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हरितालिका तीज आज,बाजारों में रही खूब रौनक
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 16 Sep 2015 12:39 AM IST
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रितालिका तीज व्रत के अवसर पर बाजार में गहमा गहमी रही।
महिलाएं साड़ी, सौभाग्य और पूजा की सामग्रियों की खरीददारी के कारण बाजार में भीड़ रही।
सुहाग की रक्षा तथा पति के दीर्घायु की कामना के लिए महिलाएं बुधवार को हरितालिका तीज का व्रत करेंगी। इसमें महिलाएं 24 घंटे निर्जला व्रत रहकर शिव-पार्वती की पूजा करेंगी।
इस पर्व की तैयारी के मद्देनजर मंगलवार को बाजारों में पूरे दिन भीड़ बनी रही।
सौभाग्यवती महिलाएं अपने लिए पूजा-पाठ के सामान, शृंगार, आभूषण, फल तथा व्रत के पूर्व भोर में खाने के लिए मालपुआ, मिठाई आदि की खरीददारी करती रहीं।
इसके चलते शहर तथा कसबों की मिठाई, सर्राफा तथा पूजा सामग्रियों की दूकानों पर देर रात तक भीड़ बनी रही।
पर्व के एक दिन पूर्व शहर के मिश्रबाजार, नवाबगंज, लंका, स्टेशन, महुआबाग, झून्नूलाल चौराहा, लालदरवाजा, रौजा, गोराबाजार सहित सभी स्थानों मुहल्लों का बाजार पर्व मद्देनजर खरीदारी को लेकर गुलजार रहा।
इस दौरान बाजार में अधिकतर महिलाएं तथा युवतियां ही खरीददारी करती देखी गई। व्रत करने से पहले भोर में महिलाएं मालपुआ या मिठाई खाती है।
बाजारों में मिठाई की दूकानों पर भी तरह-तरह की वेराइटियां सजाई गई थी।
इमरती भी बनाया जा रहा था। मिठाई सेवन के बाद महिलाओं का व्रत शुरु हो जाता है।
शाम को स्नान के बाद पूजा-पाठ तथा दान-पुण्य किया जाता है। महिलाएं अधिकतर सुहाग की वस्तुए साड़ी, कपड़ा, शीशा, कंघी, फीता आदि दान करती हैं।
इन वस्तुओं के साथ ही पूजा-पाठ के लिए रोली, अगरबत्ती, धूप-दीप की खरीददारी का क्रम बना रहा। सुबह से लेकर रात तक चहल-पहल बनी रही।
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महिलाएं साड़ी, सौभाग्य और पूजा की सामग्रियों की खरीददारी के कारण बाजार में भीड़ रही।
सुहाग की रक्षा तथा पति के दीर्घायु की कामना के लिए महिलाएं बुधवार को हरितालिका तीज का व्रत करेंगी। इसमें महिलाएं 24 घंटे निर्जला व्रत रहकर शिव-पार्वती की पूजा करेंगी।
इस पर्व की तैयारी के मद्देनजर मंगलवार को बाजारों में पूरे दिन भीड़ बनी रही।
सौभाग्यवती महिलाएं अपने लिए पूजा-पाठ के सामान, शृंगार, आभूषण, फल तथा व्रत के पूर्व भोर में खाने के लिए मालपुआ, मिठाई आदि की खरीददारी करती रहीं।
इसके चलते शहर तथा कसबों की मिठाई, सर्राफा तथा पूजा सामग्रियों की दूकानों पर देर रात तक भीड़ बनी रही।
पर्व के एक दिन पूर्व शहर के मिश्रबाजार, नवाबगंज, लंका, स्टेशन, महुआबाग, झून्नूलाल चौराहा, लालदरवाजा, रौजा, गोराबाजार सहित सभी स्थानों मुहल्लों का बाजार पर्व मद्देनजर खरीदारी को लेकर गुलजार रहा।
इस दौरान बाजार में अधिकतर महिलाएं तथा युवतियां ही खरीददारी करती देखी गई। व्रत करने से पहले भोर में महिलाएं मालपुआ या मिठाई खाती है।
बाजारों में मिठाई की दूकानों पर भी तरह-तरह की वेराइटियां सजाई गई थी।
इमरती भी बनाया जा रहा था। मिठाई सेवन के बाद महिलाओं का व्रत शुरु हो जाता है।
शाम को स्नान के बाद पूजा-पाठ तथा दान-पुण्य किया जाता है। महिलाएं अधिकतर सुहाग की वस्तुए साड़ी, कपड़ा, शीशा, कंघी, फीता आदि दान करती हैं।
इन वस्तुओं के साथ ही पूजा-पाठ के लिए रोली, अगरबत्ती, धूप-दीप की खरीददारी का क्रम बना रहा। सुबह से लेकर रात तक चहल-पहल बनी रही।