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Ghazipur News: जन्माष्टमी पर 45 साल से स्वचालित मूर्तियों से श्रीकृष्ण की 17 लीलाएं होती हैं जीवंत

Fri, 04 Sep 2026 01:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:24 AM IST
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For the past 45 years, automated idols have been enacting 17 divine acts of Lord Krishna on Janmashtami.
रायफल क्लब में बनी कृष्ण लीला की झांकियां। संवाद
गाजीपुर। कलेक्ट्रेट में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजने वाली स्वचालित कृष्णलीला की झांकियों की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। करीब 45 साल पहले जिन कारीगरों ने कलेक्ट्रेट में पहली बार स्वचालित मूर्तियों के जरिये कृष्ण लीलाओं को जीवंत किया था, अब उनकी तीसरी पीढ़ी इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है। बक्सर से पहुंची टीम के चार सदस्य दिन-रात झांकियों के लिए मूर्तियां और स्वचालित ढांचे तैयार करने में जुटे हैं। बृहस्पतिवार की देर शाम को कारीगरों ने इन झांकियों को कलेक्ट्रेट परिसर में लगाना शुरू कर दिया है।
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कारीगर राजेश कुमार ने बताया कि 1982 में उनके उस्ताद और चाचा अनंत कुमार को तत्कालीन जिलाधिकारी के अर्दली जयराम बक्सर से गाजीपुर लेकर आए थे। अनंत कुमार ने एक सहायक के साथ कलेक्ट्रेट में पहली बार कृष्ण लीलाओं की स्वचालित मूर्तियां तैयार की थीं। इसके बाद 1986 में उनके साथ शिवजी प्रसाद और शिवशंकर प्रसाद भी गाजीपुर आए। दोनों ने झांकियों के निर्माण का काम संभाला।
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1991 में राजेश कुमार भी अनंत कुमार के साथ गाजीपुर पहुंचे और लाग कारीगरी की बारीकियां सीखीं। इसके बाद स्वचालित ढांचे तैयार करने की जिम्मेदारी उन्होंने संभाल ली। 2024 में शिवशंकर प्रसाद के कमजोर होने के बाद उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी के राजकिशोर प्रजापति ने मूर्तियां तैयार करने का जिम्मा लिया। 31 मार्च 2025 को शिवशंकर प्रसाद के निधन के बाद राजकिशोर मुख्य मूर्तिकार बने। उनके छोटे भाई विजय प्रजापति भी अब इस काम में हाथ बंटा रहे हैं।
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17 झांकियों में जीवंत होंगी कृष्ण लीलाएं
इस बार कलेक्ट्रेट में 17 झांकियां सजाई जाएंगी। इनमें वासुदेव की यमुना पार करने, यशोदा के माखन निकालने और कृष्ण को डांटने, पूतना वध, कालिया नाग मर्दन, बकासुर वध, शिशुपाल वध, कंस वध और रासलीला समेत विभिन्न प्रसंग स्वचालित मूर्तियों के माध्यम से दिखाए जाएंगे। हनुमान के सीना फाड़ने की झांकी भी आकर्षण का केंद्र होगी।

27 अगस्त से हो रहा निर्माण
राजेश कुमार के अनुसार टीम 27 अगस्त को बक्सर से गाजीपुर पहुंची थी। इसके बाद रायफल क्लब सभागार परिसर में झांकियों का निर्माण शुरू किया गया। बृहस्पतिवार की शाम तक इन झांकियों को तैयार कर लिया गया है। देर शाम को इन झांकियों को रायफल क्लब सभागार परिसर से निकालकर कलेक्ट्रेट परिसर में लगा दिया गया है, जिसे चार अगस्त की दोपहर तक लाग कारीगरों (स्वचालित मूर्तियों को तैयार करने वाले कारीगर) की टीम इनको इंस्टॉल कर देगी। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इनका दर्शन करने पहुंचते हैं।

रायफल क्लब में बनी कृष्ण लीला की झांकियां। संवाद

रायफल क्लब में बनी कृष्ण लीला की झांकियां। संवाद

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