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Ghazipur News: गर्मी ने दिखाए तेवर, फसलों के नुकसान का डर
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गेहूं, जौ, मटर, सरसों, चना समेत अन्य सभी फसलों के उत्पादन पर पड़ेगा असर
इसके साथ ही गेहूं का दाना पतला होने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। मौसम में आए बदलाव से मार्च के शुरुआती माह में ही तेज गर्मी होने लगी है। इस हफ्ते दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री पार कर गया है। अचानक बढ़ी गर्मी से मौसम वैज्ञानिक व कृषि वैज्ञानिक हैरान हैं। दिन में तेज धूप होने से बढ़ी गर्मी से फसलों से नमी समाप्त हो जा रही है। इससे गेहूं समेत रबी की अन्य फसलों में उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है। मौसम में आए बदलाव को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम में आए परिवर्तन से मार्च माह के शुरुआत में हो रही गर्मी से रबी फसलों में भारी नुकसान की आशंका बढ़ गई है। इससे गेहूं, जौ, मटर, सरसों, चना समेत अन्य सभी फसलों के उत्पादन में उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही गेहूं का दाना पतला होने की संभावना है।
बारा संवाददाता के अनुसार, छुट्टा जानवर व नीलगाय की समस्या से जूझ रहे सेवराई तहसील के ज्यादातर इलाकों के किसानों ने दिसंबर माह में गेहूं की बुआई कराई है। किसान गेहूं की अगेती फसल में दो सिंचाई करा चुके हैं। पिछेती फसल की एक बार ही सिंचाई कराई है। फरवरी माह के अंतिम सप्ताह से ही तेज गर्मी होने से फसलों से नमी गायब हो जा रही है। इससे किसानों को कम समय के अंतराल पर सिंचाई करानी पड़ रही है। इससे सिंचाई पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। पहले नवंबर, दिसंबर, जनवरी व फरवरी में ठंड होने से गेहूं के साथ रबी की अन्य फसलों का विकास आसानी से हो जाता था।
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मार्च से लेकर अप्रैल माह तक गेहूं के साथ अन्य फसलें पककर तैयार होती थीं। इस बार फरवरी माह से ही बढ़ी गर्मी से फसलों के जल्दी पककर तैयार होने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में फसलों के उत्पादन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। इसको लेकर किसानों को चिंता सताने लगी है।
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प्रभावित होगी गेहूं की पैदावार
किसान एजाज खान का कहना है कि अचानक गर्मी होने से गेहूं के खेतों की नमी कम हो जा रही है। इससे गेहूं की पैदावार प्रभावित होगी। गेहूं का दाना पतला होने की आशंका है।
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फसलों के दाने हो जाएंगे पतले
किसान ओमकार सिंह यादव बताते हैं कि मौसम में बदलाव होने से समय से पहले फसलें पक जाएगी। इससे गेहूं समेत अन्य फसलों के दाने पतले हो जाने की आशंका है।
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किसानों को बहुत नुकसान
किसान फकरुद्दीन खान का कहना है कि मौसम के मिजाज में बदलाव से फसलों के उत्पादन में कमी होने की पूरी आशंका है। इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।
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तेज धूप के साथ पछुआ बनी मुसीबत
किसान रामनाथ कुशवाहा का कहना है कि तेज धूप के साथ पछुआ फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। रबी की फसलों से अधिक पैदावार होने की उम्मीद धूमिल होती जा रही है।
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इसके साथ ही गेहूं का दाना पतला होने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। मौसम में आए बदलाव से मार्च के शुरुआती माह में ही तेज गर्मी होने लगी है। इस हफ्ते दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री पार कर गया है। अचानक बढ़ी गर्मी से मौसम वैज्ञानिक व कृषि वैज्ञानिक हैरान हैं। दिन में तेज धूप होने से बढ़ी गर्मी से फसलों से नमी समाप्त हो जा रही है। इससे गेहूं समेत रबी की अन्य फसलों में उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है। मौसम में आए बदलाव को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम में आए परिवर्तन से मार्च माह के शुरुआत में हो रही गर्मी से रबी फसलों में भारी नुकसान की आशंका बढ़ गई है। इससे गेहूं, जौ, मटर, सरसों, चना समेत अन्य सभी फसलों के उत्पादन में उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही गेहूं का दाना पतला होने की संभावना है।
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बारा संवाददाता के अनुसार, छुट्टा जानवर व नीलगाय की समस्या से जूझ रहे सेवराई तहसील के ज्यादातर इलाकों के किसानों ने दिसंबर माह में गेहूं की बुआई कराई है। किसान गेहूं की अगेती फसल में दो सिंचाई करा चुके हैं। पिछेती फसल की एक बार ही सिंचाई कराई है। फरवरी माह के अंतिम सप्ताह से ही तेज गर्मी होने से फसलों से नमी गायब हो जा रही है। इससे किसानों को कम समय के अंतराल पर सिंचाई करानी पड़ रही है। इससे सिंचाई पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। पहले नवंबर, दिसंबर, जनवरी व फरवरी में ठंड होने से गेहूं के साथ रबी की अन्य फसलों का विकास आसानी से हो जाता था।
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मार्च से लेकर अप्रैल माह तक गेहूं के साथ अन्य फसलें पककर तैयार होती थीं। इस बार फरवरी माह से ही बढ़ी गर्मी से फसलों के जल्दी पककर तैयार होने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में फसलों के उत्पादन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। इसको लेकर किसानों को चिंता सताने लगी है।
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प्रभावित होगी गेहूं की पैदावार
किसान एजाज खान का कहना है कि अचानक गर्मी होने से गेहूं के खेतों की नमी कम हो जा रही है। इससे गेहूं की पैदावार प्रभावित होगी। गेहूं का दाना पतला होने की आशंका है।
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फसलों के दाने हो जाएंगे पतले
किसान ओमकार सिंह यादव बताते हैं कि मौसम में बदलाव होने से समय से पहले फसलें पक जाएगी। इससे गेहूं समेत अन्य फसलों के दाने पतले हो जाने की आशंका है।
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किसानों को बहुत नुकसान
किसान फकरुद्दीन खान का कहना है कि मौसम के मिजाज में बदलाव से फसलों के उत्पादन में कमी होने की पूरी आशंका है। इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।
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तेज धूप के साथ पछुआ बनी मुसीबत
किसान रामनाथ कुशवाहा का कहना है कि तेज धूप के साथ पछुआ फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। रबी की फसलों से अधिक पैदावार होने की उम्मीद धूमिल होती जा रही है।
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