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बोल-बम जयघोष संग चले शिव धाम
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sun, 31 Jul 2016 11:03 PM IST
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बोल-बम जयघोष संग चले शिव धाम
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सावन के दूसरे सोमवार को बाबा का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को शहर में कांवरियों का रेला उमड़ा। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों श्रद्धालु शहर के ददरीघाट पर गंगा स्नान के बाद कांवर में जल भरकर पदयात्रा करते हुए महाहर धाम के लिए रवाना हुए। इस दौरान कांवरियों द्वारा किए जा रहे हर-हर महादेव के उद्घोष से माहौल रात तक शिवमय बना रहा। भीड़ की वजह से विभिन्न मार्गों पर आवागमन में बाधाएं आईं।
सावन माह में पूजन-अर्चन का कार्य चलता है। एक तरफ जहां शिव मंदिरों में दर्शन-पूजन के साथ कीर्तन-भजन का सिलसिला बना रहता है, वहीं इस माह के प्रत्येक सोमवार को भोले का जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों और गैर जनपदों से प्रत्येक सोमवार को भक्त खासकर जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर मरदह के महाहर धाम पर भोले का जलाभिषेक करने लिए शहर में उमड़ते हैं। शिव के भक्त विभिन्न साधनों से शहर में आते हैं।
इसके बाद मिश्रबाजार और ददरीघाट पर सजी कांवर, कपड़ा और पूजा सामग्री की दूकानों से सामानों की खरीददारी करने के बाद खासकर ददरीघाट घाट पर पहुंचते हैं। यहां भक्त गंगा स्नान करने के बाद कांवर की पूजा करते हैं और कांवर में जल भरकर बोलबम का जयघोष करते हुए टोलियों में महाहर धाम के लिए रवाना होते हैं। रविवार को दोपहर के बाद से भक्तों के आने के क्रम शुरू हो गया। चार बजते-बजते खासकर शहर का मिश्रबाजार और ददरीघाट मार्ग कांवरियों से पट गया।
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हजारों भक्त ददरीघाट पर पहुंचे। यहां गंगा स्नान कर कांवर में जल भरने के लिए भोले के दरबार के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं की भीड़ में पुरुषों के साथ ही महिला, युवतियां और बच्चे भी शामिल रहे। कांवरिया नंगे पांव हर-हर महादेव, बोल-बम का जयघोष करते हुए महाहर धाम के लिए देर रात तक रवाना होते रहे। 26 किलोमीटर की पद यात्रा करने के बाद यह भक्त मरदह के महाहर धाम पर पहुंचेंगे और बाबा का जलाभिषेक कर उनसे अपने और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए कामना करेंगे।
भक्त जिस रास्ते से गुजर रहे थे, उन रास्तों पर आवागमन करने वाले लोग कांवरियों के साथ बोल-बम का जयघोष कर रहे थे, जिससे आसपास का माहौल पूरी तरह शिवमय बना रहा। भक्तों की संख्या अधिक होने की वजह से गाजीपुर-मऊ मार्ग पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। कांवरियों की सेवा-सत्कार के लिए महाहर धाम तक कई स्थानों पर कैंप लगाए गए थे। इन कैंपों पर मौजूद लोग कांवरियों से प्रसाद ग्रहण करने के लिए अनुरोध करते रहे। कैंपों में कांवरियों के लिए प्रसाद के साथ ही दवा आदि की भी व्यवस्था की गई थी।
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सावन माह में पूजन-अर्चन का कार्य चलता है। एक तरफ जहां शिव मंदिरों में दर्शन-पूजन के साथ कीर्तन-भजन का सिलसिला बना रहता है, वहीं इस माह के प्रत्येक सोमवार को भोले का जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों और गैर जनपदों से प्रत्येक सोमवार को भक्त खासकर जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर मरदह के महाहर धाम पर भोले का जलाभिषेक करने लिए शहर में उमड़ते हैं। शिव के भक्त विभिन्न साधनों से शहर में आते हैं।
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इसके बाद मिश्रबाजार और ददरीघाट पर सजी कांवर, कपड़ा और पूजा सामग्री की दूकानों से सामानों की खरीददारी करने के बाद खासकर ददरीघाट घाट पर पहुंचते हैं। यहां भक्त गंगा स्नान करने के बाद कांवर की पूजा करते हैं और कांवर में जल भरकर बोलबम का जयघोष करते हुए टोलियों में महाहर धाम के लिए रवाना होते हैं। रविवार को दोपहर के बाद से भक्तों के आने के क्रम शुरू हो गया। चार बजते-बजते खासकर शहर का मिश्रबाजार और ददरीघाट मार्ग कांवरियों से पट गया।
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हजारों भक्त ददरीघाट पर पहुंचे। यहां गंगा स्नान कर कांवर में जल भरने के लिए भोले के दरबार के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं की भीड़ में पुरुषों के साथ ही महिला, युवतियां और बच्चे भी शामिल रहे। कांवरिया नंगे पांव हर-हर महादेव, बोल-बम का जयघोष करते हुए महाहर धाम के लिए देर रात तक रवाना होते रहे। 26 किलोमीटर की पद यात्रा करने के बाद यह भक्त मरदह के महाहर धाम पर पहुंचेंगे और बाबा का जलाभिषेक कर उनसे अपने और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए कामना करेंगे।
भक्त जिस रास्ते से गुजर रहे थे, उन रास्तों पर आवागमन करने वाले लोग कांवरियों के साथ बोल-बम का जयघोष कर रहे थे, जिससे आसपास का माहौल पूरी तरह शिवमय बना रहा। भक्तों की संख्या अधिक होने की वजह से गाजीपुर-मऊ मार्ग पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। कांवरियों की सेवा-सत्कार के लिए महाहर धाम तक कई स्थानों पर कैंप लगाए गए थे। इन कैंपों पर मौजूद लोग कांवरियों से प्रसाद ग्रहण करने के लिए अनुरोध करते रहे। कैंपों में कांवरियों के लिए प्रसाद के साथ ही दवा आदि की भी व्यवस्था की गई थी।