-सफाई नहीं की गई है। शौचालय पूरी तरह से बदहाल स्थिति में है।
केस नंबर चार - इंग्लिश मीडियम नसीरपुर डाढ़ी में छात्र-छात्राओं के लिए दो अलग-अलग शौचालय हैं। लेकिन, दोनों पर ताला लटका हुआ मिला। शिक्षकों का कहना है कि शौचालय साफ-सुथरा रहे, इसलिए बंद किया गया है। इस्तेमाल करने के वक्त इन्हें खोल दिया जाता है।
इसकी जांच कराई जाएगी। जहां कमियां मिलेंगी, उनको दुरुस्त कराया जाएगा। - उपासना रानी वर्मा, बीएसए
विज्ञापन
शौचालय की सुविधा बुनियादी सुविधाओं में शुमार है। लेकिन, इसके प्रति भी विभाग लापरवाह बना हुआ है। इसका खामियाजा समाज के भावी कर्णधारों को भुगतना पड़ रहा है। शौचालय की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग के अधिकारी समय-समय पर प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन उन्हें बदहाली का मंजर दिखाई नहीं देता है। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है। ऊपर से चकाचक नजर आने वाले प्राथमिक विद्यालय अंदर बुनियादी सुविधाओं का टोटा झेल रहे हैं।
विज्ञापन
केस नंबर एक - जखनिया तहसील क्षेत्र के खुदाबक्शपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के शौचालय में ताला लटका मिला। हालांकि जिम्मेदार इसको लेकर दलील देते हुए नजर आए। शिक्षकों का कहना था कि जब बच्चों को शौचालय का इस्तेमाल करना होता है, तो ताला खोलवा दिया जाता है।
विज्ञापन
केस नंबर दो - नियमानुसार प्राथमिक विद्यालयों में छात्र व छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय होने चाहिए। लेकिन, हनौता स्थित प्राथमिक विद्यालय में केवल एक ही शौचालय है। छात्र व छात्रा दोनों एक ही शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
केस नंबर तीन - मेदनीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में गंदगी का अंबार है। शौचालय की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि बहुत दिनों से इसकी साफ-सफाई नहीं की गई है। शौचालय पूरी तरह से बदहाल स्थिति में है।
केस नंबर चार - इंग्लिश मीडियम नसीरपुर डाढ़ी में छात्र-छात्राओं के लिए दो अलग-अलग शौचालय हैं। लेकिन, दोनों पर ताला लटका हुआ मिला। शिक्षकों का कहना है कि शौचालय साफ-सुथरा रहे, इसलिए बंद किया गया है। इस्तेमाल करने के वक्त इन्हें खोल दिया जाता है।
इसकी जांच कराई जाएगी। जहां कमियां मिलेंगी, उनको दुरुस्त कराया जाएगा। - उपासना रानी वर्मा, बीएसए