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Ghazipur News: अस्पताल काे तीन सौ बेड मिलें तो सुधरे बीमाराें का हाल

Mon, 11 Sep 2023 12:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Sep 2023 12:02 AM IST
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If the hospital gets three hundred beds, the condition of the patients will improve.
प्रतिदिन ओपीडी में आ रहे 2500 से ऊपर मरीज, भर्ती होने की संख्या भी 60 से 80
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मेडिकल काॅलेज प्रशासन दो बार लिख चुका है पत्र, बजट का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर के गोराबाजार में सात मंजिला अस्पताल बनकर तैयार होने के साथ ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक का संचालन शुरू हो गया, लेकिन अब तक वार्डों में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड उपलब्ध नहीं हो सके। जबकि मेडिकल काॅलेज प्रशासन बजट उपलब्ध कराने के लिए दो बार शासन को पत्र लिख चुका है, बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से स्थितियां जस की तस बनी हुई हैं।
इधर प्रतिदिन ओपीडी में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 2500 से लेकर 2700 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं भर्ती होने वाले मरीजों की भी 60 से 80 की संख्या पहुंच गई है। ऐसे में बेड खाली न रहने से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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मेडिकल काॅलेज के संचालन और अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं से संबंद्ध जिला अस्पताल के लैस होने के बाद जनपद के दूर- दराज इलाकों के साथ गैर जनपद और सटे बिहार प्रांत से भी लोग उपचार कराने पहुंच रहे हैं। यहां की प्रतिदिन ओपीडी की संख्या 2500 से 2700 पहुंच गई है और वहीं भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गई है। ऐसे में 200 बेड की हालत यह है कि मरीजों को भर्ती करके उपचार करने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं बदल रहे मौसम में मरीजों की बढ़ रही संख्या के चलते काॅलेज प्रशासन को इन मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जबकि नवनिर्मित सात मंजिला अस्पताल में बेड उपलब्ध कराने को लेकर पत्र लिखने के बावजूद भी नहीं मिल सका है। जिससे मरीजों को भर्ती करने में काफी दिक्कत हो रही है। इस संबंध में महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि पत्र लिखा गया है। अगर बजट उपलब्ध हो जाता तो बेड स्थापित कराकर इस समस्या को दूर किया जा सकता है।
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