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ओजाेन के बारे में देकर ज्ञान घर ले गईं इनाम
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विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भूगोल विभाग की छात्राओं ने सहकारी कॉलोनी आमघाट में ओजोन गैस तथा ओजोन परत क्षरण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। छात्राओं ने पार्क स्थित गांधी जी की प्रतिमा की सफाई तथा माल्यार्पण कर पार्क को स्वच्छ किया। कॉलोनी के निवासियों को रेफ्रिजरेटर, एसी और डियोड्रेंट-परफ्यूम के अधिक प्रयोग से निकलने वाले क्लोरोफ्लोरो कार्बन, हेलोन, ब्रोमाइड आदि गैसों से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया।
अभियान में मुख्य अतिथि कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर जी सिंह कश्यप ने वायुमंडल की संरचना तथा संगठन पर्यावरण का महत्व बताते हुए कहा कि ओजोन परत को ऑप्शन इकाई में मापा जाता है। पराबैगनी किरणें एबीसी तीन प्रकार की होती हैं। यह किरणें अमीनो एसिड, प्रोटीन तथा शरीर में बदलाव को व्यापक रूप से प्रभावित करती हैं।
डॉ. संतन कुमार राम ने बताया कि ओजोन एक हल्के नीले रंग की गैस होती है, जो आक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर प्राकृतिक रूप से बनती है और वातावरण में बहुत कम मात्रा में पाई जाती है। जब सूर्य की किरणें वायुमंडल से ऊपरी सतह पर आक्सीजन से टकराती हैं तो उच्च ऊर्जा विकिरण से इसका कुछ हिस्सा ‘ओजोन’ में परिवर्तित हो जाता है। ओजोन गैस सूर्य से निकलने वाली पराबैगनी किरणों से मनुष्य तथा जीव-जंतुओं की रक्षा करती है। ओजोन दिवस से संबंधित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में अंजली एवं अनिशा कुशवाहा पहले, सैयद बुशरा अली, अंकिता गुप्ता, समरा फ़िरदौस, वर्षा यादव दूसरे तथा चांदनी मिश्रा, श्रेया मौर्य, श्रेया गुप्ता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पुरस्कार वितरण प्राचार्य प्रो. सविता भारद्वाज ने वितरित किया। जागरूकता अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अमित यादव, मोहम्मद इखलाक खान आदि मौजूद रहे।
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अभियान में मुख्य अतिथि कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर जी सिंह कश्यप ने वायुमंडल की संरचना तथा संगठन पर्यावरण का महत्व बताते हुए कहा कि ओजोन परत को ऑप्शन इकाई में मापा जाता है। पराबैगनी किरणें एबीसी तीन प्रकार की होती हैं। यह किरणें अमीनो एसिड, प्रोटीन तथा शरीर में बदलाव को व्यापक रूप से प्रभावित करती हैं।
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डॉ. संतन कुमार राम ने बताया कि ओजोन एक हल्के नीले रंग की गैस होती है, जो आक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर प्राकृतिक रूप से बनती है और वातावरण में बहुत कम मात्रा में पाई जाती है। जब सूर्य की किरणें वायुमंडल से ऊपरी सतह पर आक्सीजन से टकराती हैं तो उच्च ऊर्जा विकिरण से इसका कुछ हिस्सा ‘ओजोन’ में परिवर्तित हो जाता है। ओजोन गैस सूर्य से निकलने वाली पराबैगनी किरणों से मनुष्य तथा जीव-जंतुओं की रक्षा करती है। ओजोन दिवस से संबंधित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में अंजली एवं अनिशा कुशवाहा पहले, सैयद बुशरा अली, अंकिता गुप्ता, समरा फ़िरदौस, वर्षा यादव दूसरे तथा चांदनी मिश्रा, श्रेया मौर्य, श्रेया गुप्ता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पुरस्कार वितरण प्राचार्य प्रो. सविता भारद्वाज ने वितरित किया। जागरूकता अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अमित यादव, मोहम्मद इखलाक खान आदि मौजूद रहे।
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