कासिमाबाद। नखतपुर गांव के एक अधिवक्ता की भूमि में जबरदस्ती रास्ता बनवाने और खेत जोतवाने से नाराज अधिवक्ताओं का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। इधर, बृहस्पतिवार की शाम एसडीएम लोकेश कुमार ने समस्या निस्तारण के लिए राजस्व और अधिवक्ताओं की टीम भेजकर नखतपुर भेजा, लेकिन ग्रामीणों के विरोध से स्थिति जस की तस थी। शुक्रवार की सुबह प्रभारी तहसीलदार कौशल चौरसिया धरना पर बैठे अधिवक्ताओं से बात करने के बाद राजस्व टीम के साथ एक बार फिर नखतपुर गांव पहुंचे। देर शाम तक विवादित भूमि की आधी पैमाइश हो चुकी थी। धरना प्रदर्शन के चौथे दिन की अध्यक्षता कर रहे हैं वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार ने कहा कि तहसील के उच्च अधिकारी कानून का पालन कराने में असमर्थ हैं। उच्च न्यायालय के आदेश पर अगस्त माह में जिस खेत को लेकर विवाद है, उसका सीमांकन किया गया था। सीमांकन के बाद आसपास के काश्तकार पत्थरगढ़ी में लगाए गए पत्थर उखाड़ दिए हैं। करीब 12 मंडे के इस चक में कोई चकरोड अभिलेख में दर्ज नहीं है। वहां के ग्रामीण अधिवक्ता राजू चौहान के खेत में चकरोड को जबरदस्ती कायम रखना चाहते हैं। खेत के बगल से चकरोड पहले से मौजूद है। अधिवक्ताओं ने तहसील के उच्चाधिकारियों पर इस प्रकरण को उलझाए रखने का आरोप लगाया। अधिवक्ताओं ने प्रभारी तहसीलदार कौशल चौरसिया के साथ वार्ता के क्रम में अवगत कराया की अभिलेखों में जहां चकरोड है वहीं रहेगा। किसी ग्रामीण के दबाव में किसी के खेत में जबरदस्ती आने-जाने के लिए चकरोड नहीं छोड़ा जाएगा। कहा कि जबतक इस मामले का समाधान नहीं हो जाता है, अधिवक्ता हड़ताल जारी रखेंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि शनिवार को भी धरना जारी रहेगा। इस मौके पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव, तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय तिवारी, जय प्रकाश यादव, सुभाष चंद्र तिवारी, योगेंद्र यादव, रवि प्रकाश तिवारी, आलोक कुमार दुबे, नरेंद्र सिंह, पंकज कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे। उधर, प्रभारी तहसीलदार कौशल चौरसिया ने कहा कि राजस्व टीम ने शनिवार की देर शाम तक जमीन के दोनों ओर की पैमाइश कर दी है। बाकी का काम कल होगा।