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कटान पीड़ितों की अनदेखी
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 30 May 2016 12:36 AM IST
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सेमरा एवं शिवरायकापुरा के ग्रामीणों की बैठक रविवार को सेमरा में हुई। इसमें कटान पीड़ितों को बसाये जाने में प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन की उदासीनता पर आक्रोश प्रकट किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सेमरा एवं शिवरायकापुरा के अगल बगल की 12 किलोमीटर ऐरिया डेंजर जोन घोषित है। इसके बावजूद ऐतिहासिक गांव शेरपुर, सेमरा, शिवरायकापुरा, बच्छलकापुरा आदि गांवों को गंगा कटान से बचाने के लिए ठोस प्रयास नही किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सेमरा के पास बनाया गया ठोकर भी क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। पानी के किनारे डाली गई बोरियां भी खिसकती जा रही हैं।पिछले दिनों शेरपुर आगमन पर प्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने घोषणा की थी कि शहीदों के गांव को बचाने के लिये छह किलोमीटर पूरब एवं छह किलोमीटर पश्चिम इसी तरह का ठोकर का निर्माण और कराया जायेगा लेकिन आज तक इसके निर्माण को लेकर कोई सुगबुगाहट दिखाई नहीं दे रही है।
बाढ़ का मौसम आने वाला है। हमलोग कटान को लेकर चिंतित हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि बरसात से पहले कोई ठोस कार्य शुरू नही होता है तो गांव को बचाने हेतु जून माह के प्रथम सप्ताह में आंदोलन शुरू किया जायेगा।बैठक में मनोज राय, भुवनेश्वर राय, डा. योगेश गुप्ता, श्रीनारायण राय, रामबहादुर राय, कृपाशंकर तिवारी, रामबचन यादव, रामनाथ राय, विश्राम राय, लल्लन दुबे, टुन्नु राय, सर्वदेव पटेल, कन्हैया राम, रामविलास पाल, रमाशंकर निषाद, रामबचन खरवार, लालचन्द्र कनौजिया, सिंहासन चौरसिया आदि लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता रामबचन राय एवं संचालन प्रेमनाथ गुप्ता ने किया।
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उन्होंने कहा कि सेमरा के पास बनाया गया ठोकर भी क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। पानी के किनारे डाली गई बोरियां भी खिसकती जा रही हैं।पिछले दिनों शेरपुर आगमन पर प्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने घोषणा की थी कि शहीदों के गांव को बचाने के लिये छह किलोमीटर पूरब एवं छह किलोमीटर पश्चिम इसी तरह का ठोकर का निर्माण और कराया जायेगा लेकिन आज तक इसके निर्माण को लेकर कोई सुगबुगाहट दिखाई नहीं दे रही है।
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बाढ़ का मौसम आने वाला है। हमलोग कटान को लेकर चिंतित हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि बरसात से पहले कोई ठोस कार्य शुरू नही होता है तो गांव को बचाने हेतु जून माह के प्रथम सप्ताह में आंदोलन शुरू किया जायेगा।बैठक में मनोज राय, भुवनेश्वर राय, डा. योगेश गुप्ता, श्रीनारायण राय, रामबहादुर राय, कृपाशंकर तिवारी, रामबचन यादव, रामनाथ राय, विश्राम राय, लल्लन दुबे, टुन्नु राय, सर्वदेव पटेल, कन्हैया राम, रामविलास पाल, रमाशंकर निषाद, रामबचन खरवार, लालचन्द्र कनौजिया, सिंहासन चौरसिया आदि लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता रामबचन राय एवं संचालन प्रेमनाथ गुप्ता ने किया।
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