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Ghazipur News: किया बढ़िया काम, 30 प्रगतिशील किसानों का होगा सम्मान
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परंपरागत, फल और सब्जी की बेहतर खेती कर अच्छा उत्पादन के साथ पशुओं की देख-रेख के अलावा दुग्ध उत्पादन कर आय को सुदृढ़ करने वाले जनपद के प्रगतिशील किसानों को किसान दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग, उद्यान विभाग और पशु पालन विभाग की ओर से सूची तैयार कर ली गई है। ऐसे 30 प्रगतिशील किसानों का चयन कर उन्हें प्रमाण-पत्र, शॉल और धनराशि प्रदान की जाएगी।
केले की खेती करने वाले भांवरकोल के शेरपुर गांव निवासी कमला प्रसाद राय का चयन उद्यान विभाग द्वारा किया गया है। इनके पुत्र अश्वनी राय ने बताया कि बाढ़ के पूर्व में मटर, हरी मिर्च, टमाटर की खेती की जाती थी। पर बाढ़ क्षेत्र होने के कारण फसल नष्ट हो जाती थी। चार हेक्टेयर में करीब आठ लाख की लागत से केले की खेती टिश्यूकल्चर के माध्यम से की गई है। लागत तो निकल ही गई है, अब बेहतर मुनाफा भी हो रहा है।
इसके साथ ही किसानों को केले की खेती के लिए जागरूक भी किया जाता है, जिससे अधिक से अधिक किसान केले की खेती कर आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सकते हैं। वहीं करंडा ब्लाक के सहेड़ी गांव निवासी अनुज कुमार सिंह का चयन भी प्रगतिशील किसान के रूप में किया गया। इन्होंने करीब डेढ़ एकड़ में आलू की खेती की है।
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उन्होंने बताया कि पिता शिवजी सिंह के निधन के बाद घर की देखभाल करने के लिए रुकना पड़ा। खेती के बारे ज्यादा कुछ पता नहीं था, लेकिन मेहनत के बल पर आज आलू की फसल लहलहा रही है। किसान किसी भी फसल की खेती को आधुनिक विधि से करें, जिससे उत्पादन बेहतर होगा और वह आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि प्रगतिशील किसानों को पीजी कालेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा।
गेहूं और सरसों की अच्छी उपज के लिए हुआ चयन
गाजीपुर। केले की खेती, आम के उत्पादन और संरक्षित खेती के लिए शेरपुर, खैराबारी, बेटाबर, पकड़ी, सरौली, सहेड़ी, रेवतीपुर, शेखपुर गांव के किसान का चयन हुआ है। गेहूं और सरसों की अच्छी उपज के लिए अडिला, लालनपुर, जगदीशपुर, महमूदपुर, अडिला, लहुआर के किसानों का चयन किया गया है। जबकि दुग्ध उत्पादन के लिए दुग्ध संघ वाराणसी की ओर से रेवतीपुर से पांच, सायर, लहना, मुहम्मदाबाद के परसा के पशुपालक का चयन हुआ है। इसी तरह पशुपालन विभाग की ओर से दुग्ध उत्पादन और पशुओं की देखरेख के लिए खोवामंडी, डिलिया, दौदही, सोन्हुलिया, फूल्ली, पाली, असमानीचक और चितावनपट्टी से पशु पालक का चयन किया गया है।
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केले की खेती करने वाले भांवरकोल के शेरपुर गांव निवासी कमला प्रसाद राय का चयन उद्यान विभाग द्वारा किया गया है। इनके पुत्र अश्वनी राय ने बताया कि बाढ़ के पूर्व में मटर, हरी मिर्च, टमाटर की खेती की जाती थी। पर बाढ़ क्षेत्र होने के कारण फसल नष्ट हो जाती थी। चार हेक्टेयर में करीब आठ लाख की लागत से केले की खेती टिश्यूकल्चर के माध्यम से की गई है। लागत तो निकल ही गई है, अब बेहतर मुनाफा भी हो रहा है।
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इसके साथ ही किसानों को केले की खेती के लिए जागरूक भी किया जाता है, जिससे अधिक से अधिक किसान केले की खेती कर आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सकते हैं। वहीं करंडा ब्लाक के सहेड़ी गांव निवासी अनुज कुमार सिंह का चयन भी प्रगतिशील किसान के रूप में किया गया। इन्होंने करीब डेढ़ एकड़ में आलू की खेती की है।
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उन्होंने बताया कि पिता शिवजी सिंह के निधन के बाद घर की देखभाल करने के लिए रुकना पड़ा। खेती के बारे ज्यादा कुछ पता नहीं था, लेकिन मेहनत के बल पर आज आलू की फसल लहलहा रही है। किसान किसी भी फसल की खेती को आधुनिक विधि से करें, जिससे उत्पादन बेहतर होगा और वह आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि प्रगतिशील किसानों को पीजी कालेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा।
गेहूं और सरसों की अच्छी उपज के लिए हुआ चयन
गाजीपुर। केले की खेती, आम के उत्पादन और संरक्षित खेती के लिए शेरपुर, खैराबारी, बेटाबर, पकड़ी, सरौली, सहेड़ी, रेवतीपुर, शेखपुर गांव के किसान का चयन हुआ है। गेहूं और सरसों की अच्छी उपज के लिए अडिला, लालनपुर, जगदीशपुर, महमूदपुर, अडिला, लहुआर के किसानों का चयन किया गया है। जबकि दुग्ध उत्पादन के लिए दुग्ध संघ वाराणसी की ओर से रेवतीपुर से पांच, सायर, लहना, मुहम्मदाबाद के परसा के पशुपालक का चयन हुआ है। इसी तरह पशुपालन विभाग की ओर से दुग्ध उत्पादन और पशुओं की देखरेख के लिए खोवामंडी, डिलिया, दौदही, सोन्हुलिया, फूल्ली, पाली, असमानीचक और चितावनपट्टी से पशु पालक का चयन किया गया है।