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गो-आश्रय होंगे अब सीसीटीवी की निगरानी में

Sat, 03 Sep 2022 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 11:57 PM IST
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Go-shelters will now be under CCTV surveillance
जिले के गो-आश्रय स्थल सीसीटीवी कैमरे से लैस होंगे। इसके लिए जल्द ही कवायद शुरू की जाएगी। इससे पशुओं की निगरानी एवं अन्य व्यवस्थाएं सुदृढ़ हो सकेंगी। पशुपालन विभाग निर्देश पाकर कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे लगाने हैं, इसकी सूची बनाने में जुट गया है।
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बेसहारा पशुओें की देखरेख एवं सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से जनपद में स्थाई और अस्थाई गो- आश्रय स्थल स्थापित कराये गये हैं। वर्तमान समय में दो स्थाई एवं 31 अस्थाई गो- आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इनमें करीब 2588 गोवंश मौजूद हैं। इनके लिए 30 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश के हिसाब से भोजन आदि के खर्च की व्यवस्था की गई है।
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इसके साथ ही प्रतिदिन एक पशु चिकित्सक इन गोवंशों की देखभाल एवं उपचार के लिए गो आश्रय स्थल का निरीक्षण करता है। लगभग सभी गो आश्रय स्थलों में बड़ी संख्या में गोवंश रखे गए हैं। प्रतिदिन एक-एक पशु की जांच संभव नहीं हो पाती है। परिणाम स्वरूप कई पशु बीमार हो जाते हैं, उनके बारे में तत्काल जानकारी नहीं मिल पाती है।
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जब वे ज्यादा बीमार हो जाते हैं अथवा गिर जाते हैं, तब पता चलता है कि गोवंश बीमार है। गोवंश की अच्छी तरह से देखरेख एवं निगरानी के लिए गो आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरों की आवश्यकता लंबे से महसूस की जा रही है। जल्द ही आवश्यकतानुसार गो आश्रय स्थल का चयन कर सीसीटीवी कैमरों से लैस किए जाएंगे।
साफ-सफाई सहित गतिविधियों पर रहेगी नजर
देखरेख के अभाव के साथ साफ-सफाई और पशुओं के चारे की व्यवस्था न होने के चलते अभी भी कई गो-आश्रय स्थल में रखे गए गोवंशों की मौत हो जाती है। इसकी जानकारी भी नहीं हो पाती है।
वजह वहां तैनात कर्मियों द्वारा लापरवाही बरती जाती है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरों के लैस हो जाने से निगरानी हो सकेगी और जरूरत के मुताबिक पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उन गो- आश्रय स्थलों पर पहुंचकर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ठोस कदम उठा सकेंगे।

शासन की ओर से दिशा निर्देश जारी होते ही स्थान चिह्नित कर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लगने से निगरानी हो सकेगी। - एसके रावत, जिला पशु चिकित्साधिकारी।
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