Ghazipur News: 29 गरीब हुए बेघर, 60 चिन्हित, मलबे को निहार रहे लोग; रहने- खाने की व्यवस्था की मांग
गाजीपुर जिले के बिलाईच गांव में इस समय अलग ही माहौल है। यहां रक्षा संपदा विभाग द्वारा ढहाए गए मलबे को लोग निहार रहे हैं। हर किसी को सरकार से रहने- खाने की व्यवस्था की आस लगी है।
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विश्व युद्ध के दौरान बनी सेना की हवाई पट्टी से जुड़ी अपनी जमीन को रक्षा संपदा विभाग खाली कराने लगा है। हालांकि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दो दिन चलने के बाद मौसम और माहौल को देखते हुए फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब तक की कार्रवाई में बिराईच गांव में 40-50 लोगों की ओर से किए गए स्थाई और अस्थाई कब्जे को ढहा दिया गया है।
इनमें 29 परिवार तो बेघर हो गया है, जो तिरपाल डालकर रह रहे हैं। जबकि इस गांव में 60 और ऐसे भी लोग चिन्हित किए गए हैं जिन्होंने अवैध रूप से पक्के मकान बना लिया है। इनकी अब प्रशासन और सरकार से एक ही मांग है बस उन्हें खाने और रहने की व्यवस्था कर दें, क्योंकि वह तो इस स्थिति में भी नहीं है।
बिलाईच गांव में इस समय अलग ही माहौल है, जहां लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। रियाज गौरिया, नेगमा, मुस्तकीम अहमद,मुन्ना, बेलरी देवी, बानो, शहाबुद्दीन, नरगीस, अलाउद्दीन, सलाउद्दीन,मनोज प्रजापति, राम अवध, हसनैन खां, वीरेंद्र राम, भगवान राम, अशरफ, निर्मला, विजय प्रजापति, अमेरिका प्रजापति समेत 29 लोग पूरी तरह से बेघर हो गए हैं। जबकि करीब 20 लोगों को टीनशेड, मड़ई आदि ढहाया गया है।
इसी तरह संतोष पांडेय, शिवमूरत यादव, केशरी देवी, केदार यादव, लौटन यादव, साधू विश्वकर्मा समेत 60 लोगों चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने रक्षा संपदा विभाग की जमीन पर मकान आदि का निर्माण किए हैं। दोपहर करीब 12 बजे बिलाईच गांव में भगवान दास मिले, जिन्होंने कहा हवाई पट्टी की जमीन उनका भी मकान था, जिसे ढहा दिया गया, लेकिन अब सरकार हमारे रहने खाने तक की तो व्यवस्था कर दें।
शत्रुघ्न प्रसाद ने कहा कि 60-70 साल से हमलोग रह रहे हैं। गरीबी में किसी तरह से जी खा रहे थे, बेटी की शादी करने और बच्चों कोे पढ़ाने की चिंता सता रही थी, लेकिन अब सेना बिना नोटिस के ढहाना शुरू दिया। अब तो रात में नींद आती है। लंबे समय से बिराईच के प्रधान रहे महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि मकान, खेत, स्कूल, पंचायत भवन, इंदिरा आवास और पीएम आवास भी अतिक्रमण के दायरे में आ रहे हैं, जिसे अब ढहाया जा रहा है। गांव के लोग बेघर हो गए हैं।
जिले में 509.22 एकड़ है भूमि रक्षा संपदा की भूमि
जनपद में रक्षा संपदा की कुल 509.22 एकड़ भूमि है। यह भूमि सदर और मुहम्मदाबाद के 44-45 गांवों में है। रक्षा संपदा की मुहम्मदाबाद नहसील के शाहबाजकुली एयर फील्ड में 235.47 एकड़ जमीन है। यह भूमि बेनसागर, शाहबाजकुली, हुसैनपुर, चकमीर, हरवल्मपुर, अकावलपुर, निमराजपुर, गौसपुर, दिलावलपुर, शाहपुर, नोवरदेव, सरायबहादुर, फरोजपुर कला, चकमसूद मुन्डेरा, सूलपुर, अकबरपुर, कठौत, कल्यानपुर, अहमद पति, धर्मपुरा, कविरन, बिशेसपुर, चकअबूलवाल है। वहीं रजदेपुर देहाती इलाके में एयर फील्ड के लिए करीब 272.25 एकड़ की भूमि है, जो अंधऊ, बीकापुर बिराईच, बकुलीपुर, चंदावह, मिठ्ठापारा, कपूरपुर, फतेहपुर सिकंदर, रजदेवपुर, खिजाबाद, चौकी, जेवधर, चकदराव, चकहुसैन, माधोपुर मिश्रौलिया, मिश्रौलिया, देवकटिया, खैरल्लापुर में है। जहां सामान्य लोगों के अलावा पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग ने भी जमीन पर कब्जा जमाया है। यहां रक्षा संपदा विभाग की जमीन पर बिलाईच में तो प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन और कई पीएम आवास भी बने हुए हैं, जो प्रशासनिक महकमें को भी सवालों के घेरे में डाल दिए हैं।
सदन में मुद्दे को उठाने की तैयारी में सपा
समाजवादी पार्टी इसे लेकर मुद्दा बनाए हुए है। पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पोस्ट कर सरकार को घेरा तो अगले दिन विधायक डा. जंगीपुर वीरेंद्र यादव और पार्टी के नेता गांव में पहुंचे। 30 जून को डीएम से मिले। फिर सपा के गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी भी गांव में बेघर हुए लोगों के आंसू पोछने के लिए पहुंचे और चौपाल भी लगाए। यहां उन्होंने कहा कि वह कोर्ट से लेकर सदन तक इस मामले को उठाएंगे।
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जांच कराकर संबंधित की तय होगी जिम्मेदारीः डीएम
गाजीपुर। मीडिया से बातचीत में डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि जो भी कार्यवाही अब तक की गई है वह रक्षा संपदा विभाग द्वारा कराई गई है। अगर कोई पात्र व्यक्ति होगा तो उसे सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। पूर्व में यदि रक्षा संपदा विभाग की जमीन पर कोई सरकारी निर्माण कराया गया था, तो उसकी जांच कराकर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।