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Ghazipur: सांप के डंसने पर हार्ट अटैक से होती है दो तिहाई मौतें, बारिश में बढ़ गई सर्पदंश की घटनाएं

Thu, 13 Jul 2023 11:48 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर Published by: किरन रौतेला Updated Thu, 13 Jul 2023 11:48 AM IST
सार

जनपद में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। हालांकि समय से इलाज शुरू होने से किसी की जान बच जा रही है तो देरी करने पर खतरे में भी पड़ जा रही है। चिकित्सक बताते हैं कि इस मौसम में सावधानी की जरूरत है। अगर सांप डंसता है तो झाड़फूंक में न फंसकर पीड़ित को लेकर तत्काल अस्पताल आए, नहीं तो मरीज की जान जा सकती है।

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Ghazipur: Two-thirds of deaths due to heart attack due to snake bite, incidents of snakebite increased in rain
सांप के डंसने पर हार्ट अटैक से होती है दो तिहाई मौतें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आप अगर रात में घर से निकल रहे हैं या फिर अंधेरे में कमरे में जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। वजह बारिश और जलभराव के बाद सांप सीवान और खेत छोड़कर गांव में चले आए हैं। ऐसे में जरा सी चूक हुई तो वह डंस ले रहे हैं। जानकार बताते हैं कि बारिश के मौसम में आम दिनों की तुलना में सर्प दंश की घटनाएं पांच से छह गुना बढ़ जाती हैं। यहीं नहीं, आमतौर पर देखा गया है कि सर्पदंश से दो तिहाई मौतें हार्ट अटैक से होती हैं।

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जनपद में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। हालांकि समय से इलाज शुरू होने से किसी की जान बच जा रही है तो देरी करने पर खतरे में भी पड़ जा रही है। चिकित्सक बताते हैं कि इस मौसम में सावधानी की जरूरत है। अगर सांप डंसता है तो झाड़फूंक में न फंसकर पीड़ित को लेकर तत्काल अस्पताल आए, नहीं तो मरीज की जान जा सकती है। वहीं, पक्षी विज्ञानियों के मुताबिक सांप बहरा होने के कारण सुनते नहीं हैं। आंखों के सहारे हिलती-डुलती चीज को देखकर और धरती के कंपन के अनुमान पर आक्रमण करते हैं। सांप जब हमलावर दिखें तो भागने की बजाय उनके ऊपर कपड़ा या रूमाल फेंकना चाहिए, जिससे वह उसमें फंस जाएं। सर्पदंश पर घबराये नहीं, आराम से लेट जायें, कपडे़ ढीले कर दें, चूड़ी, कड़े, घड़ी अंगूठी जैसे आभूषण निकाल दें। छोटे बच्चे, वृद्ध और अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में जहर का असर गंभीर हो सकता है, इनके उपचार में देरी न करें। घाव के साथ छेड़छाड़ न करें। दौड़ने भागने से जहर तेजी से शरीर में फैलता है। सर्प दंश से पीड़ित व्यक्ति को मदिरा, नशे की कोई चीज और कैफीनेटेड ड्रिंक्स न दें। झांड़-फूंक से बचें और पीड़ित को जल्द अस्पताल ले जाएं। इससे मरीज को बचाया जा सकता है।

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Ghazipur: Two-thirds of deaths due to heart attack due to snake bite, incidents of snakebite increased in rain
सर्पदंश - फोटो : अमर उजाला

बारिश में सजग रहने की जरूरत
दिलदार नगर निवासी बुजुर्ग जनार्दन ज्वाला कहते हैं कि बारिश के इस मौसम सजग रहने की जरूरत है। जूता-चप्पल, कपड़ा पहने समय जरूर चेक कर लें। सर्प दिखने पर पास न जाए और न ही उसे मारने की कोशिश करें, उसे बचकर जाने दें। हलचल एवं कंपन आदि से सांप दूर भागते हैं।

साबुन निकालते समय सर्पदंश से बालिका की मौत
दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के मेहंदीपुर गांव में को जर्जर दीवार के होल में रखे साबुन को निकालते समय सर्पदंश से बालिका की मौत हो गई। घटना के बाद रोने- बिलखने से गांव में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव निवासी अंशिका (8) चाचा पप्पू मद्धेशिया के घर पर रहती थी। सुबह नहाने के लिए अंशिका मकान की दीवार के होल में रखे साबुन निकाल रही थी। इसी दौरान सर्प ने डंस लिया। बालिका ने परिजनों से बताया कि कुछ डंस लिया है, इस पर परिवार के लोग उसे झाड़-फूंक के साथ ही स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धामूपुर इलाज के लिए लेकर आए। जहां पर चिकित्सकों ने हालत देखकर तत्काल रेफर कर दिया। परिजन उसे उपचार के लिए मऊ फातिमा अस्पताल गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद भी परिजनों का दिल नहीं माना तो सैदपुर स्थित चर्च दिखाने ले गए, फिर भी मासूम जिंदा नहीं हो पाई। घटना की जानकारी होते ही परिजनों के रोने बिलखने से गांव में मातम पसरा रहा। इधर ग्रामीणों ने जर्जर दीवार से सर्प को खोजकर उसे मार डाला। परिजन बालिका का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, जिससे पुलिस को कोई सूचना नहीं दी।

Ghazipur: Two-thirds of deaths due to heart attack due to snake bite, incidents of snakebite increased in rain
sanke bite, सर्पदंश - फोटो : फाइल फोटो

धान की रोपाई कर रहे महिला की सर्पदंश से मौत
रेवतीपुर थाना क्षेत्र के उत्तरौली गांव में मंगलवार की देर शाम को धान की रोपाई करते समय सर्पदंश से महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों के रोने- बिलखने से गांव में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव निवासी रमेश राजभर ने बताया कि पत्नी पूजा रानी (24) खेत में परिवार और अन्य लोगों के साथ धान के नर्सरी की रोपाई कर रही थी। इसी दौरान वह जोर से चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर खेत में धान में रोपाई कर रहे अन्य परिजन मौके पर पहुंच तो देखा कि सांप बाएं पैर में घुटने के ऊपर जकड़े हुए था। डंडे से किसी तरह छुड़ाया गया। आनन- फानन में परिवार के लोग उसे गहमर स्थित बक्कश बाबा मंदिर ले गए। वहां आराम न मिलने पर उसे बरेसर थाना क्षेत्र के अमवा सती धाम ले जाया गया। जहां हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद महिला को उपचार के लिए अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही मौत हो गई। पति रमेश राजभर ने बताया कि चार वर्ष पूर्व गहमर कोतवाली क्षेत्र के देवकली गांव में शादि हुई थी। इस संबंध में थानाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।

एंटी स्कैन वेनम इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्ध जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी में में है। सर्पदंश की घटना के बाद सीधे अस्पताल आकर उपचार कराए, झाड़फूंक से दूर रहें।- डॉ. देश दीपक पाल, सीएमओ

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