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खतरा बिंदु छूने को बेताब गंगा: बाढ़ से गाजीपुर में 400 बीघा फसल जलमग्न, बाइपास मार्ग पर आवागमन बंद; परेशानी

Mon, 31 Aug 2026 09:56 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 31 Aug 2026 09:56 PM IST
सार

गंगा का जलस्तर खतरा बिंदु छूने को बेताब है। बढ़ते जलस्तर के कारण रेवतीपुर-कामाख्या बाइपास मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। बाढ़ का पानी वीरऊपुर और हसनपुरा गांव की गलियों में घुस गया है। वहीं, जिले में 400 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई है। इससे ग्रामीणों और किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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Ganga poised touch danger mark 400 bighas of crops submerged in Ghazipur due to floods traffic on bypass
बस्ती में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : संवाद

विस्तार

गाजीपुर जनपद में गंगा नदी खतरा बिंदु 63.105 मीटर छूने को बेताब दिख रही है। गंगा में लगातार बढ़ाव जारी है। सोमवार की शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 62.920 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में बढ़ाव की प्रति घंटे तीन सेमी की रफ्तार थी। वहीं बाढ़ का पानी पसर जाने के कारण आठ किलोमीटर लंबा रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम बाइपास मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। जनपद में 400 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो चुकी है।

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बाढ़ से सबसे अधिक ज्वार, बाजरा, सब्जी व चरी की फसल को पहुंचा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। लोग अपने आशियाने व फसल उजड़ने के खतरे को लेकर चिंतित नजर आ रह हैं। वहीं पशु पालकों को अपने मवेशियों के लिए चारे की दिक्कत भी सताने लगी है। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 62.690 मीटर दर्ज किया गया। 
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प्रति घंटे तीन सेमी की रफ्तार से गंगा नदी बढ़ रही थी। सुबह 11 बजे गंगा का जलस्तर 62.770 मीटर दर्ज किया गया। बढ़ाव की रफ्तार दो सेमी प्रति घंटे दर्ज की गई। सुबह 11 बजे बढ़ाव की रफ्तार में कमी आने के बाद शाम पांच बजे दोबारा गंगा का जलस्तर तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगा।

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प्रशासन ने किया रेस्क्यु
गंगा का जलस्तर बढ़ने से जमानिया तहसील क्षेत्र के तटवर्ती डरे हुए नजर आ रहे हैं। डुहियां गंगबरार क्षेत्र में फंसे 2500 भेड़ों व पशु पालकों लगभग 12 पशु पालकों को प्रशासन की ओर से रेस्क्यु किया गया। भेड़ें ढढ़नी, मतसा, जीवपुर, तियरी, जंगीपुर और अधियारा गांव के पशुपालकों की थीं।

वीरऊपुर व हसनपुरा बाढ़ से घिरा
रेवतीपुर क्षेत्र के नगदीलपुर, वीरउपुर और हसनपुरा गांवों के लोग सहमे हुए है। बाढ़ का पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है। रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम मार्ग पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूबने से बंद हो चुका है, जिससे आवागमन करने वाले लोगों को दूसरे तरफ से जाना पड़ रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वीरऊपुर और हसनपुरा गांव के चारों तरफ पानी फैल जाने के कारण आने-जाने के अधिकांश रास्ते बंद होने की कगार पर हैं। लगातार पानी बढ़ने की वजह से ब्लॉक क्षेत्र के कल्याणपुर, नारायणपुर, रामपुर, नसीरपुर ,अठाहठा, गांव के लोग भी चिंतित हैं। क्षेत्र में करीब 150 बीघा खेत जलमग्न है।

सोमवार को रेवतीपुर ब्लॉक क्षेत्र के हसनपुरा, बीरउपुर और नगदीलपुर गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दौरा किया। वहीं प्रभारी सीएमओ डॉ. रामकुमार, एडिशनल सीएमओ डॉ. मनोज कुमार सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमर कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। दावा किया गया कि मेडिकल कैंप लगाया गया है।

दोबारा खड़ी हुई मुसीबत
औड़िहार। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण हथौड़ा, पटना, शादीभादी, औड़िहार, जौहरगंज, सैदपुर, फुलवारी खुर्द, फुलवारी कला, देवचंदपुर, चकेरी, रामपुर मांझा आदि गांवों के सामने विकट स्थिति दोबारा खड़ी हो गई है। नेनुआ, करेला, लौकी, परवल, भिंडी, बैंगन के साथ ही धान व चरी की फसल को अधिक नुकसान पहुंच रहा है। पटना निवासी संतोष यादव ने बताया कि अब बाढ़ का पानी घरों की तरफ आने का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन की तरफ से कोई टीम अभी तक गांव में नहीं आई जबकि यह गांव बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील रहा है।

200 बीघा फसल लील गया बाढ़
सैदपुर। गंगा के बाढ़ से 200 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो चुकी है। गंगा-गोमती की संगम स्थली पटना और जौहरगंज तक पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। बाढ़ से मक्का, ज्वार, उर्द, तुरई, लौकी, सीताफल, बोड़ा, भिंडी आदि की फसल जलमग्न हो चुकी है। आरजी गंज, कोल्हुआ टोला, गायघाट, मीरपुर तिरवाह, रावल, फुलवारी कला फुलवारी खुर्द, टोडरपुर, देवचंदपुर, दुबईथा, रामपुर माझा गांवों के लोग बाढ़ से प्रभावित नजर आ रहे हैं।

गोमती के उफान से पानी में डूबा गौरी-तेतारपुर मार्ग
गंगा और गोमती के जलस्तर में दूसरी बार बढ़ोतरी से तटवर्ती गांवों में मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। गौरी से तेतारपुर जाने वाला मुख्य मार्ग पानी में डूब गया है। तेतारपुर आने-जाने के लिए अब बहुरा होकर जाने वाला एकमात्र रास्ता ही बचा है।पटना, हथौड़ा, कुसही, खरौना, हथौड़ी, सिधौना, गौरी, गोरखा, गौराहट और तेतारपुर गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। गौरहट और तेतारपुर चारों तरफ पानी से घिर गए हैं। पटना गांव से बाहर निकलने वाले चार रास्तों में अब केवल एक मार्ग बचा है। जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो यह रास्ता भी डूब सकता है।

गंगा का जलस्तर शाम पांच बजे 62.920 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटे तीन सेमी की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। - अशोक राय, आपदा विशेषज्ञ

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