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Ghazipur News: सड़कों पर दौड़ी हेलीकॉप्टर कार, नियमों पर उठे सवाल
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सुहवल पेट्रोल पंप पर खड़ी मॉडिफाइड हेलीकॉप्टर कार। संवाद
सुहवल। क्षेत्र में सोमवार को एक अनोखी मॉडिफाइड कार सड़कों पर फर्राटा भरती नजर आई, जिसने राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कार को हेलीकॉप्टर का रूप दिया गया था, जिसे देखने के लिए लोग उत्सुक दिखे और मोबाइल से तस्वीरें लेते रहे। वहीं प्रशासन अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की तैयारी में है।
इस कार के पिछले हिस्से को हेलीकॉप्टर जैसा डिजाइन दिया गया था, जबकि ऊपर की ओर नकली रोटर ब्लेड लगाए गए थे। इन बदलावों के कारण वाहन पूरी तरह हेलीकॉप्टर कार जैसा नजर आ रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर इसे चलते देख लोगों में चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, इस अनोखे प्रयोग ने सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसी भी वाहन की मूल संरचना में इस प्रकार का बदलाव मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है। बिना अनुमति ऐसे मॉडिफिकेशन को अवैध माना जाता है। राहगीरों का कहना है कि वाहन सामान्य गति से चल रहा था और उसमें लगे उपकरण केवल दिखावे के लिए थे, लेकिन इसके बावजूद इससे अन्य वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। एआरटीओ धनवीर यादव ने स्पष्ट किया कि वाहन के स्ट्रक्चर में बिना अनुमति बदलाव करना गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में जुर्माना लगाने से लेकर वाहन जब्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस तरह के वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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इस कार के पिछले हिस्से को हेलीकॉप्टर जैसा डिजाइन दिया गया था, जबकि ऊपर की ओर नकली रोटर ब्लेड लगाए गए थे। इन बदलावों के कारण वाहन पूरी तरह हेलीकॉप्टर कार जैसा नजर आ रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर इसे चलते देख लोगों में चर्चा का विषय बन गया।
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हालांकि, इस अनोखे प्रयोग ने सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसी भी वाहन की मूल संरचना में इस प्रकार का बदलाव मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है। बिना अनुमति ऐसे मॉडिफिकेशन को अवैध माना जाता है। राहगीरों का कहना है कि वाहन सामान्य गति से चल रहा था और उसमें लगे उपकरण केवल दिखावे के लिए थे, लेकिन इसके बावजूद इससे अन्य वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। एआरटीओ धनवीर यादव ने स्पष्ट किया कि वाहन के स्ट्रक्चर में बिना अनुमति बदलाव करना गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में जुर्माना लगाने से लेकर वाहन जब्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस तरह के वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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