फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Heartfelt salute to Shashank on Martyrdom Day

Ghazipur News: शहादत दिवस पर शशांक को किया दिल से सलाम

Tue, 22 Nov 2022 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2022 11:51 PM IST
विज्ञापन
Heartfelt salute to Shashank on Martyrdom Day
कासिमाबाद। शहीद शशांक सिंह का छठा शहादत दिवस मंगलवार को नसीरुद्दीनपुर स्थित शहीद स्मारक भवन पर मनाया गया । शहीद को श्रद्धाजंलि देकर पूर्वमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार अमृत महोत्सव कार्यक्रम के जरिए शहीदों को सम्मान दे रही है, लेकिन यह सरकार शहादत पर राजनीति कर रही है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि शहीद परिवार के साथ किए गए वादों को पूरा नहीं कर उन्हें धोखा दिया गया है। शशांक सिंह की शहादत को देश हमेशा याद रखेगा और यह व्यर्थ नहीं जाएगी। शशांक ने बहुत ही कम उम्र में देश के लिए अपनी कुर्बानी दी। उनकी प्रतिमा अभी तक वादे के मुताबिक स्थापित नहीं हो सकी है। इसी प्रकार शहीद के गांव और कासिमाबाद पारा मार्ग का नामकरण शहीद के नाम पर किया जाना था। जो अब तक नहीं हो सका, यह काफी निंदनीय है। पूर्व मंत्री ने सरकार से मांग किया कि शशांक के परिवार से किए गए वादे सरकार पूरी करे।
विज्ञापन

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के पूर्व कुलपति प्रो हरीकेश सिंह ने कहा कि यह हमारे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है कि यहां के नौजवान ने अपनी जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा की। इन्हीं सैनिकों के बल पर आज देश हमारा सुरक्षित है। उन्होंने शहीद परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि शशांक की शहादत सदा के लिए अमर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजेंद्र राय ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार देश की रक्षा के लिए पूरी तरह से संकल्पित है। मजबूत नेतृत्व के कारण देश में सबसे कम सीमा पार से घटनाएं हो रही हैं। इस शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को पूर्व ब्लाक प्रमुख देवेंद्र सिंह, बृजभान सिंह बघेल, श्रीकांत सिंह, मनोज सिंह, राम भुवन सिंह समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता यशवंत सिंह ‘यश’ और संचालन अशोक मिश्रा ने किया।
शशांक सिंह के शहादत दिवस पर सेना की 19 वीं राजपूताना राइफल्स बटालियन से आए नायक अभिमन्यु और अनुज ने शहीद के पिता अरुण कुमार सिंह एवं माता कमलावती देवी को सेनाध्यक्ष की तरफ से अंगवस्त्रम भेंट किया। इससे पूर्व सेना के इन अधिकारियों के द्वारा सर्वप्रथम शहीद शशांक सिंह के चित्र को सैल्यूट देने के बाद श्रद्धांजलि दी गई।
देशभक्ति और ओजस्वी कविताओं से भरा जोश
कासिमाबाद। शशांक सिंह के शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कवियों ने अपनी देशभक्ति और ओजस्वी कविताओं से लोगों में जोश भर दिया। पीलीभीत से आए अंकित चक्रवर्ती ने कविता पेश करते हुए कहा कि जब तक रहेंगी गोलियों मेरी पिस्टल में, महाकाल देख लौट जाएंगे आजाद को। सारी धरा कान खोल सुने और समझ ले, जीवित पकड़ नहीं पाएंगे आजाद को।
वहीं आजमगढ़ के डॉ पीयूष सिंह सागर ने सुनाया इश्क में जान अपनी लुटाने चले, देखो कैसे हजारों दीवाने चले। इश्क पर देखो पहरा बहुत है मगर, उनसे मिलने हवा के बहाने चले। वहीं कुलदीप ‘कलश‘ ने अपनी कविता में कहा कि गाजीपुर की पवित्र माटी से बना था शेर, रण बीच दह का कोई अंगारा हो गया, जिसकी शहादत पर झुकता तिरंगा है वो, वह अपना शशांक जग का दुलारा हो गया।

कवि मुकेशानंद ने कहा कि तिरंगा कोई वस्त्र नहीं, यह वीरों का बलिदान है, जालियांवाला बाग में, गोलियों के बोलते निशान हैं । मासूमों के दागी गोलियां, वीर शहीदों की पहचान है । सुभाष, भगत, बिस्मिल्लाह जैसे शेरों की ये शान है। अंत में इटावा के मनीष मगन अपने गीतों के माध्यम से कहा कि होने नहीं देंगे देश खंड में विभक्त आज , झुकने न पाए शीश जान हम लगाएंगे । एक-एक श्वांस तेरे नाम अर्पित बंदे, भूलकर भी नहीं आज तुझे भूल पाएंगे ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed