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गाजीपुरः आधा-अधूरा बन कर तैयार बायोमीथेनेशन संयंत्र, धूल फांक रहे दो कमरे, प्लांट में लग रही जंग

Wed, 18 Aug 2021 11:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 11:14 PM IST
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Ghazipur: Half-finished biomethanation plant, two rooms gathering dust, rusting in the plant
बायोमीथेनेशन संयंत्र की टंकी में लग रहा जंग। संवाद - फोटो : GHAZIPUR
जहां से बहनी चाहिए थी विकास की गंगा वहां पसरा है सन्नाटा। जी हां, गाजीपुर के जमानिया क्षेत्र के स्टेशन बाजार स्थित पटखौलिया मुहल्ले में कांशीराम आवास के पास बायो मीथेनेशन संयंत्र का शिलान्यास 31 जनवरी 2020 को किया गया था। इसके बाद क्षेत्र के किसानों को उम्मीद जगी थी कि अब क्षेत्र में जैविक खाद की उपलब्धता होगी और किसानों को इससे राहत मिलेगी लेकिन आज तक यह बनकर तैयार नहीं हो पाया।
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मालूम हो कि नगर पालिका परिषद के रेलवे स्टेशन वार्ड पांच पटखौलिया मुहल्ला में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र परमाणु ऊर्जा विभाग भारत सरकार की तरफ से गीले कूड़े से निजात दिलाने के लिए विकसित बायोमीथेनेशन संयंत्र का शिलान्यास नगर पालिकाध्यक्ष एवं स्वच्छ भारत मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक पूजा दूबे ने संयुक्त रूप से किया था। इस प्लांट से गीले कूड़े को कंपोज कर उच्च श्रेणी की जैविक खाद बनाई जाएगी। इस प्रक्रिया से निकलने वाले मीथेन गैस को इकठ्ठा किया जाएगा। इससे आगे चलकर बिजली उत्पादन सहित घरेलू गैस वितरण के लिए प्रयोग में लाया जा सकेगा। जैविक खाद को नगर पालिका द्वारा सस्ते दर में किसानों को उपलब्ध कराएगा। इससे नगर पालिका की आय तो बढ़ेगी ही साथ ही पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा। इस योजना से क्षेत्र में रोजगार एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
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शिलान्यास के साथ ही क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी कि अब नगर साफ होगा और किसानों को जैविक खाद घरेलू गैस आदि मिलेगी लेकिन सब धरा का धरा रह गया। 38 लाख रुपये की लागत से बनकर आधा-अधूरा तैयार यह प्लांट नगर पालिका को मुंह चिढ़ा रहा है। बने हुए दो कमरे धूल फांक रहे हैं और प्लांट में जंग लग रहा है। उसके बाद बनाया जा रहा शेड आधा-अधूरा पड़ा हुआ है। इससे सरकारी धन की बर्बादी तो हो रही है साथ ही इस प्लांट को जिस उद्देश्य के लिए बनाया गया उसकी पूर्ति भी नहीं हो पा रही है। न ही क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ ही मिल पा रहा है। इस संबंध में स्वच्छ भारत मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक पूजा दूबे ने बताया कि इसे अब तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए था लेकिन क्यों नहीं बन पाया है। इसके बारे में पता कर जल्द पूर्ण कराया जाएगा।
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