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गंगा तटों पर उमड़ी आस्था की गंगा

Tue, 08 Nov 2022 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Nov 2022 11:45 PM IST
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Ganges of faith gathered on the banks of the Ganges
शहर सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा मंगलवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर आसपास के मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। स्नान के चलते प्राय: सभी घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ रही।
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कार्तिक मास की पूर्णिमा पर गंगा में स्नान करने से विशेष फल मिलता है। इस दिन स्नान-ध्यान एवं दान का विशेष महत्व होता है। पुराणों के अनुसार जो श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा के दिन शुभ मुहुर्त में नदी में स्नान एवं तुलसी को दीप जलाते हैं, उनके सारे दुख दूर होते हुए मंगल कामना की प्राप्ति होती है। कार्तिक का यह माह पवित्र माना जाता है।
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पूर्णिमा पर स्नान के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं के गंगा घाटों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शहर के ददरीघाट, नवापुरा, चीतनाथ, कलेक्टरघाट, सिकंदरपुर घाट, बड़ा महादेवा घाट, स्टीमरघाट के साथ ही मुहम्मदाबाद, सैदपुर, औड़िहार, करंडा स्थित गंगा घाटों से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के पोखरों-सरोवरों पर लोगों ने स्नान कर सूर्य को जल अर्पित किया। इसके बाद आसपास के मंदिरों में दर्शन-पूजन कर दान किया। स्नान-ध्यान का सिलसिला घंटों चलता रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने यहां आकर स्नान किया। घाटों पर भीड़ के चलते मेले जैसी स्थिति बनी रही।
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जमानिया संवाददाता के अनुसार श्रद्धालुओं ने साधू घाट कंकड़वा घाट जमदग्नि-परशुराम गंगा घाट मुनान घाट चक्काबांध आदि गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। ज्योतिषाचार्य संतोष पांडेय ने बताया कि हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर देवता पृथ्वी पर आकर गंगा में स्नान करते हैं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए। गंगा स्नान कर पाने में असमर्थ लोगों ने पानी में गंगाजल डालकर घर में ही स्नान किया। स्नान के बाद क्षमतानुसार दान भी किया। पूर्णिमा तिथि पर चावल का दान करना बहुत ही शुभ माना गया है। पूर्णिमा तिथि पर दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में सुख और लक्ष्मी की वर्षा होती है। किसी भी घाट पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस नहीं दिखाई दी।
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